खाद की मारामारी से किसानों को नहीं मिल रही निजात
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । एक और जहां सरकार किसानों को भरपूर खाद उपलब्ध होने का सब्जबाग दिखा रही है। वहीं जिला प्रशासन भी निरंतर सोसायटियों और वेयरहाउस को निर्देशित कर रहा है कि किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होना चाहिए जिसको लेकर निरंतर जिला स्तर पर बैठक आयोजित कर समीक्षा की जा रही है। बावजूद इसके खाद की मारामारी से किसानों को निजात नहीं मिल पा रही। आज भी किसान सुबह 5 बजे से वेयरहाउस की विंडो पर लाइन लगाकर धक्का मुक्की से खाद हासिल करने के लिए मजबूर है।
वेयरहाउस हो या सोसाइटी सभी जगह किसानों की लंबी-लंबी लाइनें इस बात को प्रदर्शित करती हैं कि उन्हें आसानी से खाद उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
सरकार के वायदे और अधिकारियों की समीक्षा सिर्फ कागजी खानापूर्ति के लिए कि जाना प्रतीत हो रही है जमीनी स्तर पर किसानों को खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है उन्हें डीएपी और यूरिया खाद ऊंट के मुंह में जीरा के समान उपलब्ध कराया जा रहा है।
किसान सौरभ शर्मा बाल गिरी गोस्वामी नर्मदा प्रसाद, अजहर पटेल आदि ने बताया कि कभी टोकन दिए जाते हैं कभी सर्वर डाउन होने का बहाना बनाया जाता है बार-बार किसानों को गांव से शहर आने की परेशानी उठाना पड़ रही है उसके बावजूद कभी चार बोरी कभी पांच बोरी खाद उपलब्ध हो पा रही है और कभी बैरंग वापस लौटना पड़ता है। किसानों की मांग है कि सोसाइटी ऊपर ही पर्याप्त खाद उपलब्ध करा दिया जाए तो उन्हें शहर के चक्कर नहीं लगाना पड़े।
इस संबंध में वेयर हाउस संचालक कपिल तिवारी का कहना है कि जिले से जितनी भी खाद भेजी जा रही है उसे तत्काल वितरित किया जा रहा है और सोसाइटियों में भी भेजा जा रहा है। खाद की कमी नहीं है। किसानों की भीड़ को देख कर दो विंडो से खाद वितरण कराया जा रहा है।



