प्लास्टिक पन्नी खा खा कर पशु हो रहे बीमार
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । प्लास्टिक की पन्नी का उपयोग प्रतिबंधित होने के बावजूद लोग प्लास्टिक की ही थैलियों का उपयोग कर रहे है। शादी समारोह में प्लास्टिक डिस्पोजल व पन्नी उपयोग करने के बाद नालों व नालियों के किनारे छोड़ दी जाती है जिसमें बचा हुआ भोजन आदि खाने के चक्कर में पशु पन्नी भी खा लेते है और बीमार हो जाते है। जिसके कारण उनकी मौत हो जाती । यह नजारा है गांधी बाजार स्थित कचरा घर का जहां विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होने के बाद आयोजक सफाई कराने के बाद कचरा घूरो पर फिकवा देते हैं। जिन्हें पशु अपना ग्रास बनाते है।
जगह जगह मर मरे पशु:- विगत कई दिनों से कुछ पशु अकारण मौत के मुंह में चले गए जिन्हें लोग पन्नी के दुषपरिणाम मान रहे है। ब्लाक परिसर में स्थित कुए के पास एक गाय की मौत हो या फिर दशहरा मैदान में एक बैल की मौत का मामला हो या फिर हदाईपुर मोहल्ला, चौपड़ा, अथवा लोहा मील के पास यहां पर कई मवेशी अकारण मौत की नींद सो गए सूचना पर नगर पालिका द्वारा उक्त मवेशियों को वहा से हटवाकर लोगों को राहत प्रदान की।
इस सबके बावजूद लोग पन्नी का उपयोग कर उसे हर कही फेंकने से बाज नही आ रहे हैं। जबकि नगर पालिका द्वारा घर-घर से कचरा उठाने के लिए वाहन भेजे जा रहे हैं । लेकिन स्वच्छता के प्रति लापरवाह लोग हर कहीं कचरा फिकवा रहे हैं सही कहा जाए तो मवेशियों की मौत के लिए ऐसे ही लापरवाह लोग जिम्मेदार है जिनके कारण मूक पशु मौत के मुंह में जा रहे है।
क्या कहते है पशु चिकित्सक:- डा. एनके तिवारी का कहना है कि दर्जनों गाय बैल भैंस के आपरेशन कर उनकी जान बचाई गई है उन सबमें प्लास्टिक की पन्नी, रस्सी व अन्य चीजेंपाई गई जो एक गांठ के रूप में मवेशी के पेट में जमा हो जाती है जिनके कारण समय पर उपचार नहीं मिलने से उनकी मौत हो जाती है। लोगो को पन्नी के उपयोग से बचना चाहिए जिससे मवेशियों की जान सुरक्षित रह सके।



