आज का पंचांग सोमवार, 26 दिसम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 26 दिसम्बर 2022
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
🐁 26 दिसम्बर 2022 दिन सोमवार को पौष मास के शुक्ल पक्ष कि वैनायकी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत है। आप सभी सनातनियों को वैनायकी श्रीगणेश चतुर्थी के पावन व्रत की हार्दिक शुभकामनायें। आज से तीन दिनों तक चलने वाला पंजाब का जोरमेला प्रारम्भ होता है। आप सभी सनातनियों को श्रीगणेश चतुर्थी व्रत एवं जोरमेला की हार्दिक मंगलकामनाएँ।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – पौष माह
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : चतुर्थी – 01:37 ए एम, दिसम्बर 27 तक पञ्चमी
✏️ तिथि स्वामी : चतुर्थी (चौथ) के देवता हैं शिवपुत्र गणेश। इस तिथि में भगवान गणेश का पूजन से सभी विघ्नों का नाश हो जाता है। यह खला तिथि हैं।
💫 नक्षत्र : श्रवण – 04:42 पी एम तक धनिष्ठा
🪐 नक्षत्र स्वामी : श्रवण नक्षत्र मकर राशि या मकर राशि में फैला हुआ है, और निर्माता, भगवान विष्णु शासक हैं।
🔊 योग – हर्षण 21:03 PM तक उपरान्त वज्र योग है।
⚡ प्रथम करण : वणिज – 03:11 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : विष्टि – 01:37 ए एम, दिसम्बर 27 तक बव
🔥 गुलिक कालः- बुधवार शुभ गुलिक काल 10:57:00 से 12:15:00 तक।
⚜️ दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई दर्पण देखकर घर से प्रस्थान कर सकते है।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 07:30 बजे से 09:00 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:47:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:13:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:22 ए एम से 06:17 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:50 ए एम से 07:12 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:01 पी एम से 12:42 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:05 पी एम से 02:46 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:21 पी एम से 05:45 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:31 पी एम से 06:54 पी एम
💧 अमृत काल : 07:27 ए एम से 08:52 ए एम 05:01 ए एम, दिसम्बर 27 से 06:29 ए एम, दिसम्बर 27
❄️ रवि योग : 07:12 ए एम से 04:42 पी एम
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 07:12 ए एम से 04:42 पी एम
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी मंदिर में मखाने भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – विनायक चतुर्थी, जोर मेला (पंजाब) प्रारंभ, विद्यानंद जी महाराज – प्रसिद्ध संत-महात्मा स्मृति दिवस, के. शंकर पिल्लई पुण्य तिथि, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना दिवस, गोपी चन्द भार्गव – ‘गाँधी स्मारक निधि’ स्मृति दिवस, स्वतंत्रता सेनानी – अमर शहीद ऊधम सिंह जयन्ती, मुग़ल सम्राट – बाबर पुण्य तिथि, वीर बाल दिवस, पंचक प्रारंभ 27.30
✍🏽 विशेष – तृतीया तिथि में नमक का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। तृतीया तिथि एक सबला अर्थात बल प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह तृतीया तिथि आरोग्यकारी रोग निवारण करने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस तृतीया तिथि की स्वामिनी माता गौरी और इसके देवता कुबेर देवता हैं। यह तृतीया तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह तृतीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी जाती है।
🗺️ Vastu tips 🗽
कैलेंडर के साथ न लगाएं ऐसी तस्वीरें वास्तुशास्त्र के अनुसार इस बात का विशेष ध्यान रखें कि घर में जिस स्थान पर कैलेंडर लगाया जा रहा हो वहां युद्ध, रक्तपात, शरद ऋतु, सूखे पेड़ या अवसाद से संबंधित तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।
पुराने कैलेंडर के ऊपर नया कैलेंडर न लगाएं: नए कैलेंडर को कभी भी पुराने कैलेंडर के ऊपर नहीं रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार माना जाता है कि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है। वहीं अगर कैलेंडर फटा हुआ हो तो उसे तुरंत घर से बाहर फेंक देना चाहिए।
घर की इस दिशा में लगाएं कैलेंडर वास्तु शास्त्र के अनुसार कैलेंडर को हमेशा घर की पूर्व, पश्चिम और उत्तर दिशा में लगाना चाहिए। कैलेंडर को पूर्व दिशा में रखने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। वहीं दूसरी ओर पश्चिम दिशा में रखा कैलेंडर आवश्यक कार्यों को गति प्रदान करता है। उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा कहा जाता है। ऐसे में इस दिशा में कैलेंडर रखने से आर्थिक लाभ होता है।
इस दिशा में न लगाएं कैलेंडर वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा में कभी भी कैलेंडर नहीं लगाना चाहिए। माना जाता है कि इससे घर के सदस्यों पर बुरा असर पड़ता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अगरबत्ती जलाने के फायदे ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी देवता की पूजा करते समय अगरबत्ती जलाना शुभ माना जाता है। पूजा करते समय अगरबत्ती की महक से घर का वातावरण शुद्ध होता है। अगरबत्ती जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। साथ ही इसकी सुगंध से देवता भी प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा परिवार पर बनी रहती है।
अगरबत्ती को सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसे जलाना शुभ होता है। इससे निकलने वाला धुंआ स्वास्थ्य के लिए लाभकारी वायु कीटाणुओं का नाश करता है। वास्तु के नियमों के अनुसार घर की दक्षिण दिशा में अगरबत्ती जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
बांस की अगरबत्ती अशुभ होती है धार्मिक शास्त्रों में बांस के पेड़ को शुभ माना गया है। शादी समारोह में मंडपम बनाने के लिए बांस की छड़ियों का उपयोग किया जाता है। इस प्रकार बांस की डंडियों से अगरबत्ती भी बनाई जाती है। लेकिन इसकी पूजा करना अशुभ माना जाता है। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार बांस की छड़ी से वंश वृद्धि नहीं होती है। यह पितृसत्ता का निर्माण करता है। इससे घर की बरकत रुक जाती है। इसलिए शास्त्रों में बांस की अगरबत्ती बनाने की मनाही है।
🧉 आरोग्य संजीवनी 🍶
लौंग और हल्दी जैसे मसाले हमारी किचन घर में मौजूद कई मसाले कोरोना वायरस से लड़ने में मदद करते हैं। इनमें हल्दी, हींग, लौंग, काली मिर्च और दालचीनी जैसे मसाले हैं। इन मसलों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण और एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। जिस वजह से आपकी इम्युनिटी मजबूत बन सकती है। इन्हें दूध में डालकर या इन मसालों का काढ़ा बनाकर पिया जा सकता है।
ब्रोकली भी है फायदेमंद ब्रोकली ना केवल स्वाद में बेहतरीन है बल्कि ये सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। अगर आप अपने लंग्स को हेल्दी रखना चाहते हैं तो डाइट में ब्रोकली को जरूर शामिल करें। ब्रोकली एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर होती है जो फेफड़ों को स्वस्थ बनाए रखने में कारगर है। साथ ही इसका सेवन करने से स्टैमिना भी बढ़ जाता है।
मेथी खाने का स्वाद बढ़ाने के अलावा मेथी आपके फेफड़ों के लिए फायदेमंद होती है। मेथी का सेवन करने से लंग्स में संक्रमण का खतरा कम रहता है। इसके साथ ही छाती में जमे कफ को बाहर निकालने में भी मेथी कारगर है। मेथी का सेवन आप चाय में डालकर भी कर सकते हैं।
🌷 गुरु भक्ति योग 🌸
दोस्त हर इंसान की लाइफ में काफी जरूरी होते हैं क्योंकि हर सच्चा दोस्त सुख-दुख में उनके साथ होता है. कई लोगों के सीमित दोस्त होते हैं तो कुछ लोगों की फ्रेंड लिस्ट काफी बढ़ी होती है. जो लोग अनजाने में किसी को भी अपना दोस्त बना लेते हैं कई बार उनको बाद में पछताना भी पड़ता है. हमने शास्त्र में इस बारे में बताया है कि इंसान को कैसे दोस्तों से दूर रहना चाहिए और कैसे दोस्त शत्रु से कम नहीं होते.
शास्त्रों में बताया गया है कि दोस्त बनाते समय कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि आगे चलकर आपका कोई अहित ना हो. तो आइए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम कैसे दोस्तों से दूर रहने का बताते हैं.
परोक्षे कार्यहन्तारं प्रत्यक्षे प्रियवादिनम् ।
वर्जयेत्तादृशं मित्रं विषकुम्भं पयोमुखम् ॥5_
हमारा कहना है कि पीठ पीछे काम बिगाड़ने वाले तथा सामने प्रिय बोलने वाले मित्रों से दूर रहना चाहिए क्योंकि ऐसे दोस्त जहर के समान हो सकते हैं.
विस्तार से समझाते हुए आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि जिस तरह विष से भरे घड़े के ऊपर यदि थोड़ा-सा दूध भी डाल दिया जाए तो भी उसे विष का घड़ा ही कहा जाता है. उसी प्रकार आपके सामने चिकनी-चुपड़ी बातें करने वाला और पीठ पीछे काम बिगाड़ने वाला मित्र भी विष से भरे हुए घड़े के समान होता है. इसलिए इस प्रकार के मित्र को त्याग देना ही उचित है. सच तो यह है कि ऐसे व्यक्ति को मित्र कहा ही नहीं जा सकता, उन्हें शत्रु समझना ही ठीक है.
न विश्वसेत्कुमित्रे च मित्रे चापि न विश्वसेत्।
कदाचित्कुपितं मित्रं सर्वं गुह्यं प्रकाशयेत् ॥6॥
हमारा कहना है कि कुमित्र और मित्र दोनों में से किसी भी पर भी कभी जल्दी विश्वास नहीं करन चाहिए क्योंकि ये दोनों की कभी भी आपके राज किसी अन्य को बता सकते हैं
आईए विस्तार से समझाते हैं कि दुष्ट-चुगलखोर मित्र का भूलकर विश्वास नहीं करना चाहिए और अपनी राज की बातें नहीं बतानी चाहिए. हो सकता है वह आपसे नाराज हो जाए और आपका कच्चा चिट्ठा सबके सामने खोल दे. इससे बाद में आपको पछताना पड़ सकता है क्योंकि आपका भेद जानकर वह मित्र स्वार्थ में आपका भेद खोल देने की धमकी देकर आपको गलत काम करने के लिए विवश भी कर सकता है. अतः हमारा विश्वास है कि जिसे आप अच्छा मित्र समझते हैं उसे भी कभी भी अपने राज ना बताएं क्योंकि कुछ बातों को पर्दे में रखना आवश्यक है.
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⚜️ तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है। अन्यथा इस तृतीया तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है। आज तृतीया तिथि को माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है। आज तृतीया तिथि में एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। आज तृतीया तिथि को भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये। देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है।
तृतीया तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर होता है अर्थात उनकी बुद्धि भ्रमित होती है। इस तिथि का जातक आलसी और मेहनत से जी चुराने वाला होता है। ये दूसरे व्यक्ति से जल्दी घुलते मिलते नहीं हैं बल्कि लोगों के प्रति इनके मन में द्वेष की भावना भी रहती है। इनके जीवन में धन की कमी रहती है, इन्हें धन कमाने के लिए काफी मेहनत और परिश्रम करना पड़ता है।


