बुजुर्ग महिला से दस्तावेज लेखक की सांठगांठ से कराया 33 एकड़ भूमि का दानपत्र का पंजीयन

महिला ने शपथ देकर की कलेक्टर से शिकायत
अहस्तरणीय भूमि के खसरे में छेड़छाड़ कर कराया दस्तावेज का पंजीयन
उपपंजीयक बोले चीचोली के संबंध में कमी वसूली का प्रकरण बनाकर वरिष्ठ कार्यालय भेजा जा रहा है, परासिया मामले में क्रेता दस्तावेज लेखक, विक्रेता जिम्मेदार है ?
सिलवानी । सिलवानी में एक दस्तावेज लेखक की मिलीभगत से एक बुजुर्ग महिला की भूमि का धोखे में रखकर दानपत्र दस्तावेज का पंजीयन कराया गया वही हाईवे किनारे की जमीन में सीमाएं नही दर्शाकर शासन को राजस्व का चूना भी लगाया गया है, वही दूसरे मामले में अहस्तरणीय भूमि को खसरे में छेड़छाड़ कर रजिस्ट्री भी कराई गई है।
ग्राम चीचोली की 81 वर्षीय सरजू बाई पत्नि स्वर्गीय खुमान सिंह रघुवंशी ने शपथ पत्र देकर बताया कि मेरे नाम पटवारी हल्का नंबर 38 तहसील सिलवानी मे खसरा कमांक 87/3 रकवा 6.879 हेक्टेयर लगान 54.33 पैसा एवं खसरा क्रमांक 87/2 रकवा 6.365 हेक्टेयर लगान 50.77 पैसा कुल किता 2 कुल रकवा 13.262 हेक्टेयर मेरे नाम से राजस्व रिकार्ड मे दर्ज है। यह कि ग्राम चीचोली विशिष्ठ ग्राम है जो प्लानिंग क्षेत्र मे है। मैं निसंतान हूँ मेरे कोई पुत्र पुत्रियां नही है मेरे पति के भाई तीन लड़के स्वर्गीय भवानी सिंह, स्वर्गीय बलवंत सिंह, रूपकिशोर है। मेरे पति ने और मैने लगभग 18 एकड़ प्रदीप कुमार रघुवंशी को पूर्व मे दे दी है। अब जो उपरोक्त जमीन को स्वर्गीय बलवंत सिंह एवं रूपकिशोर को देने का वादा किया था और कब्जा दे दिया था।
यह कि दिनांक 4 जून 2024 को पंजीयन कमांक MP292672024A1698780 को प्रदीप कुमार पिता भवानी सिंह और इनके बेटे अक्षतसिंह, पुष्करसिंह ने तथा लेखक रंजीत मिश्रा ने बिना बताये अगूठा लगबा लिया जो इन लोगो की सांठ गांठ के कारण पता चला कि दान पत्र रजिस्टर्ड उप पंजीयक कार्यालय सिलवानी मे दानपत्र करबा लिया है। जो असत्य बिना मेरी जानकारी के है, मैं इनको कोई जमीन नही देना चाहती हूँ।उपरोक्त जमीन को स्वर्गीय बलवंत सिंह एवं रूप किशोर को देना चाहती थी लेकिन उपरोक्त तीन चार व्यक्तियो ने 420 करके सांठ गांठ करके तथा मेरी बिना जानकारी के उक्त पंजीयन करबा लिया है। जो निरस्त करने योग्य है इसका नामांतरण नही किया जावे।
उन्होंने शपथ पत्र में उल्लेख किया है कि वर्तमान मे उपरोक्त सम्पत्ति 2 करोड़ से ऊपर की है तथा स्टाम्प पंजीयन मे सरकार की चोरी की गई है क्योकि यह जमीन सम्पूर्ण सिंचित है और हाइवे रोड एवं प्रधानमंत्री सड़क से लगी हुई उक्त पंजीयन मे रोड की कोई भी स्टाम्प ड्यूटी नही चुकाई है जिसमे सरकारी लाखो मे चोरी की गई है तथा मुझे बिना बताये पंजीयन हुआ है इसलिये इसका नामांतरण ना किया जावे। इनके विरूद्ध शीघ्र से शीघ्र कानूनी दण्ड देकर इनके उपर कानूनी कार्यवाही की जावे। इन्हे दण्ड दिया जावे।
पीड़िता ने इसकी शिकायत शपथ पत्र देकर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, उपपंजीयक कार्यालय में जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की मांग की है।
वही दूसरा मामला ग्राम परसिया का है, जहां विक्रेता प्रभात जैन पिता इमरतलाल जैन ने क्रेता इस्तहाक अहमद और अख्तर खान के नाम खसरा क्रमांक 371/2/1/1 रकबा 0.688 भूमि का पंजीयन 20 जून 2024 को उप पंजीयक कार्यालय सिलवानी में कराया गया है। बताया जाता है कि दस्तावेज लेखक रंजीत मिश्रा और क्रेता, विक्रेताओ ने राजस्व रिकार्ड में जो भूमि अहस्तरणीय है, उस भूमि का ऑनलाइन खसरा निकलवा कर एडिट कर भूमि का हस्तरणीय दर्शाकर खसरे को अपलोड कर उप पंजीयक को गुमराह कर उक्त रजिस्ट्री कराई गई है। वही पिछले कई दिनों से बने हुए मकानों की रजिस्ट्री भी प्लाट में कराई जाकर राजस्व का चूना लगाया गया है।
इस संबंध में उप पंजीयक सुरेन्द्र इवने ने बताया कि ग्राम चीचोली के दस्तावेज में उल्लेखित बिंदुओं के आधार पर दस्तावेज का पंजीयन किया गया है, इस संबंध में जो शिकायत मेरे समक्ष आई है उसके आधार पर मेरे द्वारा कमी वसूली का प्रकरण बनाकर वरिष्ठ अधिकारी को भेजा जा रहा है।
ग्राम परासिया के संबंध दस्तावेज के संबंध में पक्षकारो के द्वारा खसरे में छेड़कानी की गई है तो क्रेता विक्रेता इसके जिम्मेदार है।



