मध्य प्रदेश

इंदिरा एकादशी का व्रत मंगलवार को : पंडित हरिनारायण शास्त्री

रिपोर्टर: सतीश मैथिल
सांचेत । इंदिरा एकादशी व्रत मंगलवार को पंडित हरिनारायण शास्त्री बताते हैं इंदिरा एकादशी के दिन विधि-विधान से व्रत और श्रीहरि की पूजा करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं
पितृ पक्ष में आने वाली इंदिरा एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने के साथ पितरों का स्मरण करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है इंदिरा एकादशी का व्रत मंगलवार को रखा जाएगा। वहीं एकादशी तिथि 6 अक्टूबर को शुरू होकर 7 अक्टूबर की मध्यरात्रि के बाद समाप्त होगी।
ऐसे में अगर आप भी इंदिरा एकादशी का व्रत रखने वाले हैं तो कुछ जरूरी नियमों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। पंडित हरिनारायण शास्त्री बताते हैं हैं इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नही
इंदिरा एकादशी पर क्या करें
इंदिरा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनकर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद पूजा स्थान की सफाई करके भगवान विष्णु की पूजा करें। भगवान को पीले फूल, तुलसी दल, चंदन और नैवेद्य अर्पित कर दीपक जलाएं। पूजा के दौरान ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी कर सकते हैं।
वहीं इंदिरा एकादशी पितृ पक्ष में आती है, इसलिए इस दिन पितरों का स्मरण करके उनकी शांति करना भी शुभ माना जाता है। वहीं इस दिन अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र, फल या जरूरत की वस्तुओं का दान करना मंगलकारी रहता है। वहीं पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध कर्म का भी विधान शास्त्रों में बताया गया है।
इंदिरा एकादशी पर क्या नहीं करना चाहिए
एकादशी व्रत में चावल और अनाज का सेवन नहीं किया जाता। इसलिए व्रत रखने वाले लोगों को चावल, गेहूं, दाल और अनाज से बने भोजन से बचना चाहिए। वहीं इस दिन मांसाहार, शराब का सेवन करने से बचना चाहिए। साथ ही क्रोध, विवाद, झूठ बोलने और किसी का अपमान करने से भी बचना चाहिए

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