SDM के रीडर को रिश्वतखोरी में चार साल का कारावास की सजा

रिपोर्टर : बलवीरसिंह रघुवंशी
विदिशा । विदिशा जिले के एसडीएम के रीडर के रूप में कुरवाई अनाज मंडी का निरीक्षण करने और अनियमितताओं पर कार्रवाई का डर बताकर फिर कार्रवाई से बचाने के नाम पर दो लाख रुपए की रिश्वत मांगने वाले रीडर विक्रमसिंह राजपूत को लोकायुक्त पुलिस की टीम ने 1 मई 2017 को एक लाख रुपए नकद लेते हुए गिरफ्तार किया था। न्यायालय ने अब इस मामले का फैसला किया है। विक्रमसिंह राजपूत को चार साल के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश एवं प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार राठी ने दिया है। मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक ज्योति गोयल ने की। दरअसल, गंजबासौदा निवासी मनीष कुमार चौबे कुरवाई कृषि उपज मंडी में सहायक ग्रेड तीन के पद पर कार्यरत थे। वहीं गंजबासौदा निवासी विक्रमसिंह राजपूत भी कुरवाई एसडीएम के रीडर के रूप में पदस्थ थे। अप्रेल में ही रीडर विक्रमसिंह राजपूत ने दो लोगों के साथ कुरवाई अनाज मंडी का निरीक्षण किया और निरीक्षण में अनियमितताएं बताते हुए वहां के सहायक ग्रेड तीन मनीष कुमार चौबे पर कार्रवाई के लिए कहा। कार्रवाई से बचाने के लिए विक्रमसिंह राजपूत ने मनीषकुमार चौबे से दो लाख रुपए की मांग की।
विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार राठी ने अपने फैसले में लिखा है कि लोक सेवक के पद पर रहते हुए अवैध पारितोषण की मांग की जाना तथा अवैध पारितोषण प्राप्त कर आपराधिक अवचार करना प्रमाणित होना सभ्य समाज में कैंसर की बीमारी की तरह है। ऐसी दशा में आरोपी के द्वारा किए गए अपराध के आर्थिक और सामाजिक प्रभाव को देखते हुए आरोपी को उचित दंड दिया जाना न्यायोचित है।



