पेयजल का भीषण संकट, विद्युत मंडल ने काटी नल-जल योजनाओं की बिजली

बिल जमा नहीं होने से सलैया फाटक, छपरा, इमलिया, बंधी स्टेशन सहित कई गांवों में पानी के लिए मचा हाहाकार
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। स्लीमनाबाद तहसील क्षेत्र के आसपास स्थित सलैया फाटक, छपरा, इमलिया, बंधी स्टेशन सहित कई गांवों में इन दिनों पेयजल संकट गहराता जा रहा है । ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायतों की नल-जल योजनाओं की बिजली विद्युत मंडल द्वारा बकाया बिजली बिल के चलते काट दी गई है । बिजली आपूर्ति बंद होने से नल-जल योजनाएं ठप हो गई हैं और ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है ।
ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी और बरसात के मौसम के बीच भी उन्हें पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ऐसे में ‘भरे आषाढ़ में घोंघा प्यासा’ वाली कहावत इन गांवों में चरितार्थ होती नजर आ रही है ।
ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब नल-जल योजना के तहत निर्धारित जलकर ग्राम पंचायत को नियमित रूप से दिया जाता है, तो फिर बिजली का बिल समय पर जमा क्यों नहीं किया गया? ग्रामीणों से वसूले गए जलकर की राशि का उपयोग कहां किया जा रहा है, इसका भी पंचायतों को स्पष्ट जवाब देना चाहिए ।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा बिजली बिल जमा नहीं किए जाने का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है । बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन काटे जाने के बाद भी संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी ग्रामीणों की पेयजल समस्या को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं ।
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मामले को तत्काल संज्ञान में लेकर नल-जल योजनाओं की विद्युत आपूर्ति बहाल कराई जाए, ताकि गांवों में पेयजल संकट दूर हो सके । ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा को बिजली बिल के विवाद के कारण बंद रखना उचित नहीं है। जिम्मेदार विभागों के बीच समन्वय कर समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए ।
सीईओ अभिषेक कुमार झा जनपद पंचायत बहोरीबंद का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं था फिलहाल आपके द्वारा जानकारी मिली है संबंधित विभाग से बात चीत कर समस्या का निदान जल्द ही कराया जाएगा।



