क्राइम

लोकायुक्त पुलिस ने ASI को 3,500 रुपए की रिश्वत लेते दबोचा

विदिशा । सिविल लाइंस थाने में लूट व मारपीट के आरोपी से रिश्वत लेते हुए एएसआइ को लोकायुक्त पुलिस भोपाल की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा है। शुक्रवार को दोपहर बाद लोकायुक्त पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई मारपीट के आरोपी की लिखित शिकायत पर की है। एएसआइ पर कोर्ट में चालान पेश करने की धमकी देकर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था।
थाने में की गई कार्रवाई के संबंध में लोकायुक्त पुलिस की निरीक्षक रजनी तिवारी ने बताया कि शहर के पास डाबर गांव निवासी विक्रम अहिरवार ने भोपाल पहुंचकर 29 जनवरी को सिविल लाइन थाना विदिशा में पदस्थ एएसआइ संजय सिंह चौहान द्वारा एक लाख रुपए रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम शुक्रवार सुबह विदिशा पहुंची और एएसआइ को रंगे हाथ दबोचने के लिए जाल बिछाया। बताया कि पूर्व में हुई बातचीत के आधार पर शिकायतकर्ता दोपहर करीब ढाई बजे 3500 रुपए की रिश्वत देने थाने पहुंचा। शिकायतकर्ता ने जैसे ही रिश्वत एएसआइ के हाथ में दिया, टीम ने उसे घेर लिया। हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई की। बताया कि शिकायतकर्ता के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में लूट व मारपीट के मामले में प्रकरण दर्ज है। इसी प्रकरण में एएसआइ द्वारा विवेचना की जा रही है। चालान कोर्ट में पेश करने की धमकी देकर एएसआइ द्वारा रिश्वत मांगी गई थी। फिलहाल लोकायुक्त निरीक्षक रजनी तिवारी के नेतृत्व में टीम द्वारा एएसआइ से देर शाम तक पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी रही।
लूट व मारपीट का आरोपी व शिकायतकर्ता विक्रम अहिरवार ने बताया कि उस पर लूट व मारपीट का प्रकरण दर्ज करते हुए 10 जनवरी को जेल भेज दिया गया था। जमानत पर 16 जनवरी को जेल से छूटा। उसके बाद से ही एएसआइ द्वारा एक लाख रुपए रिश्वत की मांगी जा रही थी। अब तक दो बार में 20 हजार रुपए की रिश्वत वह एएसआइ को दे चुका है। बताया कि फिर से 10 हजार रुपए मांगे जा रहे थे। काफी मिन्नत के बाद एएसआइ 3500 रुपए लेने को तैयार हुआ। शुक्रवार को दोपहर करीब ढाई बजे रुपए देते समय पहले से यहां पहुंची लोकायुक्त पुलिस की टीम ने एएसआइ को रंगेहाथ पकड़ लिया।
विक्रम अहिरवार ने 9 जनवरी को नटेरन निवासी एक युवक के साथ कुआंखेड़ी के पास लूट व मारपीट की घटना को अंजाम दिया था। आरोपी ने बाइक व 20 हजार रुपए नकद छीन कर बाइक चालक के साथ मारपीट भी की थी। इसी आरोप में उस पर प्रकरण दर्ज किया गया है।

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