मध्य प्रदेश

बाघ की दहशत ऐसी कि 4 दिन से किसान फसलों में न पानी देने जा पा रहे, न आवारा मवेशियों से कर पा रहे सुरक्षा

वन विभाग की तीन टीमें दिन रात कर रही सर्चिंग, ड्रोन कैमरों से बाघ की लोकेशन की जा रही ट्रेक
ग्रामीण बोले फसलों में पानी नहीं दिया तो हो जाएगी खराब, इसलिए दूसरा पानी देना जरुरी

सिलवानी। इन दिनों हथोड़ा, महगवां, और मोली सहित आधा दर्जन गांवों में पिछले 4 दिनों से बाघ का मूववेंट बना हुआ है, जिसको लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बीते रोज बाघ ने रमाकांत रघुवंशी के खेत में एक गाय का शिकार कर लिया,जिससे यह दहशत और बढ़ गई। अब किसान न तो अपनी फसलों की सिंचाई करने खेतों पर जा पा रहे हैं, न ही रात में खेतों में घुसने वाले आवारा मवेशियों से फसलों की सुरक्षा कर पा रहे हैँ।, जिससे इन दिनों किसानों की फसलें भगवान भरोसे बनी हुई है। किसानों ने बताया कि खेतों में गेंहूं चना की बोवनी हो चुकी है और अब दूसरे पानी देने की स्थिति है। ऐसे में यदि समय पर पानी नहीं दे पाएंगे तो फसल खराब हो जाएगी। सिंचाई के लिए किसानों का दिन और रात दोनों समय खेतों पर जाना मजबूरी बना हुआ है। हालांकि वन विभाग की टीम जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से कहा है कि किसी भी तरह की सूचना से वन विभाग को अवगत करावे तथा अकेले खेत व जंगल के रास्ते न जाए।
रेंज सिलवानी परिक्षेत्र जैथारी के हथोड़ा महंवा क्षेत्र में टाइगर का मूवमेंट देखा गया है। जिसको लेकर सिलवानी वन विभाग के द्वारा एडवाइजरी जारी की गई। वन अफसरों ने गांव वालों से कहा गया है कि वह रात में न निकले और फोटो वीडियो बनाने से बचे। अगर कहीं भी टाइगर का मूवमेंट देखा जा रहा है तो जो वन विभाग के द्वारा जारी किए नंबरों पर तत्काल सूचना दें।
इस समय धान की कटाई के बाद चना एवं गेहूं की फसल की बोवनी का समय चल रहा है जिसमें बोवनी, पलावा के चलते किसान खेतों में ही रहने के लिए मजबूर है। ऐसे में टाइगर के मूवमेंट के बाद ग्रामीणों, किसानों में दहशत का माहौल बना हुआ है ।वन विभाग के अधिकारी ग्रामीणों से चर्चा कर दिन के समय में ही अपने खेत में जाने की बात कह रहे हैं और शाम के समय अगर जाते भी हैं तो पांच लोगों के झुंड में जाएं, टॉर्च लेकर जाएं हो सके तो रात में अकेले ना निकले। मोटरसाइकिल चालकों से भी कहा जा रहा है कि दिन के समय ऐसे जंगल क्षेत्र से अकेले ना जाए।
ग्रामीण स्वंतत्र सिंह रघुवंशी, संजय रघुवंशी, रमाकांत रघुवंशी ने बताया कि गांवों में बाघ की दहशत ऐसी कि बच्चे घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। किसान खेतों में नहीं जा पा रहे हैं। जल्द से जल्द बाघ को जंगलों की ओर भगाया जाए, या उसे पकड़ जाए ताकि ग्रामीण राहत ले सकें और अपने खेतों पर जा सकें।
इस संबंध मे उप वन मंडल अधिकारी इंदर सिंह बारे ने बताया 15 किमी के एरिया में आने वाले गांवों के ग्रामीणों के लिए एडवाईजरी जारी की है। वहीं हमारी तीन टीमें वाघ के मूवमेंट पर नजर रखी हुई हैं। वहीं सर्चिंग अभियान चल रहा है। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए ग्रामीणों से संवाद किया जा रहा है ताकि कोई अनहोनी न हो।

Related Articles

Back to top button