स्वच्छ सर्वेक्षण 2022:मास्क, नैपकिन और रूई का कचरा पीले बॉक्स में ही डालें
स्वच्छ सर्वेक्षण 2022:मास्क, नैपकिन और रूई का कचरा पीले बॉक्स में ही डालें
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। नगर पालिका परिषद रायसेन द्वारा गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्रित कर कचरा गाड़ी में बने अलग-अलग बॉक्स में डालने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया है। इसके तहत लोगों में भी जागरूकता आ गई है। वे खुद ही कचरे को अलग-अलग एकत्रित कर अलग-अलग बॉक्स में डालने लगे है। लेकिन अभी नागरिकों को घरों से निकलने वाले घरेलू हानिकारक कचरा मानव उत्तेजक जैसे मास्क, नैपकिन, रक्त रंजित रूई, पट्टियां जिनके लिए पीले रंग का बाक्स कचरा गाड़ी में लगाया गया है। इसके साथ ही लाल रंग और काले रंग के भी बाक्स लगाए गए हैं। जिनमें लाल रंग के बाक्स में ऐसी चीजें जो फिर से रिसाइकिल हो सकती है वो डालना है जैसे रेजर, ब्लेड, खराब मोबाइल एवं टू-व्हीलर की खराब बैटरी बैटरियां आदि तथा काले रंग के बाक्स में शौचालय अपशिष्ट (बच्चो के डायपर, सेनेटरी नेपकिन आदि ) कचरा आदि डाला जाना है।
काले रंग के बॉक्स में कैसा कचरा डालना है….
अभी तक पीले, लाल और काले रंग के बॉक्स के बारे में कि इसमें कौन सा कचरा डाला जाना है । इसकी जानकारी नागरिकों को उतनी नहीं है। इसलिए इन बॉक्स की जानकारी लोगों को देने लिए स्वच्छता अभियान 2022 की नोडल अधिकारी रश्मि सिंह के निर्देश पर वार्डों में घर-घर पहुंचकर जागरूक किया जा रहा है। इसमें नगर पालिका परिषद के कर्मचारी लोगों को जागरूक कर रहे हैं। वहीं हरे रंग के डस्टबिन में रसोई घर से निकलने वाला कचरा जैसे फल एवं सब्जियों के छिल्के, चाय की पत्ती, खाना बनाते समय एकत्रित कचरा डाला जाना है।



