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Today Panchang आज का पंचांग सोमवार, 17 जून 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 17 जून 2024
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्यैष्ठ मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – सोमवार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष एकादशी – पूर्ण रात्रि तक
🖍️ तिथि स्वामी – एकादशी तिथि के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान, धन-धान्य और भूमि आदि की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र चित्रा 01:50 PM तक उपरांत स्वाति
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह और अधिष्ठाता देव विश्वकर्मा हैं।
⚜️ योग – परिघ योग 09:34 PM तक, उसके बाद शिव योग
प्रथम करण : वणिज – 05:38 पी एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – पूर्ण रात्रि तक
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:31:00 A.M से 09:49:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:13:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:47:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:03 ए एम से 04:43 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:23 ए एम से 05:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:54 ए एम से 12:50 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:42 पी एम से 03:38 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:20 पी एम से 07:40 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:21 पी एम से 08:21 पी एम
💧 अमृत काल : 06:44 ए एम से 08:31 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:02 ए एम, जून 18 से 12:42 ए एम, जून 18
❄️ रवि योग : 05:23 ए एम से 01:50 पी एम
🚓 यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
🤷🏻 आज का उपाय-किसी विप्र को श्वेत वस्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – निर्जला (भीमसेनी) एकादशी व्रत-(स्मार्त), गायत्री जयंती, बकरीद, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई पुण्यतिथि, विश्व दूरसंचार दिवस, कृष्णन नायर स्मृति दिवस, जीजाबाई स्मृति दिवस, विश्व टेसेलेशन दिवस है, मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने के लिए विश्व दिवस है, राष्ट्रीय अपनी बिल्ली को काम पर ले जाएं दिवस, राष्ट्रीय स्टीवर्ट रूट बीयर दिवस, वैश्विक कचरा मानव दिवस, वेदों की जननी ‘माता गायत्री’ (Gayatri Jayanti 2024) जन्मोत्सव
✍🏼 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
🗺️ Vastu Tips 🏚️
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे दुकान के वास्तु के बारे में। बाजार जाते वक्त हमें कई तरह की दुकानें किराने की, स्टेशनरी की, कपड़ों की, सुनार की और न जाने किस-किस चीज की दुकानें देखने को मिलती है। सब दुकानों की अपनी एक अलग पहचान होती है, लेकिन इन दुकानों पर एक ही तरह का वास्तु नियम लागू होता है। जिसके बारे में हम आपको विस्तार से बताएंगे। सबसे पहले वास्तु शास्त्र में आज हम आपको दुकान के मुख्य प्रवेश द्वार के बारे में बताएंगे।
दुकान में प्रवेश द्वार ही वो जगह होती है जिस पर ग्राहक की सबसे पहली नजर पड़ती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार दुकान में प्रवेश द्वार के लिए पूर्व दिशा, उत्तर दिशा और ईशान कोण का चुनाव करना चाहिए, पश्चिम दिशा और दक्षिण दिशा में दुकान का प्रवेश द्वार कभी भी नहीं बनवाना चाहिए। इससे व्यापार में परेशानी आती है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
व‍िनेगर चमकाएगा नल: कई बार नलों पर जंग लग जाती है। इस जंग को हटाने का काम करेगा विनेगर। आप एक कपड़े या स्‍पंज पर व‍िनेगर और नमक लगाकर इस कपड़े से नल को चमकाएं। आपका नल शीशे की तरह चमक उठेगा।
नींबू करेगा कमाल: नींबू में एस‍िट‍िक तत्‍व होते हैं। यही वजह है कि जब भी सफाई की बात आती है तो नींबू का ज‍िक्र जरूर होता है। चाहे जंग के दाग हों या फिर पानी के, नींबू आपको हमेशा अच्‍छे ही र‍िजल्‍ट देगा। नींबू को जंग की स्थान पर रगड़ दें और थोड़ी देर छोड़ दें। फिर साफ करेंगे तो नल साफ हो जाएगा।
बेकिंग सोड़ा भी नहीं पीछे – बेकिंग सोडा एक ऐसी चीज है जो आपके नल को चमकाने में काफी काम आ सकता है। 2-3 चम्‍मच बेकिंग सोडा लें और इसमें नींबू का रस डालें। अब इस इसके स्‍क्रबर की सहायता से नल पर लगा दें और नल को कुछ देर के लिए छोड़ दें। थोड़ी देर बार साफ करेंगे, तो आपका नल चमक उठेगा।
ड‍िश बार की सफाई- आप ज‍िस साबुन या ल‍िक्‍व‍िड सोप से बर्तन मांझते हैं, स्‍क्रबर की सहायता से उससे भी आप नइ नलों को साफ कर सकते हैं। आपका नल चमक जाएगा।
💉 आरोग्य संजीवनी 💊
दिल की बीमारी धूम्रपान दिल की रोग का एक प्रमुख कारण है। यह नसों को कठोर और सिकुड़ा कर देता है, जिससे खून का फ्लो कम हो जाता है और दिल को खून पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। महिलाओं में एस्ट्रोजन दिल को सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन मेनोपॉज के बाद यह सुरक्षा कम हो जाती है। ऐसे में धूम्रपान करने वाली स्त्रियों में दिल की रोग का खतरा काफी बढ़ जाता है।
फेफड़ों का कैंसर धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। यह स्त्रियों में फेफड़ों के कैंसर के सबसे आम कारणों में से एक है। धूम्रपान न करने वाली स्त्रियों की तुलना में धूम्रपान करने वाली स्त्रियों में फेफड़ों के कैंसर का खतरा कई गुना अधिक होता है।
प्रजनन क्षमता धूम्रपान स्त्रियों की प्रजनन क्षमता (फर्टिलिटी) को भी प्रभावित कर सकता है। यह अनियमित पीरियड्स, ओवुलेशन में परेशानी और बांझपन का कारण बन सकता है। धूम्रपान अंडाशय को कम अंडाणु पैदा करने के लिए प्रेरित करता है और उनकी क्वालिटी को भी कम कर देता है।
प्रेग्नेंसी संबंधी समस्याएं धूम्रपान करने वाली स्त्रियों में गर्भपात, अस्थानिक गर्भावस्था (ectopic pregnancy) और समय से पहले जन्म का खतरा अधिक होता है। धूम्रपान से गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास पर भी बुरा असर पड़ सकता है। शिशु कम वजन के साथ पैदा हो सकता है और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आज हम आपको अपनी एक ऐसी नीति के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा है कि घर की संतान यदि कुपुत्र है यानि अच्छे कर्म करने वाली नहीं है तो वह पूरे वंश का नाश कर देती है। आइए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम ने अपनी नीति में आगे क्या कहा है।
एकेन शुष्कवृक्षेण दह्यमानेन वह्निना ।
दह्यते तद्वनं सर्वं कुपुत्रेण कुलं यथा ॥
मे अपने इस श्लोक के माध्य्म से यही बताना रहा हूं कि जिस तरह एक सूखे वृक्ष में अग्नि लग जाने से पूरा वन जल कर राख हो जाता है। उसी प्रकार से यदि एक कुपुत्र के कारण पूरे घर के कुल का नाश हो जाता है। दुष्ट और आज्ञा न मानने वाली संतान पुरे घर के सम्मान को नष्ट कर देती है और पूरे कुल के विनाश का कारण बनती है।
संतान को दें संस्कार नहीं तो कुल का पतन निश्चित है आचार्य श्री गोपी राम के कहने का अर्थ यही है कि जंगल में अगर एक भी वृक्ष सूखा निकल जाए और उसमें आग लग जाए भले ही अगल-बगल के वृक्ष हरे भरे क्यों ही न हों वो सूखे वृक्ष में अग्नि की लपेट में पूरा जंगल समा जाता है और जल कर भस्म हो जाता है। उसी प्रकार दुष्ट प्रवृत्ति की संतान कितनी ही प्यारी क्यों न हो वो एक न एक दिन परिवार और कुल के गौरव को नष्ट कर देती है। समाज में उसके बुरे आचरण के कारण परिवार को अपमान सहना पड़ता है। उन्होंने इसका एक और उदहारण देते हुए समझाया जैसे कि एक गंदी मछली पूरे तलाब को गंदा कर देती है ठीक उसी प्रकार एक कुपुत्र संतान परिवार के सम्मान को दूषित कर देती है।
संतान को संस्कार देने बेहद जरूरी है कि संतान की बुरी आदतों पर ध्यान देना चाहिए और समय रहते उनका सुधरना बेहद जरूरी है। यदि कुल के विनाश को रोकना है तो संतान को नियंत्रण में रख कर उसके संस्कारों पर ध्यान दें। एक उत्तम और आज्ञाकारी संतान पूरे कुल को आगे बढ़ाती है। इसलिए संतान को अच्छि शिक्षा और संस्कार देना बेहद आवश्यक होता है।
※❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖※
⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।

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