आंवला पेड़ की परिक्रमा कर भगवान विष्णु की महिलाओं ने की पूजा अर्चना
सिलवानी। कार्तिक माह की नवमी शनिवार को आंवला नवमी महिलाओं के द्वारा उमंग उत्साह व आस्था निष्ठा के साथ मनाई गई। महिलाओं के द्वारा श्री जानकी रमण साकेतधाम कांठिया मंदिर परिसर सहित अन्य स्थानों पर स्थित आंवला पेड़ की परिक्रमा की जाकर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की गई। महिलाओं के द्वारा परिवार की सुख समृद्वि की कामना के लिए आंवला नवमी पर पूजा अर्चना की गई। तथा भोग लगा कर प्रसाद का वितरण किया गया। आंवला में बहुत सी बीमारियों से लड़ने की क्षमता होती है । यहां तक कहा जाता है कि आंवले को अमृत्व प्राप्त होता है। आंवला पेड़ के नीचें बैठकर भोजन करने से बीमारियों से छुटकारा मिलता है व शरीर स्वस्थ्य रहता है। आंवला पेड़ पूजा का महत्व पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जो लोग अक्षय नवमी के दिन आंवला वृक्ष का पूजन करते हैं उन पर लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं और मनोकामना पूर्ण करती हैं। कहा जाता है कि आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है लेकिन अक्षय नवमी के दिन इसमें सभी देवी देवता विराजते हैं। यानी अक्षय नवमी के दिन आंवले के पेड़ के पूजन से सभी देवी देवताओं की पूजा के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।



