कृषिपर्यावरणमध्य प्रदेश

नरवाई (पराली) की खरीदी और खाद निर्माण को लेकर भारतीय किसान संघ ने सौंपा ज्ञापन

पंचायत स्तर पर नरवाई खरीदी की रखी मांग, बायोगैस संयंत्रों को मिलेगा कच्चा माल
सिलवानी। भारतीय किसान संघ, मध्य भारत जिला रायसेन ने नरवाई (पराली) की समस्या के समाधान हेतु एक महत्वपूर्ण ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में संघ के कार्यकर्ताओं ने राज्य में बढ़ते नरवाई दहन को रोकने के लिए व्यावहारिक और किसानों के हित में समाधान सुझाया है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मध्य प्रदेश में नरवाई जलाने की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है, जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। किसान संघ ने सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए सुझाव दिया कि खेतों में बची नरवाई की अधिकता को देखते हुए किसानों को सुलभ एवं आर्थिक रूप से लाभकारी विकल्प प्रदान किया जाना आवश्यक है।
छत्तीसगढ़ मॉडल का हवाला
संघ ने अपने ज्ञापन में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सफलतापूर्वक लागू किए गए “गोबर खरीदी मॉडल” का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में भी इसी तर्ज पर काम किया जा सकता है। जहाँ बड़े बायोगैस संयंत्र स्थापित हैं, वहाँ पंचायत स्तर पर नरवाई की खरीदी का प्रावधान किया जाए।
80 पैसे प्रति किलोग्राम की दर से खरीदी का सुझाव
ज्ञापन में मांग की गई कि यदि सरकार नरवाई की खरीदी 80 पैसे प्रति किलोग्राम की दर से सुनिश्चित करे, तो इससे किसानों को नरवाई जलाने से रोका जा सकता है। साथ ही, इससे बायोगैस संयंत्रों को कच्चे माल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
भारतीय किसान संघ ने इस प्रस्ताव को पर्यावरण संरक्षण, किसानों के हित और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन तीनों के लिए लाभकारी बताया है।
संघ ने किया आह्वान
अंत में संघ ने प्रशासन और सरकार से आग्रह किया कि इस सुझाव पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र कार्यवाही की जाए, जिससे आने वाले समय में नरवाई जलाने की समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सके।
ज्ञापन देने वालों में भारतीय किसान संघ के संभाग सह मंत्री
राघवेंद्र रावत, जिला मंत्री महेंद्र रघुवंशी, तहसील अध्यक्ष ओमप्रकाश, वीरेंद्र रघुवंशी, सुरेंद्र दुबे सहित बड़ी संख्या किसान उपस्थित रहे।

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