मध्य प्रदेश

नागों की अदालत : न वकील, न दलील, न गवाह, फिर भी नागों की अदालत में मिलता है न्याय

ब्यूरो चीफ : संजय द्विवेदी
गैरतगंज । इंसान जब अपराध करता हैं या उसके जुल्म होता हैं अदालत में उसे दंड और न्याय मिलता हैं। जब कोई जीव इंसान पर जुल्म करे या इंसान जीव पर जुल्म करे उसे न्याय किस अदालत में मिलेगा। एक ऐसी अदालत जहाँ कोई बकील नही होता और न ही कोई गबाह, लेकिन न्याय एक दम सत्य मिलता हैं। वह अदालत हैं नागों की अदालत और शेष नाग के सामने होता हैं सत्य असत्य का न्याय.
न वकील, न दलील, न गवाह, फिर भी नागों की अदालत में मिलता है मुकम्मल न्याय ।
रायसेन जिले के गैरतगंज तहसील के श्रीराम रसियाधाम सीहोरा खुर्द में नागपंचमी के अवसर पर नागों की अदालत लगती है. मान्यता है कि इस अदालत में आने वाला कोई भी इंसान बिना न्याय के वापस नहीं जाता है।
रायसेन जिले के गैरतगंज तहसील के सिद्घ क्षेत्र श्रीराम रसियाधाम सीहोरा खुर्द में शुक्रवार को नागपंचमी के अवसर पर नागों की अदालत लगी। यह आयोजन हर साल सीहोरा खुर्द में होता है। आयोजन के दौरान सर्पदंश से पीड़ित रहे लोगों के शरीर में नागों की आत्मा ने प्रवेश कर काटने का कारण बताया। यह लोग नागों द्वारा सताने के बाद सीहोरा दरबार में पहुंचे थे। अपने तरह के अनोखे एवं चमत्कारिक इस आयोजन को देखने के लिए दूर दराज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। ग्राम सीहोरा खुर्द श्री हनुमानजी एवं श्री शिवजी के सिद्घ स्थान के लिए ख्यातिलब्ध है। सीहोरा में नागदेव का चबूतरा है। जहां प्रतिवर्ष नागपंचमी के मौके पर नागों की अदालत लगती है। दोपहर 2 बजे से ही इस आयोजन की तैयारियां होने लगी थी। क्षेत्रभर में हो रही तेज वर्षा के बावजूद इस आयोजन के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। इस आयोजन में रायसेन जिले के सिलवानी, बरेली, उदयपुरा, सुल्तानपुर, औबेदुल्लागंज, बेगमगंज सहित अन्य स्थानों में सीहोरा, भोपाल एवं सागर के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। आप भी देख सकते हैं कि नाग पीड़ित व्यक्ति खुद बोलता हैं कि उसके साथ ऐसा क्या हुआ कि सर्प ने काटा, एक महिला ने सर्प के ऊपर पैर रखा तो सर्प ने काटा
आधुनिक युग में जहां अंधविश्वासों को तोडकर विज्ञान ने काफी प्रगति की है। मृगांचल एक्सप्रेस अंधविश्वास की पुष्ठि नही करता । वहीं गंभीर रोगों के अत्याधुनिक इलाज की खोजें हुई हैं। इन स्थितियों में लोगों की आस्था अभी इस प्रकार के अनोखे आयोजनों से जुड़ी है। सीहोरा खुर्द में वर्षो से नागपंचमी पर हो रहे इस आयोजन में लोगों का बड़ी संख्या में जुड़ना ऐसी ही आस्था का प्रतीक है।

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