मझगवां में जन आकोश रैली, छात्रों किसानों की 19 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। छात्रों, युवाओं, किसानों एवं आमजन की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर गुरुवार को मझगवां क्षेत्र में ओबीसी जिलाध्यक्ष जबलपुर जितेन्द्र कुमार कुर्मी के नेतृत्व में विशाल जन आक्रोश रैली निकाली गई। रैली बस स्टैंड मझगवां तक पहुंची, जहां मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति के नाम अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार सिहोरा को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की गई ।
रैली में जिला पंचायत सदस्य एड. इंद्रकुमार पटेल, प्रदीप पटैल, नोकेलाल प्रजापति, जनपद सदस्य राजा पटेल, सुनील विश्वकर्मा, संतकुमार पटेल, अशोक पटेल, दीपक यादव, राजेश यादव, अमित विश्वकर्मा, छोटे पटेल, रामराज पटेल, संतराम पटेल, डॉ. विनोद पटेल, संतोष राय, रंजीत पटेल, आशीष पटेल, अकलेश पटेल, जितेन्द्र पटेल, अनिल पटेल, कन्हैयालाल जाटव, इमरत लाल नूनिया, शिवशंकर पटेल, विकास काछी, मदन पटेल, शिवप्रसाद पटेल, अनिल दाहिया, संदीप पटैल, मुकेश पटेल, प्रदोष पटेल, अवसर पटेल, लक्ष्मीनारायण पटेल, ब्रजेंद्र पटेल, पवन सोनी, विनय पटेल, ओमप्रकाश पटेल, लखन पटेल, बीरेंद्र पटेल, कप्तान गोकुल, मोनू विश्वकर्मा सहित हजारों की संख्या में किसान एवं क्षेत्रीय नागरिक शामिल रहे ।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों में दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कार्रवाई, पेट्रोल-डीजल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण पर रोक, मझगवां में महाविद्यालय, आईटीआई, डीएड एवं बीएड कॉलेज की स्थापना, समान शिक्षा नीति लागू करने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां को सिविल अस्पताल का दर्जा देने, किसानों को पर्याप्त खाद-बीज एवं बिजली उपलब्ध कराने, समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की सीमा प्रति एकड़ 5 क्विंटल करने, सभी गांवों तक नहर का पानी पहुंचाने, प्रतापपुर-भीखाखेड़ा से सिहोरा मार्ग पर हाइवा ट्रकों की तेज रफ्तार पर रोक लगाने तथा क्षेत्र की सभी शराब दुकानों को बंद करने की मांग शामिल रही ।
इसके अलावा राजस्व विभाग के कार्य समय-सीमा में करने, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर कार्य करने के निर्देश देने, कृषि पंपों के स्थायी बिजली कनेक्शन में दूरी की बाध्यता समाप्त करने, गांव-गांव शिविर लगाकर राजस्व रिकॉर्ड की त्रुटियां सुधारने, अघोषित बिजली कटौती बंद करने, कृषि मंडी सिहोरा में चोरी एवं गुंडागर्दी रोकने, ओवरलोड ट्रांसफार्मर बदलने, अमेरिका के साथ प्रस्तावित कृषि डील को निरस्त करने तथा कृषि पंपों के बढ़ाए गए हॉर्सपावर लोड में सुधार करने की भी मांग की गई ।
रैली के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यदि इन जनहित एवं किसान हित से जुड़ी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्रीय जनता व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी । ज्ञापन प्राप्त करने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया ।



