Today Panchang आज का पंचांग रविवार, 01 दिसम्बर 2024
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 01 दिसम्बर 2024
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌚 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि : रविवार मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि 11:51 AM तक उपरांत प्रतिपदा
🖍️ तिथि स्वामी – अमावस्या तिथि के देवता हैं अर्यमा जो पितरों के प्रमुख हैं। अमावास्या में पितृगणों की पूजा करने से वे सदैव प्रसन्न होकर प्रजावृद्धि, धन-रक्षा, आयु तथा बल-शक्ति प्रदान करते हैं।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र अनुराधा 02:23 PM तक उपरांत ज्येष्ठा
🪐 नक्षत्र स्वामी : अनुराधा नक्षत्र का स्वामी शनि है, जो राशि स्वामी मंगल का शत्रु है।
⚜️ योग : सुकर्मा योग 04:33 PM तक, उसके बाद धृति योग
⚡ प्रथम करण : नाग – 11:50 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : किंस्तुघ्न – 12:20 ए एम, दिसम्बर 02 तक बव
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 16:34 बजे से 17:56 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:43:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:17:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:08 ए एम से 06:02 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:35 ए एम से 06:57 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:49 ए एम से 12:31 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:55 पी एम से 02:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:21 पी एम से 05:48 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:45 पी एम
💧 अमृत काल : 06:27 ए एम, दिसम्बर 02 से 08:09 ए एम, दिसम्बर 02
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:43 पी एम से 12:38 ए एम, दिसम्बर 02
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-विष्णु मंदिर में मालपुआ चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : देवकार्य अमावस्या, कमला जयन्ती, अमावस्या समाप्त 11:51, नागालैंड स्थापना दिवस, विश्व एड्स दिवस, सीमा सुरक्षा बल स्थापना दिवस, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी दादा धर्माधिकारी पुण्य तिथि, विजयलक्ष्मी पण्डित स्मृति दिवस, परमवीर चक्र से सम्मानित मेजर शैतान सिंह जयन्ती, स्वतंत्रता सेनानी टीपू सुल्तान जयंती
✍🏼 विशेष – अमावस्या को मैथुन एवं प्रतिपदा को कद्दू और कूष्माण्ड के फल का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य होता है। शास्त्रों में अमावस्या तिथि को सम्भोग वर्जित तिथि बताया गया है। अमावस्या तिथि एक पीड़ाकारक और अशुभ तिथि मानी जाती है। अमावस्या तिथि पितृगणों को समर्पित तिथि है अर्थात इसके स्वामी पितृगण हैं। यह केवल कृष्ण पक्ष में ही होती है तथा अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
वास्तु शास्त्र की मानें तो दक्षिण दिशा में कुछ पौधे लगाना आपके लिए बेहद लाभदायक सिद्ध हो सकता है। इस दिशा में आप नीम, नारियल, चमेली, एलोवेरा और मनी प्लांट लगा सकते हैं। इन पौधों को दक्षिण दिशा में लगाने से आपको धन लाभ होता है। इसके साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी इन पौधों को दक्षिण दिशा में लगाने के बाद होने लगता है। पारिवारिक जीवन में ऐसा करने से सुख-समृद्धि आती है और घर के लोगों के बीच भी संतुलन बना रहता है। इसलिए आप भी घर के दक्षिण छोर में इन पौधों को लगाकर लाभ पा सकते हैं।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
माँ के गर्भ में पल रहे बच्चे पर प्रभाव: गर्भवती महिलाओं को भी करेला अधिक मात्रा में नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इससे गर्भाशय में सिकुड़न या गर्भपात की संभावना बढ़ सकती है। करेला के अधिक सेवन से गर्भावस्था के दौरान पेट में ऐंठन या दर्द हो सकता है, जो कि महिला और उसके बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है।
किडनी पर प्रभाव: करेला का ज्यादा सेवन किडनी के लिए भी हानिकारक हो सकता है। इसमें ओक्सलेट्स की उच्च मात्रा होती है, जो किडनी स्टोन (पथरी) बनने का कारण बन सकती है। इससे किडनी पर दबाव बढ़ सकता है, और किडनी के कार्य में रुकावट आ सकती है।
अलर्जी की समस्या: कुछ लोगों को करेला से एलर्जी हो सकती है, जिससे त्वचा पर रैशेज, खुजली या अन्य एलर्जी के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यदि आप पहले कभी करेला खाते हुए ऐसे लक्षणों का अनुभव कर चुके हैं, तो आपको इसे अधिक मात्रा में नहीं खाना चाहिए।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
थकावट और कमजोरी: अगर आपको बिना किसी वजह के लगातार थकान महसूस हो, तो यह हाइपोथाइरॉयडिज़्म का संकेत हो सकता है।
वजन का बढ़ना: बिना किसी कारण के वजन बढ़ने लगना, जबकि खाने की आदतें और लाइफस्टाइल पहले जैसे हों, तो यह भी हाइपोथाइरॉयडिज़्म का एक प्रमुख लक्षण हो सकता है।
ठंडा लगना और हाथ-पैर ठंडे होना: थाइराइड की कमी से शरीर का तापमान कंट्रोल में नहीं रहता, जिससे आपको लगातार ठंड महसूस होती है।
त्वचा का सूखना और बालों का झड़ना: हाइपोथाइरॉयडिज़्म के कारण त्वचा रूखी और खुजली वाली हो सकती है, और बालों का गिरना भी बढ़ सकता है।
चिंता और डिप्रेशन: मानसिक स्थिति पर भी असर डालता है। मूड स्विंग्स, चिंता, और डिप्रेशन महसूस होना आम है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, स्त्री का जीवन में कोई न कोई लक्ष्य अवश्य रखना चाहिए। जो स्त्रियां लक्ष्य विहीन होती हैं वो व्यर्थ की बातों में अपना समय बर्बाद कर देती हैं, इससे उनके घर परिवार पर भी बुरा असर पड़ता है। वहीं जो स्त्रियां किसी लक्ष्य के साथ जीवन में आगे बढ़ती हैं, वो बेवजह की बातों में समय बर्बाद नहीं करती। ऐसी स्त्रियां स्पष्ट सोच वाली और घर परिवार को व्यवस्थित रखने वाली होती हैं। विवाह के बाद ऐसी स्त्रियां, पुरुष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती हैं। इसलिए स्त्रियों में यह गुण अवश्य होना चाहिए।
दूसरा गुण हर शख्स के जीवन में कभी न कभी बुरा समय जरूर आता है। अक्सर बुरे समय में आपके करीबी भी आपसे नाता छुड़ा लेते हैं। ऐसे में अगर आपको ऐसी स्त्री मिल जाए जो हर परिस्थिति में डटकर आपके साथ खड़ी हो, तो इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता। इसीलिए आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, मुश्किल स्थिति में भी जीवनसाथी का साथ निभाने वाली स्त्री, विपरीत समय में भी हंसकर आपका साथ देनी वाली स्त्री को बहुत अच्छा पार्टनर मानते हैं। ऐसा साथी अगर किसी को मिल जाए तो उसको धरती पर ही स्वर्ग सी अनुभूति हो सकती है।
तीसरा गुण जो स्त्रियां अपने जीवनसाथी की सूरत नहीं बल्कि उनके गुणों पर ध्यान देती हैं, वो भी पारिवारिक जीवन को सुखद और संपन्न बनाकर रखती हैं। उम्र ढलने के साथ भले ही आपके रंग रूप में परिवर्तन आए लेकिन आपके गुण हमेशा आपके पास रहते हैं, इसलिए ऐसी स्त्री से ही रिश्ता जोड़ना चाहिए जो आपके गुणों पर ध्यान दे ना कि आपकी सूरत या आपके धन पर। ऐसी स्थिति कभी आपका साथ नहीं छोड़ती।
चौथा गुण अगर स्त्री अपने जीवनसाथी की उपलब्धियों पर गर्व करती है और साथी की कमियों को बताकर उन्हें दूर करने के लिए प्रेरित करती है, तो समझ जाइए वो एक सच्ची जीवन साथी है। ऐसी स्त्रियां अगर किसी गलत शख्स से भी रिश्ता जोड़ लेती हैं, तब भी ये उन्हें सही राह पर ला सकती हैं। इन गुणों वाली महिला के साथ विवाह करके पुरुष का घर-परिवार सुख शांति से रहता है।
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⚜️ अमावस्या को दूध का दान श्रेष्ठ माना जाता है। किसी कुआँ, तलाब, नदी अथवा बहते जल में दो-चार बूंद दूध डालने से कार्यों में आनेवाली परेशानियाँ दूर होती है। जौ दूध में धोकर नदी में प्रवाहित करने से सौभाग्य की वृद्धि होती है। इस तिथि को पीपल में जल देना परिक्रमा करना मिश्री दूध में मिलाकर अर्घ्य देना अत्यन्त शुभ फलदायी माना जाता है।
ऐसा करने से शनिदेव का प्रकोप कम होता है तथा भगवान नारायण एवं माँ लक्ष्मी कि पूर्ण कृपा प्राप्त होती है। अमावस्या को तुलसी और बिल्वपत्र नहीं तोड़ना चाहिये। आज घर की सफाई करना और कबाड़ बेचना शुभ माना जाता है। अमावस्या को भूलकर भी सम्भोग (स्त्री सहवास) नहीं करना चाहिये। घर के मन्दिर एवं आसपास के नजदीकी मन्दिर में तथा तुलसी के जड़ में सायंकाल में घी का दीपक जलाना चाहिये इससे लक्ष्मी माता प्रशन्न होती हैं।


