आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 16 जुलाई 2024
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🌐 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष दशमी तिथि 08:34 PM तक उपरांत एकादशी
🖍️ तिथि स्वामी : दशमी तिथि के देवता हैं यमराज। इस तिथि में यम की पूजा करने से नरक और मृत्यु का भय नहीं रहता है। यह सौम्य अर्थात शांत तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र विशाखा 02:13 AM तक उपरांत अनुराधा
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी गुरू है। तथा विशाखा नक्षत्र के देवता इंद्र और अग्नि हैं।
⚜️ योग – साध्य योग 07:18 AM तक, उसके बाद शुभ योग
⚡ प्रथम करण : तैतिल – 08:01 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : गर – 08:33 पी एम तक वणिज
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:13 बजे से 16:35 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:19 :00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:41:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:12 ए एम से 04:53 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:33 ए एम से 05:34 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:55 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:19 पी एम से 07:40 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:20 पी एम से 08:22 पी एम
💧 अमृत काल : 04:48 पी एम से 06:31 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, जुलाई 17 से 12:48 ए एम, जुलाई 17
❄️ रवि योग : 05:34 ए एम से 02:14 ए एम, जुलाई 17
🚕 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलेंं।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻 आज का उपाय-हनुमान मंदिर में सिन्दूर का चोला चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – विजय दिवस, ताजा पालक दिवस, राष्ट्रीय परमाणु दिग्गज दिवस, ग्रामीण पारगमन दिवस, विश्व साँप दिवस, राष्ट्रीय मकई फ्रिटर दिवस, हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित दिवस, प्रत्यक्ष कार्यवाई दिवस, हिजरी’ इस्लामी पंचांग दिवस, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी अरुणा आसफ अली जयन्ती
✍🏼 विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात ढंदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं। यह दशमी तिथि धर्म प्रदान करने वाली तिथि भी माना जाता है। अर्थात इस दिन धर्म से संबन्धित कोई बड़े अनुष्ठान वगैरह करने-करवाने से सिद्धि अवश्य मिलती है। इस दशमी तिथि में वाहन खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दशमी तिथि को सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
घर में वास्तु पिरामिड रखें: घर के उत्तर-पूर्व या उत्तर-पश्चिम कोने में चांदी का वास्तु पिरामिड या कोई अन्य चांदी की वस्तु रखें।
मुख्य दरवाजे की दिशा बदलें: अगर संभव हो, तो वास्तु दोष दूर करने के लिए मुख्य दरवाजे की दिशा को दक्षिण से बदलने पर विचार करें। साथ ही मुख्य द्वार पर ओम या स्वास्तिक का निशान बनाएं।
घर में गंगाजल का छिड़काव करें: ये उपाय घर में वास्तु दोष से बचने का ये एक कारगर तरीका है। गंगाजल घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
पुदीने का शरबत पीने के फायदे
पुदीना का स्वाद जितना अच्छा होता है फायदे उससे कहीं ज्यादा होते हैं। गर्मी में पुदीने का रायता, जलजीरा, पुदाना शरबत और कुछ लोग पुदीना आइसक्रीम बनाकर भी खाते हैं। पुदीना में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो पेट में होने वाले बैक्टीरियल इंफेक्शन को दूर करते हैं। पुदीना अपच और पेट खराब होने पर आराम पहुंचाता है। वजन घटाने में भी पुदीना असरदार साबित होता है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं और इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं।
🫒 आरोग्य संजीवनी 🫚
इन समस्याओं में कारगर है अदरक
इम्यूनिटी बढाए : अदरक एक सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है। अदरक के एंटीऑक्सीडेंट और अन्य कम्पाउंड संक्रमण से लड़ने में प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन करने में मदद कर सकते हैं।अदरक से सर्दी, जुकाम, खांसी और वायरल जैसी बीमारियां दूर रहती हैं।
सर्दी और खांसी में फायदेमंद : अदरक फेफड़ों और वायुमार्ग से बलगम को ढीला करने और साफ़ करने में मदद करता है, जिससे इसे बाहर निकालना आसान हो जाता है। अदरक के एंटी इन्फ्लामेट्री गुण गले की खराश को शांत करने में मदद करते हैं। अदरक के प्राकृतिक डिकंजेस्टेन्ट गुण साइनस के दबाव को कम करने में मदद करते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
शायद ईश्वर ने बहुत चतुराई से यह भ्रम जाल बुना है। जब आत्मा ने भोग की बाल-हठ की होगी तो ईश्वर ने मन, भावनाएँ, डर, चिंता, ईर्षा आदि सब की रचना करके उन्हें मनुष्य के पीछे लगा दिया। और कह दिया कि जा भोग ले और ले ले आनंद। अब यही सब भावनाएँ अतीत और भविष्य को विचारशील बनाए रखती है और परेशान रखती हैं। यह सब माया-जाल में मनुष्य न तो वर्तमान को देख पाता है और न ही जी पाता।
लेकिन यह भी सच है कि जिसने वर्तमान को जी लिया और उस समय का समुचित उपयोग कर पाने में सफल रहा है वह मनुष्य सफल भी रहा है और संतुष्ट भी।
सही कहा आपने, जो है वर्तमान ही है। अतीत तो वापस आएगा ही नहीं और भविष्य भी निश्चित है। फिर किस बात की परेशानी और किस बात का सोच-विचार।
मुझे पूर्वाग्रह होते हैं। कई बात देख लेता हूँ जो भविष्य में होने वाला है और फिर भूल जाता हूँ। कई अप्रत्याशित पूर्वाग्रह, जो लगता है कि वर्तमान जीवन के अनुसार भविष्य का प्रतिफल हो ही नहीं सकते। लेकिन भविष्य में हूबहू घटित होते हैं तो पता चलता है कि भविष्य में कुछ भी हो सकता है और यह ज़रूरी नहीं कि हमारे वर्तमान के कर्मो की परछाई उसमें दिखे ही।
इसका एक अर्थ यह भी है कि भविष्य तो निश्चित है और वर्तमान के अनुसार अनिश्चित है। फिर क्यों न वर्तमान का ही प्रबंधन किया जाए। भविष्य से ज्यादा वर्तमान को सुधारने का प्रयास हो। त्याग, चिंता सब बेमानी लगने लगती है इस परिपेक्ष्य में।
कभी लगता है कि मनुष्य जीवन का उद्देश्य या तो आनंद है या फिर मोक्ष! धन्यवाद
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⚜️ दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस दशमी तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस दशमी तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।
दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेनेवाले जातक धर्म-अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।



