ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग बुधवार, 03 जुलाई 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 03 जुलाई 2024
आज आषाढ़ कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत है। आप सभी सनातनियों को “प्रदोष व्रत के पावन व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🌐 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – बुधवार आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि 07:10 AM तक उपरांत त्रयोदशी
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी तिथि के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र रोहिणी 04:07 AM तक उपरांत म्रृगशीर्षा
🪐 नक्षत्र स्वामी – रोहिणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। तथा विंशोतरी दशा स्वामी ग्रह चंद्र है।
⚜️ योग – शूल योग 09:01 AM तक, उसके बाद गण्ड योग
प्रथम करण : तैतिल – 07:10 ए एम तक
द्वितीय करण : गर – 06:29 पी एम तक वणिज
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:27:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 07:23:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:07 ए एम से 04:47 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:27 ए एम से 05:28 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त : 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:22 पी एम से 07:42 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:23 पी एम से 08:24 पी एम
💧 अमृत काल : 01:00 ए एम, जुलाई 04 से 02:33 ए एम, जुलाई 04
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:05 ए एम, जुलाई 04 से 12:46 ए एम, जुलाई 04
सर्वार्थ सिद्धि योग : पूरे दिन
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-शिव मंदिर में हरे फल चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – प्रदोष व्रत/सर्वार्थसिद्धि योग, वायु-परीक्षा दिवस, बौद्धों का धर्मचक्र-प्रवर्तन दिवस (सारनाथ), बौद्धों का धर्मचक्र-प्रवर्तन दिवस (सारनाथ), श्रीलसनातन गोस्वामी का तिरोभाव दिवस, अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेटर हरभजन सिंह जन्म दिवस, अभिनेता राजकुमार पुण्य तिथि, परमवीर चक्र सम्मानित भारतीय सैनिक मनोज कुमार पांडेय शहीद दिवस, अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस, राष्ट्रीय फ्राइड क्लैम दिवस, राष्ट्रीय स्वतंत्र बीयर रन दिवस, VI मुक्ति दिवस, स्टार्टदकनवर्सेशन दिवस, अमेरिकी रेडनेक दिवस, अंतर्राष्ट्रीय ड्रॉप ए रॉक दिवस, अंतर्राष्ट्रीय ज़ायोनिज़्म के संस्थापक थ्योडोर हर्टज़ल स्मृति दिवस
✍🏼 विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण हैं। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ एवं जप से धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।
🏘️ Vastu Tips_ 🏚️
वास्तु शास्त्र में आज आचार्य श्री गोपी राम से जानिए पूजा करने की सही दिशा के बारे में। वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा के दौरान अपना मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए। इनमें से भी पूर्व दिशा में मुख करके पूजा-अर्चना करना श्रेष्ठ रहता है। क्योंकि पूर्व दिशा शक्ति व शौर्य की प्रतीक है। वास्तु शास्त्र में पूजा के लिए पश्चिम की तरफ पीठ करके यानी पूर्वाभिमुख होकर बैठना ज्ञान प्राप्ति के लिए अच्छा माना जाता है।
इस दिशा में उपासना करने से हमारे भीतर क्षमता और सामर्थ्य का संचार होता है। जिससे हमें अपने लक्ष्य को हासिल करने में आसानी होती है। इस दिशा में पूजा स्थल होने से घर में रहने वालों को शांति, सुकून, धन, प्रसन्नता और स्वास्थ लाभ मिलता है।
🔏 जीवनोपयोगी कुंजियां
थकान मिटाने हेतु
ध्यान-भजन करने बैठे और थकान लगे तो क्या करे ? पलथी मार के बैठो और शरीर को चक्की कि नाई गोल घुमाओ | अनाज पीसने कि हाथ्वाली चक्की घूमती है न गोल, ऐसे थोड़ी देर घुमाओ, फिर उसकी विपरीत दिशा में भी घुमाओ |
फिर अपने-आप घूमेगा थोड़ी देर |इससे थकान मिटेगी, ताजगी आयेगी |
🍃 आरोग्य संजीवनी
दो-तीन कालीमिर्च + तीन-चार लौंग + 2 दाल चीनी अच्छे से कूटें, फिर 100 ml पानी में मिला कर घोल को अच्छे से उबाल लें। फिर उस घोल को सम्हाल कर रखें तथा सिप करके 3-4 बार आधे-आधे घण्टे के अंतराल में पिएँ। इससे तत्काल में माइग्रेन से काफी राहत मिलेगी।
2.) High BP एक factor है जिससे माइग्रेन की समस्या बढ़ जाती है।
इसके निवारण के लिए :- एक बाल्टी में गर्म पानी लें फिर उसमें अपने पैर डूबा कर बैठें। इस बीच तापमान सन्तुलित रखें। यदि पानी कुछ ठंडा होने लगे तो उसे बदलकर गर्म पानी में पैर रख लें। इसी प्रकार 20 मिनट तक रखने से BP में 10 यूनिट की कमी आएगी। इस बीच यदि सिर में दर्द हो तो सामान्य तापमान के पानी वाले गीले कपड़े को सिर में लपेट लें। इससे BP व सिर दर्द दोनों कम होंगे।
इसके साथ हमें यह भी याद रखना चाहिए कि यदि माइग्रेन दर्द भूख के कारण होता हो तो या दर्द के समय खाली पेट हो तो हमें 2-2 घण्टे के अंतराल में कुछ न कुछ खाते रहना चाहिए, अर्थात भूखे नहीं रहना चाहिए।
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⚜️ आज द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
द्वादशी तिथि में जन्म लेनेवाले व्यक्ति का स्वभाव अस्थिर होता है। इनका मन किसी भी विषय में केन्द्रित नहीं हो पाता है। इस व्यक्ति का मन हर पल चंचल बना रहता है। इस तिथि के जातक का शरीर पतला व कमज़ोर होता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनकी स्थिति अच्छी नहीं होती है। ये यात्रा के शौकीन होते हैं और सैर सपाटे का आनन्द लेते रहते हैं।

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