
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 07 जनवरी 2026
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ *दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है। *बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
*बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 🔮 *शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल* 🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
👸🏻 शिवराज शक 352_
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
🌧️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
⛈️ मास – माघ मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – बुधवार माघ माह के कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि 06:33 AM तक उपरांत षष्ठी
📝 तिथी स्वामी – पंचमी के देवता हैं नागराज। इस तिथि में नागदेवता की पूजा करने से विष का भय नहीं रहता, स्त्री और पुत्र प्राप्ति होती है। यह लक्ष्मीप्रदा तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र मघा 11:56 AM तक उपरांत पूर्व फाल्गुनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – मघा नक्षत्र का स्वामी ग्रह केतु है, मघा नक्षत्र के देवता पितृ (पूर्वज) हैं, जो मानव वंश के पूर्वज होते हैं
⚜️ योग – आयुष्मान योग 06:33 PM तक, उसके बाद सौभाग्य योग
⚡ प्रथम करण कौलव 06:37 PM तक, बाद
✨ द्वितीय करण : तैतिल 06:34 AM तक, बाद गर
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 11:10 से 12:35 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:35 से 2:00 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:55:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 03:25:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त – 05:26 ए एम से 06:21 ए एम
🌆प्रातः सन्ध्या – 05:53 ए एम से 07:15 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त – कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त – 02:12 पी एम से 02:53 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त – 05:37 पी एम से 06:04 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या – 05:40 पी एम से 07:01 पी एम
💧 अमृत काल – 09:34 ए एम से 11:09 ए एम
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को सवाकिलो साबुत मूंग परिपूरित कांस्य पात्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – राष्ट्रीय बॉबलहेड दिवस, राष्ट्रीय टेम्पुरा दिवस, भारतीय अभिनेता इरफ़ान खान (दिवंगत) जयन्ती, अभिनेत्री ममता शंकर जन्म दिवस, बिपाशा बसु जन्म दिवस, महान फिल्म निर्माता बिमल चंद्र रॉय स्मृति दिवस, संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर यादगार दिवस, जानेमाने शतरंज खिलाड़ी कृष्णन शशिकिरण जन्म दिवस, जॉनी लीवर जन्म दिवस बिपाशा बसु सिंह ग्रोवर जयन्ती, भारतीय अभिनेत्री रीना राय जन्म दिवस, गोवा की भूतपूर्व मुख्यमंत्री शशिकला काकोदकर जन्म दिवस, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के संस्थापक उवैद सिद्दिकी जन्म दिवस, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी जानकी देवी बजाज जयन्ती
✍🏼 तिथि विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, व्यापार, तर्कशक्ति और निर्णय क्षमता का प्रतीक माना जाता है. जब भी बुध अपनी चाल या नक्षत्र बदलते हैं, तो उसका सीधा प्रभाव व्यक्ति के करियर, आर्थिक स्थिति और मानसिक संतुलन पर पड़ता है. 7 जनवरी 2026 को बुध ग्रह पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं. यह नक्षत्र शुक्र ग्रह के अधीन माना जाता है, ऐसे में बुध और शुक्र के प्रभावों का मिलाजुला रूप देखने को मिलेगा. बुध का यह नक्षत्र परिवर्तन कुछ राशियों के लिए अनुकूल न होकर चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. इन राशियों के जातकों को विशेष रूप से धन, करियर और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी जाती है. साथ ही कुछ सरल उपाय अपनाकर बुध की नकारात्मकता को कम किया जा सकता है.
🪐 बुध नक्षत्र परिवर्तन 2026
ग्रहों के राजकुमार बुध 7 जनवरी 2026, दिन बुधवार को शुक्र के नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा में प्रवेश करेंगे. बुध का यह नक्षत्र परिवर्तन 7 जनवरी को रात 12 बजकर 4 मिनट पर होगा. इस नक्षत्र परिवर्तन से मेष, मिथुन और कन्या राशि वालों को करियर में सफलता मिलेगी. कारोबार में तरक्की करेंगे और विवाह के योग बनेंगे चलिए आचार्य श्री गोपी राम से इनके बारे में विस्तार से जानते हैं.
🐂 *वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध का यह नक्षत्र गोचर कुछ उतार-चढ़ाव लेकर आ सकता है. इस दौरान आर्थिक मामलों में लापरवाही नुकसान का कारण बन सकती है. किसी भी तरह के निवेश से पहले अनुभवी लोगों की सलाह लेना आपके लिए जरूरी रहेगा. जल्दबाजी में लिया गया फैसला भविष्य में परेशानी बढ़ा सकता है. करियर से जुड़े बड़े निर्णय, जैसे नौकरी बदलना या नया व्यवसाय शुरू करना, इस समय टालना ही बेहतर होगा. कार्यक्षेत्र में मानसिक दबाव बढ़ सकता है, इसलिए धैर्य बनाए रखना आवश्यक है. स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह समय थोड़ा कमजोर रह सकता है, विशेषकर थकान और तनाव से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. 💁🏻♀️ *उपाय: बुध की अशुभता को कम करने के लिए 10 वर्ष से कम उम्र की कन्याओं को हरी चूड़ियां या हरे रंग के वस्त्र भेंट करें.
🦀 *कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों के लिए बुध का नक्षत्र परिवर्तन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है. गोचर के बाद छोटी-बड़ी शारीरिक परेशानियां सामने आ सकती हैं, इसलिए अपनी दिनचर्या और खानपान पर ध्यान देना जरूरी होगा. *कार्यस्थल पर परिस्थितियां आपके पक्ष में कम नजर आ सकती हैं. ऑफिस में चल रही राजनीति से दूरी बनाकर रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा, अन्यथा बेवजह विवाद या मानहानि का सामना करना पड़ सकता है. विद्यार्थियों को पढ़ाई में मन लगाने में कठिनाई हो सकती है. आर्थिक मामलों में लेन-देन करते समय सावधानी बरतें, बिना सोचे-समझे उधार देना या लेना नुकसानदेह साबित हो सकता है.
💁🏻♀️ *उपाय: नियमित रूप से भगवान गणेश की पूजा करें. बुधवार के दिन उन्हें दूर्वा अर्पित करें. 👩❤️👨 *मिथुन राशि के जातकों के लिए यह गोचर शुभ संकेत लेकर आ रहा है। समय-समय पर धन लाभ के योग बनेंगे। ऐसे में कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं। विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा और प्रमोशन के अवसर मिल सकते हैं। प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने का योग बन रहा है। धार्मिक और आध्यात्मिक कामों में भी सफलता मिलेगी। यह समय आपके लिए तरक्की और विस्तार का रहेगा।
👰🏻♀️ *कन्या राशि: पारिवारिक जीवन में मच सकती है उथल-पुथल बुध आपकी ही राशि के स्वामी हैं और ऐसे में राक्षस ग्रह में इनकी स्थिति आपके जीवन में उतार-चढ़ाव लाएगी। माता के साथ वार्तालाप करते समय आपको शब्दों का इस्तेमाल सतर्कता से करना होगा, अनबन होने की आशंका है। सीनियर कर्मचारी आपके काम पर पैनी नजर रखेंगे, छोटी सी गलती भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई से ज्यादा बेवजह की चीजों पर हो सकता है जिससे आने वाले वक्त में शिक्षा जीवन में परेशानियां पैदा हो सकती हैं। पारिवारिक जीवन में लोगों के बीच अनबन आपके मानसिक तनाव का कारण बन सकती है। 🦂 *वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बृहस्पति का यह नक्षत्र गोचर कई मायनों में लाभदायक सिद्ध हो सकता है। खासकर विद्यार्थियों के लिए यह समय बेहद अनुकूल रहेगा और शिक्षा के क्षेत्र में उन्हें बड़ी उपलब्धियां मिल सकती हैं। इस दौरान आप स्वयं को अधिक ऊर्जावान, सक्रिय और आत्मविश्वास से भरपूर महसूस करेंगे। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होने लगेंगे और इसमें परिवार का भरपूर सहयोग मिलेगा। भाग्य भी आपका साथ देगा, जिससे कई कार्य बिना अधिक प्रयास के ही सफल हो सकते हैं।
🏹 *धनु राशि वालों के लिए बुध का यह नक्षत्र गोचर काफी अनुकूल साबित हो सकता है। आय में जबरदस्त बढ़ोतरी के संकेत हैं। कमाई के नए स्रोत बन सकते हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और अच्छी खबर मिल सकती है। निवेश, शेयर बाजार या संपत्ति से लाभ संभव है। बच्चों से जुड़ी खुशी और शिक्षा में सफलता मिल सकती है। लंबे समय से चली आ रही इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। बुध का शुक्र के नक्षत्र में प्रवेश कुछ राशियों के लिए भाग्य का द्वार खोल सकता है। खासकर तुला, मिथुन और धनु राशि वालों के लिए यह समय धन, करियर और सुख-समृद्धि बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। सही फैसले और मेहनत के साथ यह गोचर जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। 🐊 *मकर राशि: मकर राशि के जातकों को इस गोचर के दौरान सामाजिक जीवन में विशेष सावधानी बरतनी होगी. बातचीत करते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करें, क्योंकि आपकी कही गई बातों को गलत तरीके से समझा जा सकता है.
*कुछ जातकों को इस समय आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है. खर्चों पर नियंत्रण रखना और सही बजट बनाकर चलना बेहद जरूरी होगा. नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अपेक्षित परिणाम पाने के लिए अधिक मेहनत और धैर्य दिखाना पड़ेगा. 💁🏻♀️ *उपाय: बुध ग्रह की प्रतिकूलता से राहत पाने के लिए नियमित रूप से गाय को हरा चारा खिलाएं, इससे नकारात्मक प्रभाव कम होंगे.
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⚜️ चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों भी त्याज्य है। आज गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी की पूजा का विशेष महत्त्व है। आज गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है। शास्त्रानुसार जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्थी तिथि को होता है वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान एवं अच्छे संस्कारों वाला होता है। ऐसे लोग अपने मित्रों के प्रति प्रेम भाव रखते हैं तथा इनकी सन्तानें अच्छी होती है। इन्हें धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और ये सांसारिक सुखों का पूर्ण उपभोग करते हैं।।



