धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग बुघवार, 09 अप्रैल 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 09 अप्रैल 2025
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
☀️ मास – चैत्र मास
🌔 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📅 तिथि – बुधवार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि 10:55 PM तक उपरांत त्रयोदशी
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होकर समस्त लोक में पूज्य हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र मघा 09:57 AM तक उपरांत पूर्व फाल्गुनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – मघा नक्षत्र के स्वामी केतु हैं। तथा मघा नक्षत्र के अधिपति देवता पितर हैं।
⚜️ योग – गण्ड योग 06:25 PM तक, उसके बाद वृद्धि योग
प्रथम करण : बव – 10:00 ए एम तक
द्वितीय करण – बालव – 10:55 पी एम तक कौलव
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होकर समस्त लोक में पूज्य हो जाता है।
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 11:10 से 12:35 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:35 से 2:00 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:47:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:12:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:32 ए एम से 05:17 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:54 ए एम से 06:02 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त : 02:30 पी एम से 03:20 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:42 पी एम से 07:05 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:43 पी एम से 07:51 पी एम
💧 अमृत काल : 07:21 ए एम से 09:05 ए एम 05:21 ए एम, अप्रैल 10 से 07:07 ए एम, अप्रैल 10
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:45 ए एम, अप्रैल 10
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-किसी बटुक को धर्मशास्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – विष्णु द्वादशी/मूल समाप्त/ राष्ट्रीय परिपक्व महिला दिवस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ़) का शौर्य दिवस, स्वरा भास्कर जन्म दिवस, राष्ट्रीय पूर्व युद्ध बंदी मान्यता दिवस, राष्ट्रीय जिन और टॉनिक दिवस, राष्ट्रीय यूनिकॉर्न दिवस, विंस्टन चर्चिल दिवस, अभिनेत्री प्रतिभा देवी जन्म दिवस, अभिनेत्री जया बच्चन जन्मदिवस, जॉर्जिया राष्ट्रीय एकता दिवस, चंद्र राजेश्वर राव, स्वतंत्रता सेनानी स्मृति दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह मसूर से बना सभी व्यंजन इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण भगवान को बताया गया है। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ अवश्य करने चाहिए। नाम के पाठ एवं जप आदि करने से व्यक्ति के जीवन में धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति सहज ही होने लगती है।
🗼 Vastu Tips_ 🗽
वास्तु शास्त्र में आज आचार्य श्री गोपी राम से जानिए फिटकरी के बारे में। अगर आपके घर या ऑफिस में किसी भी प्रकार का वास्तु सम्बन्धी समस्या है तो उसे दूर करने को लिए आज ही 50 ग्राम फिटकरी का टुकड़ा लेकर उसे घर या ऑफिस के हर कमरे या कोने में रख दें। जहां किसी और की जल्दी से नजर नहीं जाती हो। इससे विभिन्न वास्तु दोषों से होने वाली परेशानियों से आपको छुटकारा मिलेगा और आपके घर में सुख-शांति के साथ धन-सम्पदा में भी वृद्धि होगी। ध्यान रहे कि कुछ-कुछ दिनों में जब फिटकरी का रंग बदलने लगे तो उसे नई फिटकरी से बदल दें।
इससे विभिन्न वास्तु सम्बन्धी होने वाली परेशानियों में कमी आयेगी और सुख-शांति के साथ धन-संपदा में भी वृद्धि होगी। इसके अलावा अगर सोने से पहले काले कपड़े में फिटकरी बांधकर सिरहाने पर तकिये के नीचे रखें तो बुरे सपने नहीं आते और अज्ञात भय से मुक्ति मिलती है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
हेल्दी रहने के लिए इन चीज़ों को जीवनशैली में करें शामिल:
अच्छी डाइट फॉलो करना: आपकी डाइट जितनी बेहतर होगी आपका शरीर बीमारियों से उतना ही दूर होगा। घर का बना हेल्दी खाना खाएं। अपनी डाइट में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं। ताज़े, पौष्टिक, और कम वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें। ताजे फल, हरी सब्ज़ियां और साबुत अनाज ज़्यादा खाएं। जंक फ़ूड और फ़ास्ट फ़ूड कम खाएं। ओमेगा 3 फैटी एसिड का सेवन अपनी डाइट में शामिल करें। इसके लिए अपनी डाइट में चिया बीज, अखरोट और अलसी के बीजों को शामिल करें।
नियमित रूप से व्यायाम करें: अगर, आप अपने आप को हर उम्र में एक्टिव और निरोगी रखना चाहते हैं तो अपनी जीवनशैली में व्यायाम को ज़रूर शामिल करें। नियमित रूप से व्यायाम करने से हमारा ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, हार्ट पम्प होता है, वजन कम होता है। जिस वजह से बीमारी हमारे शरीर के आसपास भी नहीं फटकती। आप जिम जाएं, वॉक करें या फिर योगा करें लेकिन अपने आप को एक्टिव रखें
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
डायबिटीज कंट्रोल करे:हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, शहतूत के पत्तों में डीएनजे नामक तत्व पाया जाता है. डीएनजे अल्फा ग्लूकोसाइड एंजाइम से मिलकर एक बॉन्ड बनाता है. ये ब्लड में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद करता है. इसके अलावा शहतूत की पत्तियां लिवर में बनने वाले ग्लूकोज की मात्रा को भी नियंत्रित करने में भी मदद करती हैं.
वजन घटाए: आजकल लोगों का बढ़ता वजन चिंता का विषय बन चुका है. ऐसे में शहतूत की पत्तियां आपके काम आ सकती हैं. बता दें कि, शहतूत की पत्तियों की चाय का सेवन करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बूस्ट करने में मदद मिलती है. शरीर का मेटाबॉलिज्म बूस्ट होने से मोटापा और वजन घटाने में मदद मिलती है.
बीपी कंट्रोल करे: शरीर में बढ़ता ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए भी शहतूत की पत्तियां फायदेमंद हैं. बता दें कि, शहतूत में कार्बोहाइड्रेट और फॉस्फोरस विटामिन-ए विटामिन-के कैल्शियम आयरन डाइटरी फाइबर पोटेशियम आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं जो बीमारी को कंट्रोल करने में कारगर हैं.
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक औरत रोटी बनाते बनाते ॐ भगवते वासुदेवाय नम:का जाप कर रही थी, अलग से पूजा का समय कहाँ निकाल पाती थी बेचारी, तो बस काम करते करते ही…।
एकाएक धड़ाम से जोरों की आवाज हुई और साथ मे दर्दनाक चीख। कलेजा धक से रह गया जब आंगन में दौड़ कर झांकी तो आठ साल का चुन्नू चित्त पड़ा था, खून से लथपथ। मन हुआ दहाड़ मार कर रोये। परंतु घर मे उसके अलावा कोई था नही, रोकर भी किसे बुलाती, फिर चुन्नू को संभालना भी तो था। दौड़ कर नीचे गई तो देखा चुन्नू आधी बेहोशी में माँ माँ की रट लगाए हुए है।
अंदर की ममता ने आंखों से निकल कर अपनी मौजूदगी का अहसास करवाया। फिर 10 दिन पहले करवाये अपेंडिक्स के ऑपरेशन के बावजूद ना जाने कहाँ से इतनी शक्ति आ गयी कि चुन्नू को गोद मे उठा कर पड़ोस के नर्सिंग होम की ओर दौड़ी। रास्ते भर भगवान को जी भर कर कोसती रही, बड़बड़ाती रही, हे कन्हैया क्या बिगाड़ा था मैंने तुम्हारा, जो मेरे ही बच्चे को..।
खैर डॉक्टर साहब मिल गए और समय पर इलाज होने पर चुन्नू बिल्कुल ठीक हो गया। चोटें गहरी नही थी, ऊपरी थीं तो कोई खास परेशानी नही हुई।…
रात को घर पर जब सब टीवी देख रहे थे तब उस औरत का मन बेचैन था। भगवान से विरक्ति होने लगी थी। एक मां की ममता प्रभुसत्ता को चुनौती दे रही थी।
उसके दिमाग मे दिन की सारी घटना चलचित्र की तरह चलने लगी। कैसे चुन्नू आंगन में गिरा की एकाएक उसकी आत्मा सिहर उठी, कल ही तो पुराने चापाकल का पाइप का टुकड़ा आंगन से हटवाया है, ठीक उसी जगह था जहां चिंटू गिरा पड़ा था। अगर कल मिस्त्री न आया होता तो..? उसका हाथ अब अपने पेट की तरफ गया जहां टांके अभी हरे ही थे, ऑपरेशन के। आश्चर्य हुआ कि उसने 20-22 किलो के चुन्नू को उठाया कैसे, कैसे वो आधा किलोमीटर तक दौड़ती चली गयी? फूल सा हल्का लग रहा था चुन्नू। वैसे तो वो कपड़ों की बाल्टी तक छत पर नही ले जा पाती।
फिर उसे ख्याल आया कि डॉक्टर साहब तो 2 बजे तक ही रहते हैं और जब वो पहुंची तो साढ़े 3 बज रहे थे, उसके जाते ही तुरंत इलाज हुआ, मानो किसी ने उन्हें रोक रखा था।
उसका सर प्रभु चरणों मे श्रद्धा से झुक गया। अब वो सारा खेल समझ चुकी थी। मन ही मन प्रभु से अपने शब्दों के लिए क्षमा मांगी।
तभी टीवी पर ध्यान गया तो प्रवचन आ रहा था प्रभु कहते हैं, “मैं तुम्हारे आने वाले संकट रोक नहीं सकता, लेकिन तुम्हे इतनी शक्ति दे सकता हूँ कि तुम आसानी से उन्हें पार कर सको, तुम्हारी राह आसान कर सकता हूँ। बस धर्म के मार्ग पर चलते रहो।
उस औरत ने घर के मंदिर में झांक कर देखा, कन्हैया मुस्कुरा रहे जय श्री कृष्णा
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⚜️ द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।।

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