धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शनिवार, 24 मई 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 24 मई 2025
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
☀️ मास – ज्यैष्ठ मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – शनिवार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि 07:20 PM तक उपरांत त्रयोदशी
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होकर समस्त लोक में पूज्य हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र रेवती 01:48 PM तक उपरांत अश्विनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – रेवती नक्षत्र का स्वामी ग्रह बुध है. रेवती नक्षत्र के देवता पूषा हैं।
⚜️ योग – आयुष्मान योग 03:00 PM तक, उसके बाद सौभाग्य योग
प्रथम – करण : कौलव – 08:57 ए एम तक
द्वितीय करण : तैतिल – 07:20 पी एम तक गर
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6: 53 से 8:19 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:44 से 11:09 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:19:00
🌅 सर्यास्तः- सायं 06:41:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:04 ए एम से 04:45 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:24 ए एम से 05:26 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:46 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:35 पी एम से 03:30 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:09 पी एम से 07:30 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:10 पी एम से 08:12 पी एम
💧 अमृत काल : 11:37 ए एम से 01:05 पी एम 04:47 ए एम, मई 25 से 06:12 ए एम, मई 25
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:57 पी एम से 12:38 ए एम, मई 25
🚙 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शनिदेव का तिल के तेल से अभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – अपरा एकादशी व्रत (निम्बार्क)/ शनि प्रदोष व्रत/ पंचक समाप्ति 13.48 पर/ शांति और निरस्त्रीकरण के लिए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, भारतीय विदेश सचिव रंजन मथाई जन्म दिवस, प्रसिद्ध क्रान्तिकारी करतार सिंह सराभा जयन्ती, राष्ट्रमंडल दिवस, विश्व तपेदिक दिवस, भारतीय थल सेना के जांबाज सुधीर कुमार वालिया जयन्ती, प्रसिद्ध संगीतकार राजेश रोशन जन्म दिवस, भारत के पूर्व ‘भारतीय विदेश सचिव’ रंजन मथाई जन्म दिवस, राष्ट्रीय मेहतर शिकार दिवस, राष्ट्रमंडल दिवस, इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया जन्म दिवस, भाई दिवस (Brothers Day), राष्ट्रमंडल दिवस (Commonwealth Day).
✍🏼 तिथि विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह मसूर से बना सभी व्यंजन इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण भगवान को बताया गया है। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ अवश्य करने चाहिए। नाम के पाठ एवं जप आदि करने से व्यक्ति के जीवन में धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति सहज ही होने लगती है।
🗼 Vastu tips 🗽
सुबह उठकर न देखें ये चीजें गंदे या खाली बर्तन वास्तु के अनुसार सुबह उठते ही गंदे या खाली बर्तन नहीं देखने चाहिए। माना जाता है कि इससे घर में दरिद्रता आती है और खाने-पीने की कमी हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि रात को सोने से पहले सभी गंदे बर्तन धो लें, क्योंकि सुबह उठते ही ऐसे बर्तन देखना बहुत अशुभ माना जाता है।
बंद घड़ी अक्सर लोग सुबह उठते ही घड़ी देखते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर घड़ी बंद हो तो उसे तुरंत हटा दें। सुबह उठते ही बंद घड़ी को नहीं देखना चाहिए। बंद घड़ी को देखना अशुभ माना जाता है और इससे पूरे दिन काम में रुकावट आ सकती है। अगर घर में कोई घड़ी बंद पड़ी है तो उसे ठीक करवा लें या हटा दें।
अपनी या किसी और की परछाई सुबह उठते ही अपनी या किसी और की परछाई देखने से बचना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करने से दिनभर के काम बिगड़ सकते हैं और मन पर बुरा असर पड़ सकता है।
🎯 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
नींबू पानी का सेवन शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद कर सकता है। यह किडनी और यकृत के कार्य को बेहतर बनाने में सहायक होता है, जिससे शरीर के अंदर जमा हानिकारक पदार्थ बाहर निकलते हैं।
हालांकि, कुछ लोगों को नींबू के एसिड की वजह से पेट में जलन या एसिडिटी की समस्या हो सकती है। खाली पेट एसिडिक पेय का सेवन करने से समस्या बढ़ सकती है, विशेषकर यदि आपकी पेट की दीवार पहले से ही संवेदनशील है। ऐसे में, नींबू पानी को थोड़ा पानी या शहद के साथ मिला कर पीना अच्छा हो सकता है।
नींबू के एसिड से दांतों की चमक पर असर पड़ सकता है, इसलिए नींबू पानी पीने के बाद दांतों को ब्रश करने की सलाह दी जाती है। एसिड दांतों की इनेमल को कमजोर कर सकता है, इसलिए ध्यान रखें कि नियमित ब्रशिंग और माउथवॉश का उपयोग करें।
🍂 आरोग्य संजीवनी 🍁
ल्युकेरिया के लिए सबसे असरदार दवाई कोनसी है जो पुरानी बीमारी को ठीक कर दे?
ल्यूकोरिया (Leucorrhoea) यानी सफेद पानी की शिकायत महिलाओं में एक आम समस्या है, लेकिन अगर ये लंबे समय से है और बार-बार हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसका इलाज बीमारी की जड़ पर निर्भर करता है — जैसे कि हार्मोनल असंतुलन, संक्रमण, यूट्रस/सर्विक्स में सूजन आदि।
यहाँ कुछ असरदार आयुर्वेदिक और एलोपैथिक दवाइयों की जानकारी दी जा रही है, लेकिन किसी भी दवा को लेने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
🧉 आयुर्वेदिक इलाज (पुरानी ल्यूकोरिया के लिए असरदार):
Pushyanug Churna (पुष्यनुग चूर्ण) दिन में दो बार शहद या गाय के दूध के साथ सफेद पानी, योनि की दुर्गंध, कमजोरी में लाभकारी
Chandraprabha Vati (चंद्रप्रभा वटी) 2 गोली दिन में दो बार गुनगुने पानी के साथ संक्रमण, पेशाब की जलन, सफेद पानी में प्रभावी
Ashokarishta (अशोकारिष्ट)15-20 ml दिन में दो बार पानी के साथ हार्मोनल बैलेंस करता है, यूट्रस टॉनिक है
👉🏼 घरेलू उपाय:
1 गिलास पानी में 1 चम्मच मेथी दाना उबालें, ठंडा करके पिएं – संक्रमण में राहत
धनिया के बीज (5gm) रात को भिगोकर सुबह छानकर पानी पिएं
आंवला और शहद रोज सेवन करें
📖 गुरु भक्ति योग 📗
गुरु ग्रह को बलवान बनाने के आसान उपाय क्या हैं?
कुंडली में कमजोर बृहस्पति? इन उपायों को अपनाएं
बृहस्पति, जिसे गुरु ग्रह या गुरु या बृहस्पति के रूप में भी जाना जाता है, सीखने और ज्ञान का ग्रह है। यह ग्रह, जब किसी कुंडली में अनुकूल स्थिति में रखा जाता है, तो आश्चर्यजनक सकारात्मक प्रभाव ला सकता है। एक सकारात्मक बृहस्पति अन्य ग्रहों ke nakaratmak prabhav को दूर करने में सक्षम है। यही कारण है कि सकारात्मक बृहस्पति वाले लोग बहुत भाग्यशाली माने जाते हैं।
जूपिटर, जिसे गुरु ग्रह या गुरु या बृहस्पति के नाम से भी जाना जाता है, सीखने और ज्ञान का ग्रह है। यह ग्रह, जब किसी कुंडली में अनुकूल स्थिति में रखा जाता है, तो आश्चर्यजनक सकारात्मक प्रभाव ला सकता है। एक सकारात्मक बृहस्पति अन्य पुरुष ग्रहों को दूर करने में सक्षम है। यही कारण है कि सकारात्मक बृहस्पति वाले लोग बहुत भाग्यशाली माने जाते हैं।
बृहस्पति, जिसे गुरु ग्रह या गुरु या बृहस्पति के रूप में भी जाना जाता है, सीखने और ज्ञान का ग्रह है। यह ग्रह, जब किसी कुंडली में अनुकूल स्थिति में रखा जाता है, तो आश्चर्यजनक सकारात्मक प्रभाव ला सकता है।
सकारात्मक बृहस्पति अन्य ग्रहों ke dosh को दूर करने के लिए पर्याप्त सक्षम है। यही कारण है कि सकारात्मक बृहस्पति वाले लोग बहुत भाग्यशाली माने जाते हैं।
हालांकि, अपने उदार स्वभाव के बावजूद, बृहस्पति कभी-कभी आपकी कुंडली में कमजोर स्थान पर बैठता है और गुरु दोष या कमजोर बृहस्पति का कारण बनता है। कमजोर बृहस्पति व्यक्ति के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। साथ ही, यह मूल निवासी के जीवन में दुर्भाग्य ला सकता है। कमजोर बृहस्पति के कारण आपको होने वाली कुछ अन्य परेशानियाँ हैं:
• कमजोर बृहस्पति वाले व्यक्ति को ज्ञान की कमी हो सकती है
• कमजोर बृहस्पति के कारण समाज में व्यक्ति की छवि को नुकसान हो सकता है
• कमजोर बृहस्पति आपके लिए अनादर ला सकता है
• अन्य लोग कमजोर बृहस्पति वाले व्यक्ति पर आसानी से हावी हो सकते हैं
• कमजोर बृहस्पति वाला व्यक्ति विवाहित जीवन में पारिवारिक विवादों और समस्याओं का सामना करेगा
• वह शादी में देरी का अनुभव करेगा
• वह जीवन में अस्थिरता का अनुभव करेगा
• व्यक्तित्व में अचानक बदलाव उपर्युक्त समस्याओं के अलावा, कमजोर बृहस्पति के साथ एक व्यक्ति को ओम्पटीन मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, चिंतित होने की कोई आवश्यकता नहीं है; ज्योतिष में तरीके हैं, जो आपकी कुंडली में बृहस्पति की शक्ति को बढ़ा सकते हैं। रत्न का उपयोग करके आप बृहस्पति की शक्ति बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, आपके बृहस्पति की सहायता के लिए विभिन्न पूजाएँ भी की जा सकती हैं। हालाँकि, ये सरल उपाय भी आपके बृहस्पति को ताकत प्रदान कर सकते हैं:
• आप अपने माथे पर हल्दी या नारंगी चंदन का पेस्ट लगा सकते हैं
• पीले रंग के आभूषण (विशेष रूप से सोना) पहनें इससे भी आपका बृहस्पति मजबूत हो सकता है
• अपने दिन-प्रतिदिन के जीवन में पीला रंग पहनने से भी मदद मिलती है
• कुछ भी नया काम शुरू करने से पहले लगातार 8 दिन तक किसी मंदिर में हल्दी का दान करें
• गुरुवार के दिन गाय को गुड़ खिलाएं
• गुरुवार का व्रत रखने से भी आपके बृहस्पति मजबूत होते हैं
• आप भगवान विष्णु की पूजा कर सकते हैं और विष्णु सहस्रनाम का जाप कर सकते हैं
• गुरु मंत्र का 2 for या 10 times बार जप करें (गुरु मंत्र – ओम ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः!)।
• अपने बृहस्पति को मजबूत करने के लिए, उपवास का पालन करें और हर पूर्णिमा पर सत्यनारायण कथा सुनें
आप तर्जनी उंगली में भी पहन सकते हैं। सुनिश्चित करें कि आप पहली बार गुरुवार को यह अंगूठी पहनते हैं
शिवलिंग पर मक्खन का तेल लगाना भी पुरुष के बृहस्पति को दूर करने का एक शक्तिशाली उपाय है
यह आवश्यक है कि आप इसे मजबूत बनाने के बजाय, अपने बृहस्पति में संतुलन हासिल करें। यदि आपकी कुंडली में पहले से ही एक मजबूत बृहस्पति है, तो आपको इसे मजबूत बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह नकारात्मक प्रभाव और बीमार स्वास्थ्य को आकर्षित कर सकता है।
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⚜️ द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।।

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