ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 01 जुलाई 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 01 जुलाई 2025
01 जुलाई 2025 दिन मंगलवार को आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। आज षष्ठी को कुमारषष्ठी भी कहा जाता है। आज श्रीस्कन्दषष्ठी का व्रत भी है। आज की षष्ठी को बंगाल में कर्ममषष्ठी के नाम से भी जाना जाता है। उड़ीसा में आज ही हेरपंचमी मनाया जाएगा। आज रवियोग भी है। आज “शुभाशुभ त्र्यगुण्यकर : त्रिपुष्कर योग भी है। अर्थात शुभ करेंगे तो तीन गुना ज्यादा और अशुभ करेंगे तो तीन गुना फल प्राप्त होगा। आप सभी सनातनियों बंधुओं को “श्रीस्कंदषष्ठी व्रत” की बहुत – बहुत हार्दिक शुभकामनाएं एवं अनन्त – अनन्त बधाईयां।।
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
👸🏻 शिवराज शक 352_

☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
☂️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
☀️ मास – आषाढ़ मास
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि 10:20 AM तक उपरांत सप्तमी
🖍️ तिथी स्वामी – षष्ठी के देता हैं कार्तिकेय। इस तिथि में कार्तिकेय की पूजा करने से मनुष्य श्रेष्ठ मेधावी, रूपवान, दीर्घायु और कीर्ति को बढ़ाने वाला हो जाता है। यह यशप्रदा अर्थात सिद्धि देने वाली तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 08:53 AM तक उपरांत उत्तर फाल्गुनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह है। इसके देवता भग हैं, जो विवाह, सौभाग्य और समृद्धि के देवता माने जाते हैं।
🔱 योग – व्यातीपात योग 05:18 PM तक, उसके बाद वरीयान योग
⚡ प्रथम करण : तैतिल – 10:20 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : गर – 11:04 पी एम तक वणिज
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:19 बजे से 16:41 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:12:00_

🌄 सूर्यास्तः- सायं 06:46:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:06 ए एम से 04:47 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:26 ए एम से 05:27 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:57 ए एम से 12:53 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:44 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:22 पी एम से 07:42 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 07:23 पी एम से 08:24 पी एम
💧 अमृत काल : 03:15 ए एम, जुलाई 02 से 05:00 ए एम, जुलाई 02
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:05 ए एम, जुलाई 02 से 12:45 ए एम, जुलाई 02
🌸 त्रिपुष्कर योग : 10:20 ए एम से 05:27 ए एम, जुलाई 02
❄️ रवि योग : 05:27 ए एम से 08:54 ए एम
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में सिन्दूर का चोला चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – त्रिपुष्कर योग/ रवि योग/ अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला जन्म दिवस, स्वतंत्रता सेनानी डॉ. बिधान चंद्र रॉय जयंती और पुण्यतिथि, राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स दिवस, प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर सिंह जन्म दिवस, कथा साहित्यकार अमरकांत जन्म दिवस, महासचिव गुयेन वैन लिंह जन्म दिवस, भारत में डॉक्टर्स डे, राजनीतिज्ञ वेंकैया नायडू जन्म दिवस, राष्ट्रीय डाक कर्मचारी दिवस, अंतर्राष्ट्रीय रेगे दिवस, अंतर्राष्ट्रीय चिकन विंग दिवस है, राष्ट्रीय अमेरिकी डाक टिकट दिवस, राष्ट्रीय वित्तीय स्वतंत्रता दिवस, ब्लिंक-182 दिवस, भारतीय स्टेट बैंक स्थापना दिवस,जीएसटी दिवस, अन्तरराष्ट्रीय चुटकुला दिवस, राजर्षि पुरुषोत्तमदास टंडन स्मृति दिवस, अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस, वन महोत्सव सप्ताह (1 से 7 जुलाई)
✍🏼 तिथि विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। इस षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय जी को बताया गया हैं। यह षष्ठी तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह षष्ठी तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।
🌷 Vastu tips 🌹
तुलसी का पौधा सनातन धर्म में तुलसी का पौधा बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। तुलसी के पौधे में देवी लक्ष्मी का वास माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि आप घर के मुख्य द्वार पर तुलसी का पौधा लगाते हैं तो आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ जाता है और नकारात्मकता खत्म हो जाती है।
जैस्मिन का पौधा वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में धन आगमन बढ़ जाए, तो घर के मुख्य द्वार पर जैस्मिन यानी चमेली का पौधा लगा सकते हैं। ये ना सिर्फ आपके घर को खुशबू से भर देगा, बल्कि आय के कई स्रोत भी निर्मित कर सकता है।
पाम ट्री वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि आपके घर में तनावपूर्ण माहौल है और आप इस तरह के माहौल से छुटकारा पाना चाहते हैं तो घर के मुख्य द्वार पर पाम ट्री अवश्य लगाएं। ये ना सिर्फ आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ा सकता है, बल्कि घर में फैले तनावपूर्ण माहौल को भी कम करने में सक्षम होता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सीने में दर्द महसूस होना अगर आपको अक्सर सीने में दर्द महसूस होता है, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। सीने में दबाव पड़ना, जकड़न या फिर भारीपन महसूस होना, इस तरह के लक्षण दिल की कमजोर सेहत की तरफ इशारा कर सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक इन लक्षणों को नजरअंदाज करने की जगह आपको तुरंत अपना चेकअप करवा लेना चाहिए।
सांस लेने में दिक्कत महसूस होना क्या आपको अक्सर सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है? अगर हां, तो ये लक्षण भी दिल की बिगड़ती सेहत का संकेत साबित हो सकता है। अगर आपके जबड़े, गर्दन, पीठ या फिर बाएं हाथ में दर्द होता है, तो ये लक्षण भी आपके दिल की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। बिना किसी कारण पसीना आना, इस तरह के लक्षण को भी नजरअंदाज न करें वरना आपको लेने के देने पड़ सकते हैं।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
धनिया पानी पीने के फायदे: पेट को रखे दुरुस्त: अगर आपको अक्सर गैस, कब्ज, एसिडिटी या पेट फूलने जैसी दिक्कतें रहती हैं, तो धनिया पानी आपके लिए संजीवनी बूटी जैसा है। इसमें फाइबर और ऐसे तत्व होते हैं जो हाजमे को एकदम फिट कर देते हैं। ये खाने को पचाने में मदद करता है और पेट की सारी गड़बड़ियों को दूर भगाता है।
वजन घटाने में मददगार: जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए धनिया पानी एक बेहतरीन साथी है। ये आपके मेटाबॉलिज्म को तेज करता है। जब मेटाबॉलिज्म तेज होता है, तो शरीर ज्यादा कैलोरी बर्न करता है जिससे पेट और कमर के आसपास जमा चर्बी कम होती है।
शुगर कंट्रोल करे: अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो धनिया पानी बहुत फायदेमंद है। ये शरीर में इंसुलिन को ठीक से काम करने में मदद करता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। यानी, आपकी शुगर न तो ज्यादा बढ़ती है और न ज्यादा घटती है, बस सही बनी रहती है।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
कृष्ण का शरीर नीला क्यों दिखाई देता है? कृष्ण का शरीर नीला दिखाने का कारण मुख्य रूप से हिंदू पौराणिक कथाओं और (प्रतीकात्मकता) से जुड़ा हुआ है। इसमें विभिन्न आयाम हैं, जिन्हें आप अलग-अलग दृष्टिकोणों से समझ सकते हैं:
आध्यात्मिक प्रतीकात्मकता: अद्वितीयता और दिव्यता: भगवान श्री कृष्ण को नीला रंग दिखाने से उनकी दिव्यता और अद्वितीयता को दर्शाया गया है। नीला रंग आकाश और समुद्र का प्रतीक है, जो विशालता, अनंतता और सर्वव्यापकता को दर्शाता है। कृष्ण का नीला रंग यह संकेत देता है कि वे ब्रह्मा (सार्वभौमिक अस्तित्व) और अनंत ऊर्जा के अवतार हैं।
शांति और प्रेम: नीला रंग आम तौर पर शांति, प्रेम और नर्मता से जुड़ा होता है। भगवान कृष्ण का नीला रंग उनके अविनाशी प्रेम और भगवान के साथ उनके संपर्क को व्यक्त करता है।
विरासत और संस्कृति: हिंदू संस्कृति में, नीला रंग भगवान विष्णु और उनके अवतारों, जैसे श्री कृष्ण, से जुड़ा हुआ है। भगवान विष्णु को भी नीला रंग प्रदर्शित किया जाता है, क्योंकि उनका रूप अनंत, सार्वभौमिक और गहरी शांति का प्रतीक है।
काव्यात्मक और धार्मिक दृष्टिकोण: महाभारत और भागवत पुराण जैसी पौराणिक ग्रंथों में भगवान कृष्ण के रूप में नीला रंग उनके अवतार के उच्चतम रूप को दर्शाता है। इसके माध्यम से उनके नायकत्व, शक्ति और दिव्यता का अनुभव किया जाता है।
नीला रंग का महत्व: नीला रंग विशेष रूप से भारतीय कला और साहित्य में बहुत गहरे भावनात्मक और आध्यात्मिक प्रतीक के रूप में उभर कर आया है। कृष्ण का शरीर नीला दिखाने से उनकी अत्यधिक शक्ति और महत्व को चित्रित किया गया है।
प्राकृतिक दृष्टिकोण: नीला रंग उन तत्वों से जुड़ा हुआ है, जो जीवन के गहरे और अपार पक्षों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जैसे आकाश और समुद्र। ये दो ऐसे बड़े प्राकृतिक तत्व हैं जिनका कोई अंत नहीं है, और कृष्ण का नीला रंग उनके अलौकिक रूप को व्यक्त करता है, जो सीमाहीन और अनंत है।
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⚜️ षष्ठी तिथि आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो षष्ठी तिथि को भगवान कार्तिकेय स्वामी का पूजन करें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी भी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि को सायंकाल के समय में किसी भी शिवमन्दिर में षण्मुख के नाम से छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं। साथ ही सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।

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