मध्य प्रदेश

Today Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 16 अगस्त 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 16 अगस्त 2024
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351_

☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – श्रावण मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शुक्रवार श्रावण माह के शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि 09:39 AM तक उपरांत द्वादशी
🖍️ तिथि स्वामी – एकादशी तिथि के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान, धन-धान्य और भूमि आदि की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र मूल 12:43 PM तक उपरांत पूर्वाषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी – मूल नक्षत्र का स्वामी केतु है और राशि के स्वामी देवताओं के गुरु बृहस्पति हैं।
⚜️ योग – विष्कुम्भ योग 01:11 PM तक, उसके बाद प्रीति योग
प्रथम करण : विष्टि – 09:39 ए एम तक
द्वितीय करण : बव – 08:58 पी एम तक बालव
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:33:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:27:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:24 ए एम से 05:08 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:46 ए एम से 05:51 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:59 ए एम से 12:51 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:36 पी एम से 03:29 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:59 पी एम से 07:21 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:59 पी एम से 08:04 पी एम
💧 अमृत काल : 06:22 ए एम से 07:57 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:04 ए एम, अगस्त 17 से 12:47 ए एम, अगस्त 17
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-लक्षमी मंदिर में छैने से बनी मिठाई चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – पुत्रदा एकादशी व्रत (सर्वे)/मूल समाप्त/ सूर्य का मघा नक्षत्र में प्रवेश/ मानस पूजा समाप्ति (बंगाल)/ श्री अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति दिवस, रामकृष्ण परमहंस महान संत, आध्यात्मिक गुरू (ज.18/02/1836) स्मृति दिवस, राष्ट्रीय रोलर कोस्टर दिवस, पुरुषों का सौंदर्य दिवस, गोल्ड कप परेड, राष्ट्रीय रम दिवस, कूल एड दिवस, राष्ट्रीय चुटकुला सुनाओ दिवस, स्वतंत्रता सेनानी सुभद्रा कुमारी चौहान जयन्ती, भगवान विष्णु के दसवें अवतार कल्कि देव की जयंती, प्रत्यक्ष कार्यवाई दिवस, ऐक्‍ट्रेस हेमा मालिनी जन्मोत्सव, अभिनेता सैफ़ अली ख़ान जन्म दिवस, अभिनेत्री मनीषा कोइराला जन्म दिवस
✍🏼 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
जूते-चप्पल न रखें इस दिशा में उत्तर दिशा में जूते-चप्पल रखना बहुत अशुभ माना जाता है। इस दिशा में अगर आप जूते-चप्पल रखते हैं तो माता लक्ष्मी आप से रूठ सकती हैं और भाग्य का भी साथ छूट सकता है। इसलिए गलती से भी कभी इस दिशा में जूते चप्पल आपको नहीं रखने चाहिए।
उत्तर दिशा में न हों भारी चीजें वास्तु के अनुसार, उत्तर की दिशा का खुला होना बेहद आवश्यक होता है। इस दिशा में अगर आप भारी सामान को रखते हैं तो ये भी धन आगमन को प्रभावित कर सकता है। इसलिए यह जगह जितनी खुली हुई हो उतनी ही आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। साथ ही इस स्थान में रखे सामान पर आपको कभी भी गंदगी नहीं जमने देनी चाहिए।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
शिवलिंग का करें अभिषेक अगर कर्ज से छुटकारा पाना चाहते हैं तो शिवलिंग का अभिषेक करें. मंगलवार के दिन शिव मंदिर जाकर शिवलिंग का अभिषेक करें. इसके साथ मसूर की दाल चढ़ाएं. शिवलिंग के पास बैठकर ऋणमुक्तेश्वर मंत्र- ‘ओम ऋण मुक्तेश्वर महादेवाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें.
हनुमान चालीसा का पाठ आप चाहें तो हर मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी पर तेल और हल्दी सिंदूर चढ़ाएं. इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें. ऐसा करने से आप कर्ज जैसी परेशानियों से राहत पा सकते हैं. इसके साथ आपका मन भी शांत रहेगा.
जौ से करें उपाय अगर आप कर्ज में डूबे हुए हैं तो रात सोते वक्त अपने बाजू में कटोरे में जौ रखकर सोएं. इसके बाद सुबह उठकर स्नान करने के बाद जरूरतमंद लोगों को कुछ दान करें. ऐसा करने से कर्ज से छुटकारा मिलेगा और घर में पैसों की दिक्कत नहीं होगी.
कोने की सफाई आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार अगर आप घर के उत्तर पूर्वी कोने की सफाई करेंगे तो कर्ज से जल्दी से छुटकारा पा सकते हैं. कहा जाता है कि यह उपाय करने से घर में पैसों की तंगी नहीं होती है और कर्ज से भी मुक्ति मिल सकती है.
🍾 आरोग्य संजीवनी 🍻
नाभि में तेल क्यों लगाया जाता है?
दोस्तो नाभि हमारे शरीर का केंद्र बिंदु होता है । नाभि से हमारे शरीर की सभी तंत्रिकाएं जुड़ी होती है । इसलिए यदि हम रोज़ाना अपनी नाभि में तेल डालते है तो हम अपने शरीर और त्वचा से जुड़ी हर छोटी मोटी समस्याओं से बच सकते है।यदि हम रोज़ नहाने के बाद अपनी नाभि में तेल लगते है तो ऐसा करने से हमारी आंखों की रोशनी तेज़ होती है।
अगर आपको जोड़ो में दर्द की समस्या है और अपने कई जगह इसका इलाज करा लिया है लेकिन समस्या तब भी ठीक नही हो रही है तो आप रोज रात को सोने से पहले अपनी नाभि में 3 से 4 बूंद अरंडी का तेल जिसे अंग्रेजी में केस्टर आयल भी बोलते है डालते है और कुछ देर नाभि की हल्के हाथों से मसाज करते है तो कुछ दिन बाद ही आपके जो जोड़ो का दर्द था वो ठीक होने लगेगा।
📖 गुरु भक्ति योग_
🕯️
एक बार नारद कैलाश पर्वत पर भगवान शिव के दरबार में बैठे थे। इसमें प्रसिद्ध संतों और ब्रह्मर्षियों ने भाग लिया था।
तभी दुर्वासा पुस्तकों का एक बड़ा गट्ठर लेकर सभा में दाखिल हुए। यद्यपि दुर्वासा एक महान संत थे, वे अत्यधिक चिड़चिड़े और तेज स्वभाव के थे।
महती सभा की उपेक्षा करते हुए, वह जाकर भगवान शिव के पास बैठ गया। शिव ने मुस्कुराते हुए उससे पूछा: “सर, आपकी पढ़ाई कैसी चल रही है?”
संत ने गर्व से किताबों का अपना बंडल दिखाया और कहा, “मैंने इन पुस्तकों का अच्छी तरह से अध्ययन किया है और मैं उन्हें कंठस्थ जानता हूं।” नारद खड़े हुए और दुर्वासा को अपनी पीठ पर किताबों का बोझ ढोने वाला गधा कहा। दुर्वासा क्रोधित हो उठे।
नारद ने प्रतिवाद किया, “तुम वहाँ हो! आप अपनी विद्वता के बावजूद अपने जुनून पर काबू नहीं पा सके हैं। आपने सभा की उपेक्षा की और भगवान शिव के पास जाकर बैठ गए। सम्मान, धैर्य और क्षमा के बिना विद्वता किस काम की? ये किताबें और कुछ नहीं बल्कि एक गधे का बोझ हैं।”
दुर्वासा को अपनी मूर्खता का एहसास हुआ, उन्होंने अपनी पुस्तकों को समुद्र में विसर्जित कर दिया और प्रायश्चित और आत्म-साक्षात्कार के लिए एक लंबी तपस्या के लिए चले गए।
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⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।

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