Today Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 15 अगस्त 2024
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🇮🇳 आज का पंचाग 🇮🇳
गुरुवार 15 अगस्त 2024
15 अगस्त 2024 दिन गुरुवार को ही श्रावण शुक्ल मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। आज अंग्रेजों से भारतवर्ष को स्वतंत्र करवाया गया था। अर्थात आज भारतवर्ष की स्वतन्त्रता का दिन है। सच्चा भारतवासी आज के दिन को एक उत्सव की तरह मनाता है। आज राजधानी दिल्ली में भारत के सम्माननीय प्रधानमंत्री जी भारत की पहचान तिरंगा ध्वज फहराएंगे। साथ ही प्रधानमंत्री जी आज के दिन भारतवासियों को संबोधित भी करेंगे। इतना ही नहीं सम्पूर्ण भारतवर्ष के कोने-कोने में ध्वजोत्तोलन किया जाता है। आज स्मार्त भक्तजन पुत्रदा एकादशी व्रत भी कर सकते हैं। आज से झूलन यात्रा भी प्रारम्भ होगी। आज गुरुवार को पूर्णा तिथि होने से सिद्धयोग का निर्माण भी हो रहा है। आप सभी सनातनी बंधुओं को “भारतीय स्वतन्त्रता दिवस की” बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त-अनन्त बधाइयाँ।।l मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
🇮🇳 दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
*गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
*गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है । *गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
*इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है । 🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351_
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – श्रावण मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – गुरुवार श्रावण माह के शुक्ल पक्ष दशमी तिथि 10:27 AM तक उपरांत एकादशी
🖍️ तिथि स्वामी : दशमी तिथि के देवता हैं यमराज। इस तिथि में यम की पूजा करने से नरक और मृत्यु का भय नहीं रहता है। यह सौम्य अर्थात शांत तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र ज्येष्ठा 12:52 PM तक उपरांत मूल
🪐 नक्षत्र स्वामी – ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी ग्रह बुध है। ज्येष्ठा नक्षत्र के देवता देवराज इंद्र हैं।
⚜️ योग – वैधृति योग 02:58 PM तक, उसके बाद विष्कुम्भ योग
⚡ प्रथम करण : गर – 10:26 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : वणिज – 10:09 पी एम तक विष्टि
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:32:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:28:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:24 ए एम से 05:07 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:45 ए एम से 05:50 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:59 ए एम से 12:52 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:37 पी एम से 03:30 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:00 पी एम से 07:22 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:00 पी एम से 08:05 पी एम
❄️ रवि योग : 05:50 ए एम से 12:53 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:04 ए एम, अगस्त 16 से 12:47 ए एम, अगस्त 16
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
💁🏻 आज का उपाय-किसी विप्र को स्वर्ण दान करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
🇮🇳 पर्व एवं त्यौहार – झूलन यात्रा प्रारम्भ/ भद्रा/पुत्रदा एकादशी व्रत (स्मार्त)-पंचांग भेद/ स्वतंत्रता दिवस, Independence Day Of India, फ़रीदाबाद जिला घोषित दिवस, अभिनेत्री राखी गुलज़ार जन्म दिवस, भारतीय क्रिकेटर विजय भारद्वाज जन्म दिवस, राष्ट्रीय शोक दिवस (बांग्लादेश), कोरिया का राष्ट्रीय मुक्ति दिवस, बहरीन स्वतंत्रता दिवस, भूतपूर्व मुख्यमंत्री अमरसिंह चौधरी स्मृति दिवस, पंजाब- स्वतंत्रता सेनानी सरदार अजीत सिंह शहीद दिवस, भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी महादेव देसाई शहीद दिवस
✍🏼 विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात ढंदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं। यह दशमी तिथि धर्म प्रदान करने वाली तिथि भी माना जाता है। अर्थात इस दिन धर्म से संबन्धित कोई बड़े अनुष्ठान वगैरह करने-करवाने से सिद्धि अवश्य मिलती है। इस दशमी तिथि में वाहन खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दशमी तिथि को सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
इस दिशा में न हो नव दंपत्ति का कमरा कभी भी नविवाहित जोड़े का कमरा उत्तर, दक्षिण, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिशा में नहीं होना चाहिए। इन दिशाओं में अगर कमरा होता है तो वैवाहिक जीवन में टकराव की स्थिति बन सकती है। छोटी-छोटी बातों पर भी झगड़ा हो सकता है।
इस दिशा में हो नवविवाहित जोड़े का कमरा विवाह के बाद हर कोई चाहता है कि उसके जीवन में लव रोमांस हो, जीवनसाथी के साथ घूमना फिरना हो। कुछ नए और अच्छे अनुभव जीवन में प्राप्त हों। इसके लिए वास्तु के अनुसार नवविवाहित दंपत्ति का कमरा उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। यह दिशा वैवाहिक जीवन में रोमांस को तो बढ़ाती ही है, साथ ही जीवन की कई अन्य परेशानियों का हल भी जीवनसाथी के साथ मिलकर निकल आता है।
🔑 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
ऐसे तीन अवगुण जिस स्त्री में होंगे वो स्त्री प्रेम करने योग्य नहीं है ।
सुंदरता पर अंहकार _ अगर कोई स्त्री अपनी बुद्धि से ज्यादा अपनी सुन्दरता को महत्व दे, और उसी अहंकार में डूबी रहती हो वो स्त्री प्रेम करने योग्य नहीं है । क्योंकि परिवार को चलाने और संभालने के लिए बुद्धि का इस्तेमाल करना बहुत आवश्यक है,जो उसके लिए संभव नहीं होता है।
दूसरो को नीचा दिखाने वाली अगर कोई स्त्री दूसरो को नीचा दिखाने से बिल्कुल भी हिच किचाती बिल्कुल भी न हो ऐसी स्त्री भी प्रेम करने योग्य नहीं है । उसके मुंह से सदेव उल्टी बातें ही निकलती है । ऐसी स्त्री भले ही कितने अच्छे परिवार से हो , बुद्धि में तेज हो , सुंदरता में भी आगे हो, लेकिन ऐसी स्त्री से कभी प्रेम नहीं करना चाइए।
झूठ बोलने वाली _ झूट बोलना महिलाओ का ऐसा हटियार है जिसके आगे ब्रह्मा अस्त्र भी फैल है इस hatiyaar से महिलाएं अपने प्रेमी और अन्य लोगो को उकसाने का काम करती है । उन्हें अच्छे मालूम होता है इस झूट का क्या परिणाम होगा, इसके बावजूद वो न तो खुद गलती मानती है, ना ही अपनी इस आदत से बाज आती है ।
धोखे बाज धोखा देना ओर दूसरो को अपने मतलब के लिए इस्तेमाल करना स्त्री में ये भी एक खतरनाक कूटनीति होती है । धोखे बाज स्त्री से ईमानदारी की उम्मीद करना सबसे बड़ी बेक्यूफी है ।इस तरह की स्त्री से कभी भी प्रेम नहीं करना चाइए ऐसी स्त्री से प्रेम करने का मतलब है अपनी जान गवां ना। 💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
इंद्रजौ के चमत्कारी फ़ायदे :
मुंह के छाले : इन्द्र जौ और काला जीरा 10-10 ग्राम की मात्रा में लेकर कूटकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को छालों पर दिन में 2 बार लगाने से छाले नष्ट होते हैं। इंद्रजौ के बीज जो जौ के समान होते है
बवासीर : कड़वे इन्द्रजौ को पानी के साथ पीसकर बेर के बराबर गोलियां बना लें। रात को सोते समय दो गोली ठंडे जल के साथ खायें। इससे बादी बवासीर ठीक होती है।
कुष्ठ या कोढ: इन्द्र जौ को पीसकर गाय के पेशाब में मिलाकर लेप करने से चर्म-दल कोढ़ मिट जाता है।
पाचन की खराबी : इन्द्रजौ के चूर्ण को 2-2 ग्राम खाने से पेट का दर्द और मंदाग्नि समाप्त हो जाती है।
पेट के कीड़े : इन्द्रजौ को पीस और छानकर 1-1 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम पीने से पेट के कीडे़ मरकर, मल के साथ बाहर निकल जाते हैं।
पीलिया : काले इन्द्रजौ के बीजों का रस निकालें और थोड़ा-थोड़ा तीन दिनों तक खायें।
पथरी : इन्द्र जौ और नौसादर का चूर्ण दूध अथवा चावल के धोये हुए पानी में डालकर पीना चाहिए। इससे 5 दिन में पथरी गलकर निकल जाती है। नही निकले तो प्रयोग कुछ दिन आगे बढ़ाए।
इन्द्र जौ की छाल को दही में पीसकर पिलाना चाहिए। इससे पथरी नष्ट हो जाती है।
दस्त : इन्द्र-जौ को पीसकर चूर्ण को 3 ग्राम की मात्रा में ठंडे पानी के साथ दिन में 3 बार पिलाने से अतिसार समाप्त हो जाती है।
🌹 गुरु भक्ति योग_ 🌸
एक साधु थे उनका न कोई आश्रम न धर्मशाला न कोई ठिकाना जहाँ रात होती वही ठहर जाते और भिक्षा से जो मिलता भगवान का भोग लगाते।
वृन्दावन की दो गोपियाँ जिन्होंने कभी भगवान के दर्शन नही किये न कभी मन्दिर गयी। प्रातः दधि मक्खन गागर में भरकर ले जाती बेचती और अपनी गृहस्थी में मगन रहती।
दोनो गोपियों ने यह सुन रखा था कि साधु सन्तों के पास झोली में भगवान रहते है। एक दिन दोनों अपना दधि बेचकर यमुना के निकट आयी। वहाँ देखा कि एक साधु अपनी झोली रखकर संध्या वन्दन हेतु स्नान करने गये है झोली एक वृक्ष के नीचे रखी है। कौतूहल वश झोली में भगवान हैं, भगवान कैसे हैं ? इस दृष्टि से दोनों ने चुपके से झोली उठाई और सारा सामान विखेर दिया, पर भगवान नही मिले। तभी उनकी नजर एक डिब्बे पर पडी। डिब्बा खोला तो देखा कि लड्डू गोपाल डिब्बे मे बन्द हैं।
एक सखी बोलो–यही भगवान हैं।
दूसरी बोली–कितने निर्दयी हैं ये सन्यासी भगवान को बन्द करके रखा है।
पहली सखी–देखो बेचारे भगवान के हाथ पैर सब टेढे हो गये हैं।
दूसरी–बेचारे बन्द जो रहते है। हाथ पैर हिलाने की जगह भी नही है।
अब दोनों ने लड्डू गोपाल को उठाया बोली भगवान जी अब परेशान न हो अपने हाथ पैर सीधे कर लो और हम दही खिलाते है खा लो भूखे भी होंगे। दोनों ने भगवान की मूर्ति को सीधा करना शुरू किया। भगवन को भी उनकी सरलता पर आनन्द आ रहा था वह भी मुसुकरा रहे थे। जब वे थक गयी लेकिन हारी नही तो भगवान को हारना पडा। लड्डू गोपाल की मूर्ति सीधी हो गई। भगवान सीधे खडे गये।
दोनों ने भगवान को नहलाया और दही खिलाया फिर बोली–’अब लेटो आराम करो।’ वह सीधी मूर्ति डिब्बे में नही जा रही थी।
तब तक वह महात्मा जी आ गये दोनों डरकर भागी। महात्मा जी ने सोचा कि कुछ लेकर भागी हैं वह उनके पीछे दौडे लेकिन उन तक पहुँच नही पाये। लौटकर झोली देखी तो हतप्रभ रह गये। भगवान लड्डू गोपाल खडे हंस रहे थे। महात्मा सारी बात समझ गये। वह भगवान के चरणों मे गिर कर रोने लगे।
वह खोजते हुए उन गोपियों के घर गये उनके भी चरण पकडकर रोने लगे। धन्य हो तुम दोनों आज तुम्हारे कारण भगवान के दर्शन हो गये।क्षजीवन भर संग लिऐ घूमता रहा पर सरल नही बन पाया।
कथा भाव–नवधा भक्ति मे सरल भक्ति महत्वपूर्ण है। भगवान भाव और सरलता पर रीझते हैं। हम जीवन मे सरलता नही ला पाते यही हमारी बिडंबना है।
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⚜️ दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस दशमी तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस दशमी तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।
दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेनेवाले जातक धर्म-अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।



