जर्जर सड़क पर टोल की वसूली जारी, MPRDC की लापरवाही, ड्राइवरों की बढ़ी मुसीबत
सिलवानी। सिलवानी-उदयपुरा स्टेट हाइवे-44 की सड़क इन दिनों बदहाल हालत में है। जगह-जगह गड्ढों से पटी इस सड़क पर वाहन चालकों को घंटों सफर तय करना पड़ता है, लेकिन टोल वसूली पूरी ताकत से जारी है। एमपीआरडीसी (म.प्र. रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) की मेहरबानी से ठेकेदार कंपनी वीकेएस को टोल वसूली का अधिकार तो मिला हुआ है, पर सड़क की देखरेख पूरी तरह ठप है।
टोल के पैसे दे रहे, फिर भी गड्ढों में दौड़ रहे वाहन
बड़े वाहनों से प्रतिदिन 300 से 400 रुपये तक टोल वसूला जा रहा है। बावजूद इसके सड़क पर कहीं भी मेंटेनेंस का काम नजर नहीं आता। ड्राइवरों का कहना है कि खराब सड़क के कारण ट्रक और बसों को नुकसान हो रहा है और सफर 28 किलोमीटर का तय करने में कई घंटे लग जाते हैं।
12 साल पहले हुआ था निर्माण, अब हालत खस्ताहाल
जानकारी के अनुसार शिवराज सरकार के कार्यकाल में पीडब्ल्यूडी से अलग कर एमपीआरडीसी का गठन किया गया था। लगभग 12 साल पहले सिलवानी-उदयपुरा मार्ग को आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाकर स्टेट हाइवे घोषित किया गया था। उस समय कहा गया था कि टोल वसूली से सड़क का नियमित रखरखाव होगा, लेकिन अब हालात इसके उलट हैं।
राजनीतिक रसूख के चलते ठेकेदार बेफिक्र स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक संरक्षण के कारण ठेका कंपनी वीकेएस सड़क की मरम्मत नहीं कर रही है। पेंचवर्क तक नहीं किया जा रहा, जिससे सड़क दिन-ब-दिन खतरनाक होती जा रही है।
ड्राइवर बोले गड्ढों से निकलना किसी जंग से कम नहीं
ट्रक ड्राइवर रविन्द्र, विष्णु अहिरवार, नंद लाल और राज का कहना है कि इस सड़क पर वाहन चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। बारिश के दिनों में तो हालात और भी खराब हो जाते हैं। गाड़ियों का मेंटेनेंस खर्च बढ़ गया है, पर कोई सुनवाई नहीं होती।
कलेक्टर ने कहा विभाग को किया जाएगा अवगत
इस मामले में रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि संबंधित विभाग को स्थिति से अवगत कराया जाएगा। अब देखना होगा कि एमपीआरडीसी और ठेकेदार कंपनी कब तक सड़क की मरम्मत पर ध्यान देते हैं।



