मध्य प्रदेश

पत्रकार मुकेश यादव पर हमले के आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सौंपा पत्र

ग्रामीणों ने थाना परिसर में आंदोलन की दी चेतावनी
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत गूंड़ा के ग्राम भैंसवाही में पत्रकार पर हुए हमले की गूंज अब गांव से निकलकर थाना परिसर तक पहुंच चुकी है । ग्राम भैंसवाही के महिला और पुरुष ग्रामीण दिनांक 14 सितम्बर को सामूहिक रूप से लगभग दोपहर 3 बजे पुलिस थाना ढीमरखेड़ा पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने एकजुट होकर थाना प्रभारी के नाम एक लिखित पत्र सौंपा। इस पत्र में पत्रकार मुकेश यादव पर हुए हमले के आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई । ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी कि यदि शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे मजबूर होकर थाना परिसर के सामने उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि ग्राम भैंसवाही में लंबे समय से घोर अनियमितताएं व्याप्त हैं । ग्रामीणों ने इन अनियमितताओं को उजागर करने और न्याय दिलाने की उम्मीद में पत्रकार मुकेश यादव को गांव बुलाया था । पत्रकार ने ग्रामीणों के आग्रह पर गांव की वास्तविक स्थिति को कैमरे में कैद किया और समाचार प्रकाशित किया। इस खबर ने स्थानीय स्तर पर हलचल मचा दी और ग्राम पंचायत गूंड़ा के सरपंच संकेत लोनी सहित उनके समर्थक नाराज हो उठे।
ग्रामीणों का आरोप है कि इसी नाराजगी में सरपंच संकेत लोनी ने अपने एक गुर्गे के माध्यम से पत्रकार को फोन कर ग्राम गूंडा बुलवाया। जैसे ही पत्रकार वहां पहुंचे, पहले से तैयार गुर्गों ने उन्हें घेरकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया । इस हमले से पत्रकार को गंभीर चोटें आईं । ग्रामीणों का कहना है कि पत्रकार ने केवल अपनी जिम्मेदारी निभाई थी, परंतु सरपंच और उसके समर्थकों ने लोकतांत्रिक मूल्यों का खुलेआम हनन करते हुए उन पर हमला करवाया ।
पत्र में ग्रामीणों ने मांग की है कि जिस व्यक्ति ने फोन कर पत्रकार को बुलाया और जिसने हमला किया, उन सभी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। उनका कहना है कि यदि ऐसे आरोपियों को खुला छोड़ दिया गया तो आम जनता और पत्रकार दोनों के लिए न्याय की उम्मीद कमजोर हो जाएगी और लोकतंत्र में आम नागरिक की आवाज दब जाएगी।
ग्रामीणों ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि अब तक प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की कठोर कार्यवाही न किया जाना चिंता का विषय है। इससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है । उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि पुलिस प्रशासन ने समय रहते न्याय नहीं दिलाया और आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो समस्त ग्रामवासी एकत्रित होकर थाना परिसर में बड़ा आंदोलन करेंगे।
इस अवसर पर ग्राम भैंसवाही की महिलाएं भी बड़ी संख्या में उपस्थित हुईं, जिन्होंने पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी मांग को आवाज दी । ग्रामीणों का कहना था कि पत्रकार उनकी उम्मीदों की आखिरी कड़ी हैं, और यदि उन पर हमला होता है तो यह पूरे समाज की आवाज को दबाने का प्रयास है । ग्रामीणों ने प्रशासन को चेताया कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाएं और पत्रकार पर हमला करने वाले आरोपी को हर हाल में कानून के दायरे में लाएं।
पत्र सौंपने वालों में मिथिला यादव, लीला यादव, रिंकी यादव और उर्मिला यादव, बबलू यादव, सुग्रीव यादव, सोहन यादव, रम्मत यादव आदि उपस्थित रहे। इन सभी ने कहा कि वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक पत्रकार पर हमला करने वाले आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता।

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