विश्वनाथ सिंह राजपूत का देहदान हुआ, शोकसभा में दी श्रद्धांजलि

विदिशा । लश्करपुर के पास ग्राम हरुखेड़ी के किसान एवं भारतीय जीवन बीमा निगम के एजेंट 65 बर्ष के विश्वनाथ प्रताप सिंह राजपूत का बीती सुबह बुधवार को निधन हो गया जिनके मृत शरीर का दान स्थानीय अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज में किया गया।
देहदान और नेत्रदान की जागृति के लिए अंतिम सेवक विकास द्वारा चलाये जा रहे मिशन से जुड़कर विश्वनाथ प्रताप सिंह राजपूत ने मृत्यु उपरांत देहदान का संकल्प पत्र सन 2018 में भरा था जिसमें जिक्र था कि मेरी मृत्यु के उपरांत पार्थिव शरीर को किसी भी मेडिकल कॉलेज में दान कर दिया जावे तो उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए अंतिम सेवक विकास पचौरी के सहयोग से परिवार जनों ने विश्वनाथ प्रताप सिंह राजपूत के पार्थिव शरीर को अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज में दान कर दिया। अब यह पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज के छात्रों को शोध के लिए काम आवेगा.
अंतिम सेवक विकास पचौरी ने बताया कि बीते लगभग 15 वर्षों से चले आ रहे नेत्रदान, देहदान, अंगदान, रक्तदान जागरूकता अभियान के अंतर्गत 5 मार्च को यह 26 बा देहदान था. मेडिकल कॉलेज विदिशा में विश्वनाथ प्रतापसिंह राजपूत के देहदान के समय उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देकर इनकी मोक्ष की कामना करने शोक सभा हुई। जिसमें विश्वनाथ प्रताप सिंह राजपूत के पुत्र हीरेंद्र प्रताप सिंह राजपूत, पुष्पराज प्रतापसिंह राजपूत, सहित प्रदीप राजपूत, गोविंद राजपूत, रणवीर सिंह राजपूत, उदयपाल सिंह चंदेल, रामपालसिंह राजपूत, चंदनसिंह राजपूत, लाखन सिंह राजपूत, अंतिम सेवक विकास पचौरी, डीन मनीष निगम, एनाटॉमी विभाग के डॉ. नैना वाकोड़े, डॉ सुजाता नेताम, डॉ ओमप्रकाश गौर, सपोर्टिंग स्टाफ, राकेश परिहार, रमेश कुमार के अलाबा उनके परिवार जन एवं अनेक व्यक्ति मौजूद थे।



