मध्य प्रदेश

हम दो-हमारे चार फिर भी दबंगता से कर रहे सरकारी नौकरी, शासन के नियमों की उड़ रही धज्जियां

दो माह बीतने के बाद भी ट्रांसफर आदेश पर अमल नहीं
रिपोर्टर : विनोद साहू
बाड़ी । सरकार के नियम के मुताबिक 2001 के बाद तीसरी संतान होने पर शासकीय नौकरी नहीं की जा सकती लेकिन रायसेन जिले के नगर परिषद बाड़ी में जहां सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं जिससे नगर परिषद बाड़ी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है, लेकिन ये चर्चा किसी अच्छे काम के लिए नहीं बल्कि सरकार के एक नियम की धज्जियां उड़ाने को लेकर है. दरअसल, यहां शासन के नियमों को ताक पर रखकर एक बाबू संजय सिंह चंदेल सहायक ग्रेड 2 द्वारा दबंगता से सरकारी नौकरी की जा रही है. बाबू चार बच्चों के पिता हैं, जिसके बावजूद बड़े आराम से सरकारी नौकरी कर रहे हैं. मामला सामने आने के बाद आयुक्त संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल ने अनुशानात्मक कार्यवाही के आदेश दिए है।

क्या है पूरा मामला?
शिकायत के आधार पर संजय सिंह चंदेल द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 मे वर्णित प्रावधान के अंतर्गत राज्य सरकार के परिवार कल्याण सम्बंधित नीतियों का पालन नहीं किया गया प्रकरण की गहनता से जाँच कर कार्यवाही करने का वर्ष 2023 मे अनुरोध किया गया था। नगर परिषद बाड़ी मे पदस्थ सहायक ग्रेड 2 संजय सिंह चंदेल की जीवित चार संतानें हैं. इसके बावजूद वे दबंगता से सरकारी नौकरी कर रहे हैं। आयुक्त संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल पत्र क्रमांक शि /6/2025/19029 भोपाल दिनांक 09.09.2025 आदेशानुसार उल्लेख किया गया है कि दिनांक 1 अगस्त 2013 की स्थिति मे संजय सिंह चंदेल के दो से अधिक अर्थात कुल चार बच्चे है जिनमे तीसरी बच्ची का जन्म 17अगस्त 1999 एवं चौथे बच्चे का जन्म दिनांक 26 जनवरी 2001 के उपरांत दिनांक 12.03.2007 को हुआ है। अर्थात संजय सिंह चंदेल द्वारा राज्य शासन द्वारा लागू परिवार कल्याण से सम्बंधित नीतियों का पालन नहीं किया गया, जो की संजय सिंह चंदेल के नियमितीकरण दिनांक 1.08.2013 पर उनके विरुद्ध आपत्तिजनक स्थिति थी जिसके ध्यान मे आने पर निश्चित ही नियमितीकरण की कार्यवाही नहीं की जाती। महत्वपूर्ण तथ्य को जानबूझकर छुपाया गया जो मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिनांक 16.05.2007 को जारी निर्देशों के विपरीत है। शासन निर्देशों के विपरीत संजय सिंह चंदेल द्वारा किया गया कृत्य राज्य शासन एवं निकाय के प्रति उनकी निष्ठा संदिग्ध होने का परिचायक है। संजय सिंह चंदेल नगर परिषद बाड़ी के मूल कर्मचारी है उनके द्वारा सरकारी नियमों को ताक पर रखा है और प्रशासन को गलत जानकारी देकर नौकरी हासिल की है। उनके इस कृत्य को दृष्टिगत मध्यप्रदेश नगर पालिका कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा की शर्ते) नियम 1968 मे वर्णित प्रावधान के अंतर्गत उनके विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु आयुक्त महोदय द्वारा अनुमोदन किया गया है विभिन्न पत्राचार और सुनवाई के चलते यह जाँच करीब 3 साल तक चली अंततः सभी रिपोर्ट मे दोष सिद्ध होने के बाद 09.09.2025 को आयुक्त संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल अनुशासनात्मक करवाई सुनिश्चित की गई। इस दौरान उन्हें अपनी बात रखने के कई अवसर दिए गए जाँच काल मे एक प्रमोशन भी ले लिया गया ज्ञात हो स्थानांतरण आदेश होने के बाद भी शासन मे अपनी पकड़ से मूल पदस्थापना मे सालो से जमे दबंग मूल कर्मचारी संजय सिंह चंदेल पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी अब कितने दिनों मे कार्यवाही संपादित करती है या स्थानांतरण आदेश की भांति उक्त आदेश भी मेहरबानी से ठन्डे वस्ते मे डाल दिया जावेगा।

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