धार्मिक

4 अगस्त 2024, हरियाली अमावस्या कब है? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त कथा महत्व और पूजाविधि

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
⚜❀┈┉☆हरि ॐ☆┉┈❀⚜
🔮 4 अगस्त 2024, हरियाली अमावस्या कब है? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त कथा महत्व और पूजाविधि
🔘 HIGHLIGHTS
▪️ अमावस्या का विशेष महत्व है।
▪️ हर महीने में अमावस्या मनाई जाती है।
▪️ इस दिन स्नान और दान किया जाता है।
▪️ सावन की अमावस्या पर भगवान शिव की पूजा होती है।
▪️ इस दिन महादेव का विशेष अभिषेक किया जाता है।
🌧️ सावन का महीना भगवान भोलेनाथ की पूजा-आराधना के लिए समर्पित माना जाता है। इस माह के अमावस्या तिथि का भी बड़ा महत्व है। इस दिन स्नान-दान के कार्य शुभ फलदायी माने गए हैं। इसे हरियाली अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन शिव-पार्वती की पूजा की जाती है। आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, इस साल 4 अगस्त को हरियाली अमावस्या मनाया जाएगा। यह शुभ दिन पितरों के पिंडदान और श्राद्ध के लिए बेहद खास माना जाता है। हरियाली अमावस्या का पर्व जीवन में पर्यावरण का महत्व भी बताता है। इस दिन किसान खेती में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की भी पूजा करते हैं और भगवान से अच्छी फसल की कामना करते हैं। आइए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से हरियाली अमावस्या 2024 की सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजाविधि…
📆 हरियाली अमावस्या 2024 तिथि
पंचांग के अनुसार श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 3 अगस्त दोपहर 3:50 पर शुरू हो रही है और स्थिति का समापन 4 अगस्त शाम 4:45 पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, श्रावण अमावस्या व्रत का पालन या हरियाली अमावस्या पूजा 4 अगस्त 2024 रविवार के दिन की जाएगी.
⚛️ श्रावण अमावस्या 2024 शुभ मुहूर्त
पंचांग में बताया गया है कि हरियाली अमावस्या के दिन पुष्य नक्षत्र, सिद्धि योग, रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है. इस दिन पुष्य नक्षत्र दोपहर 1:26 मिनट तक रहेगा और सिद्धि योग सुबह 10:40 तक रहेगा. रवि पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि योग दोपहर सुबह 5:43 से दोपहर 1:26 तक रहेगा. पूजा-पाठ के लिए इन सभी की गणना श्रेष्ठ मुहूर्त में होती है.
🤷🏻 हरियाली अमावस्या पर बनेंगे 4 शुभ संयोग
👉🏽 इस वर्ष हरियाली अमावस्या पर 4 शुभ संयोग बन रहे हैं। इस बार हरियाली अमावस्या पर सिद्धि योग, रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है। आइए जानते शुभ योग का समय
👉🏽 सिद्धि योग: 04 अगस्त, रविवार प्रात:काल से लेकर सुबह 10:38 तक
👉🏽 रवि पुष्य योग: 04 अगस्त, रविवार, प्रातः 05:44 से दोपहर 01:26 तक
👉🏽 सर्वार्थ सिद्धि योग: 04 अगस्त, रविवार, प्रातः 5: 44 मिनट से दोपहर 1: 26 मिनट तक
👉🏽 पुष्य नक्षत्र: 04 अगस्त, रविवार,प्रात:काल से लेकर दोपहर 01:26 मिनट तक उसके बाद से अश्लेषा नक्षत्र है.
🪔 हरियाली अमावस्या पर पितरों के लिए कब जलाएं दीपक?
हरियाली अमावस्या तिथि में आप प्रदोष काल में अपने पितरों के लिए दीपक जला सकते हैं. 4 अगस्त को 7 बजकर 10 मिनट पर सूर्यास्त होगा और उसके बाद जब अंधेरा होने लगे तो आप अपने पितरों के लिए दीपक जलाएं.
🙇🏻 हरियाली अमावस्या पूजा विधि
🔸 इस दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े धारण कर लें।
🔸 ध्यान रहे कि नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल भी डाल लेना है।
🔸 इसके बाद एक चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।
🔸 फिर उस पर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें।
🔸 आप चाहें तो शिवलिंग भी स्थापित कर सकते हैं।
🔸 अब चौकी को फूलों और पत्तों से अच्छे से सजा लें।
🔸 फिर शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और पंचामृत चढ़ाएं।
🔸 साथ में बेलपत्र, धतूरा के फूल, भांग, इत्र और चंदन चढ़ाएं।
🔸 फिर दीपक जलाएं और शिव जी को फूल, फल और मिठाई चढ़ाएं।
🔸 फिर शिव जी के मंत्रों का जाप करें और शिव चालीसा पढ़ें।
🔸 इसके बाद अपने पूर्वजों को जल और तिल चढ़ाकर उनका तर्पण करें।
🔸 इस दिन जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र का दान भी जरूर करें।
🤷🏼‍♀️ हरियाली अमावस्या पर यह करें
इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान आदि के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें.– गंगाजल से मंदिर को पवित्र करें.– चौकी पर भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति विराजमान करें.– महादेव का अभिषेक करें.– शिव-पार्वती को फल-फूल और धूप चढ़ाएं.– देशी घी का दीपक जलाकर शिव चालीसा का पाठ करें.– अंत में खीर, फल, मिठाई और हलवा का भोग लगाकर प्रसाद का वितरण करें.
💁🏻‍♀️ सावन अमावस्या पर क्या करना चाहिए?_
सावन अमावस्या पर जरूर लगाएं पौधे – सावन अमावस्या पर घर में बेलपत्र, तुलसी, आंवला का पौधा लगाएं, इसके अलावा मंदिर परिसर में शमी, पीपल, नीम, बरगद, आम जैसे छायादार वृक्ष के पौधे लगाएं और उनकी देखभाल का संकल्प लें. इससे ग्रह दोष दूर होते हैं. पितरों को शांति मिलती है.
🤷🏻 हरियाली अमावस्या का महत्व
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, सावन देवी-देवताओं से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए एक बहुत ही शुभ महीना है। हरियाली अमावस्या के दिन पितरों को तर्पण देना और दान-पुण्य करना भी बहुत उपयोगी होता है। हिंदू परंपरा में पेड़-पौधों को भगवान के रूप में भी दर्शाया गया है और लोग हरियाली अमावस्या के दौरान उनकी पूजा करते हैं। कुछ जगहों पर इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा करने की प्रथा है। हरियाली अमावस्या के दिन पेड़-पौधे लगाना बहुत शुभ माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, पीपल के पेड़ पर तीन देवताओं का वास माना जाता है- ब्रह्मा, विष्णु और महेश। यदि आप इस दिन एक पौधा लगाते हैं तो आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी और आपकी सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी। अमावस्या का दिन हमारे पूर्वजों को समर्पित है। इसलिए हरियाली अमावस्या के दिन पितरों को तर्पण और पिंडदान करना शुभ माना जाता है।

Related Articles

Back to top button