इस साल मई में कब पड़ रही है मोहिनी एकादशी? जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
|| जय श्री राधे ||
🔮 इस साल मई में कब पड़ रही है मोहिनी एकादशी? जानें शुभ मुहूर्त और महत्व
🔘 HIGHLIGHTS
▫️ हर महीने में दो बार किया जाता है एकादशी का व्रत।
▫️ भगवान विष्णु के समर्पित मानी गई है एकादशी तिथि।
▫️ एकादशी व्रत का सही तरीके से पारण करना है जरूरी।
🧾 हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी का व्रत किया जाता है। इस साल यह तिथि 8 मई को पड़ रही है। इसी दिन मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। बता दें कि हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। प्रत्येक महीने में दो एकादशी पड़ती है एक कृष्ण और दूसरा शुक्ल पक्ष में। हर एकादशी को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। मोहिनी एकादशी के दिन व्रत कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से व्यक्ति को जीवन में खूब तरक्की मिलती है। इतना ही नहीं मोहिनी एकादशी का व्रत करने से जातक को सभी मोह बंधनों से भी मुक्ति मिलती है। तो चलिए अब जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से कि मोहिनी एकादशी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
⚛️ मोहिनी एकादशी 2025 शुभ मुहूर्त
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 7 मई को सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि समाप्त 8 मई को दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर होगा। जातक इस मुहूर्त में मोहिनी एकादशी की पूजा कर सकते हैं।
💧 मोहिनी एकादशी 2025 पारण का समय
एकादशी के व्रत में पारण का विशेष महत्व है। एकादशी का पारण द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद ही किया जाता है। मोहिनी एकादशी का पारण 9 मई को किया जाएगा। पारण के लिए शुभ समय सुबह 6 बजकर से सुबह 8 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। वहीं मोहिनी एकादशी के दिन द्वादशी तिथि समाप्त दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर होगा।
📚 एकादशी व्रत पारण विधि_
एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी तिथि पर सूर्योदय के बाद किया जाता है। व्रत का पारण करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत हो और सूर्य देव को जल अर्पित करें।
इसके बाद भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करें फिर विधिवत रूप से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करें। इसके बाद अपने मुंह में तुलसी का पत्ता रखकर एकादशी व्रत का पारण करें। इस बात का खासतौर से ध्यान रखें कि पारण के दिन केवल सात्विक भोजन ही खाना चाहिए।
💁🏻 मोहिनी एकादशी 2025 महत्व
मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की पूजा करने से सौंदर्य की प्राप्ति होती है। व्यक्ति को आरोग्य मिलता है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां दूर हो जाती हैं। व्यक्ति को निरोगी काय मिलती है और व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि, धन-संपदा आदि का वास होता है।
जिस प्रकार भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप में देवताओं को अमृत पाना कराया था और उन्हें अमरता प्रदान की थी, ठीक उसी तरह से भगवान विष्णु मोहिनी एकादशी के दिन व्यक्ति को उन पापों से अमरत्व प्रदान करते हैं जो अनजाने में व्यक्ति द्वारा घटित हो जाते हैं और पुण्यों में वृद्धि करते हैं।
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👉🏼 इन नियमों का रखें ख्याल
एकादशी व्रत के पारण के दौरान मूली, बैंगन, साग, मसूर दाल, लहसुन-प्याज आदि का सेवन करना वर्जित माना जाता है। साथ ही इस दिन पर अपनी क्षमता के अनुसार, ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा दें। साथ ही किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराकर अपने व्रत का पारण करना भी शुभ फलदायी माना जाता है।



