सुदामा चरित्र के संगीतमय प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर, सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन

कथा व्यास पं. अमित शास्त्री ने मधुर वाणी में सुनाया श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता का प्रसंग, सजीव झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। नगर के चंडी माता मंदिर परिसर स्थित माही गार्डन में गुप्ता परिवार के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को भक्तिमय वातावरण में समापन हुआ । कथा के अंतिम दिन कथा व्यास पंडित अमित शास्त्री जी ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के अद्भुत प्रेम, मित्रता एवं भक्ति का भावपूर्ण संगीतमय वर्णन किया ।
सुदामा चरित्र के प्रसंग के दौरान जब कथा व्यास ने प्रसिद्ध भजन ‘अरे द्वारपालों, कन्हैया से कह दो, सुदामा मित्र आया है’ का सुमधुर गायन किया तो पूरा कथा पंडाल भक्तिरस में डूब गया । भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निस्वार्थ मित्रता का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इसके साथ ही राजा परीक्षित के मोक्ष प्रसंग का वर्णन करते हुए सात दिवसीय श्रीद्भागवत कथा को विधिवत विराम दिया गया ।
पूरे सात दिनों तक कथा व्यास पंडित अमित शास्त्री जी ने अपनी मधुर वाणी और संगीतमय शैली में श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का रसपान कराया । कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण, राधा रानी एवं भगवान भोलेनाथ की आकर्षक सजीव झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं । भजनों और धार्मिक प्रसंगों के बीच श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर नजर आए ।
सात दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर कथा श्रवण किया और धर्मलाभ अर्जित किया ।
कथा श्रवण करने वालों में जागेश्वर प्रसाद गुप्ता, सावित्री गुप्ता, सुनीता गुप्ता, स्वर्गीय मिठाई लाल गुप्ता एवं श्रीमती भूरी बाई गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में लक्ष्मी गुप्ता, लल्लू गुप्ता एवं समस्त गुप्ता परिवार का सराहनीय योगदान रहा ।



