मध्य प्रदेश

काम से निकाला बाहर तो रच दी झूठी शिकायत की कहानी

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । ढीमरखेड़ा जनपद अंतर्गत जीवन ज्योति सामाजिक संस्था द्वारा आजीवका मिशन के तहत आईसीआई बैंक से लोन दिलाने का काम काफी लंबे समय से किया जा रहा था और उक्त काम अभी भी सिहोरा तहसील के अंतर्गत जारी है।
संस्था प्रमुख ने बताया कि पूर्व में उपरोक्त संस्था में सचिव पद पर एक महिला काम करती थी लेकिन उसके द्वारा लगातार आर्थिक अनियमित्ताएं की जा रही थी और बिना जानकारी के महिलाओं से बैंक से लोन दिलाने के नाम पर राशि ऐंठा जाता था। इस संबंध में जैसे ही संस्था प्रमुख को जानकारी लगी तब उनके द्वारा उपरोक्त महिला कर्मचारी को समझाईश दी गई और यह बताया गया कि इससे खराब मैसेज जाता है इसलिये जो भी काम करना है वह संस्था की बिना जानकारी के नहीं होना चाहिये । तब उक्त महिला कर्मचारी द्वारा यह कह दिया गया कि ठीक है अब दोबारा ऐसे कार्य मेरे द्वारा नहीं किये जायेंगे। लेकिन उक्त महिला कर्मचारी द्वारा जिस तरह से पूर्व में आर्थिक अनियमित्ताएं की जाती रही है वह जारी रखी गई। तब संस्था प्रमुख द्वारा मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्ररीकरण 1973 का क्रमांक-44 के अधीन संस्था निर्माण 29 नवम्बर 2013 से नियमावली क्रमांक-08-09 का पालन नहीं करने के कारण उक्त महिला कर्मचारी को संस्था के विपरीत काम करने के कारण उसे सचिव पद से प्रस्ताव के तहत दिनांक 31.03.2020 को काम से बाहर कर दिया गया। उपरोक्त संस्था द्वारा संचालित ऑफिस जो ढीमरखेड़ा ब्लाक अंतर्गत संचालित होता था वह काम नहीं मिलने के कारण बंद करना पड़ा। इस कारण से उक्त क्षेत्र में संचालित ऑफिस भी बंद काम नहीं मिलने के कारण बंद करना पड़ा। इसी बीच उक्त संस्था द्वारा अन्यंत्र काम करने के लिये आवेदन किया गया तब दिनांक 04.11.2022 को कार्यालय नगर पालिका परिषद् सिहोरा, जिला जबलपुर द्वारा उक्त संबंध में आदेश जारी किया गया और क्षेत्र में काम करने की अनुमति दी गई। इन सब परिस्थितियों में पूर्व में ढीमरखेड़ा कार्यालय में सचिव के पद पर पदस्थ महिला द्वारा लगातार अनर्गल झूठी शिकायतें एवं भ्रामक समाचार निकलवाये जा रहे है जिससे दूर-दूर तक संस्था की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है लेकिन इसके बाद भी झूठी शिकायतें करके संस्था के खिलाफ शिकायतें करके संस्था की छबि धूमिल की जा रही है और यह बात कहीं जा रही है कि उक्त संस्था वर्ष 2019 से नवम्बर 2022 तक आईसीआईसी बैंक में समूहों के लोन बकाया जो बैंक में जमा नहीं हुआ है साथ ही यह भी आरोप लगाये गये कि उक्त संस्था ने पैसों का गबन किया है। साथ ही जो समाचार प्रकाशित किया गया उसमें ढीमरखेड़ा जनपद में पदस्थ अधिकारियों के भी नाम प्रकाशित किये गये और उक्त समाचार में उनकी पुरानी फोटो जो किसी कार्यक्रम की थी उसे प्रकाशित किया गया जिसका इस काम से कोई लेन देन नहीं है। वहीं जब उपरोक्त संबंध में संस्था प्रमुख से जानकारी ली गई तब उन्होंने बताया कि ढीमरखेड़ा विकासखंड अंतर्गत आईसीआईसीआई बैंक में समूहों को कोई भी ऋण बाकी नहीं है न तो कोई प्रकरण एनपीए है साथ ही जो गबन की बात कहीं गई है वह पूरी तरह से भ्रामक एवं झूठी है। साथ ही जिस अधिकारी का नाम अखबार में प्रकाशित किया गया उनसे संस्था का किसी तरह का कोई संबंध नहीं है। चूंकि उपरोक्त संस्था लोन दिलाने का काम करती है और जिस अधिकारी का नाम प्रकाशित किया गया वह एक सरकारी प्रशासनिक अधिकारी के पद पर पदस्थ है इन कारण से उनका उपरोक्त संस्था से किसी तरह कोई संबंध निभाने का प्रश्न हीं नहीं उठता है। लिहाजा संस्था प्रमुख ने बताया कि जिस तरह से बिना किसी आधार के समाचार का प्रकाशन किया गया और संस्था की छवि धूमिल की जा रही है इस संबंध में जल्द ही एक संबंधित समाचार पत्र के लिखाफ याचिका उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर की जायेगी।

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