मध्य प्रदेश

सात सालों में उमरियापान को नहीं मिल पाया  नगर परिषद का दर्जा

नगर परिषद बनाने कलेक्टर ने शासन स्तर पर भेजा प्रस्ताव, 2016 में शहडोल लोकसभा उपचुनाव के दौरान सीएम ने की थी घोषणा,
कार्रवाई न होने पर मंत्री विधायक और नेताओं ने अनेकों बार किया पत्राचार, नगर परिषद बनने से शहर जैसी मिलेगी सुविधाएं

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के बाद सात वर्षों में उमरियापान को नगर परिषद का दर्जा नही मिल पाया।कटनी जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत उमरियापान को नगर परिषद बनाने में आवश्यक मापदंडों का अड़ंगा रहा। नगर परिषद के अभाव में यहाँ कुछ विकास नहीं हो पा रहा है। इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव होना है। मुख्यमंत्री की घोषणा पर उमरियापान को नगर परिषद बनाने प्रशासन ने सरकार के फार्मूले पर पुनः कार्रवाई शुरू किया है।कलेक्टर अवि प्रसाद ने आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल को नगर परिषद बनाने प्रस्ताव भेजा है।
नगर परिषद बनाने शासन को भेजा प्रस्ताव:- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की घोषणा को पूरा करने कलेक्टर अवि प्रसाद ने ग्राम पंचायत उमरियापान को नगर परिषद बनाने का प्रस्ताव आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल को भेजा है।कलेक्टर ने शासन स्तर पर भेजे प्रस्ताव में बताया कि उमरियापान को नगर परिषद बनाने के लिए समीपी ग्राम पंचायत पचपेढी, बम्हनी और बरौंदा तीनों ग्राम पंचायतों की सहमति है।उमरियापान सहित तीनों ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 13 गांव शामिल है। जिनकी कुल जनसंख्या 20 हजार से अधिक है। शासन को भेजे गए विस्तृत प्रतिवेदन में कलेक्टर ने नगर परिषद गठन से संबंधित आवश्यक जानकारी के अलावा उमरियापान ग्राम पंचायत की राजस्व आय,संपत्ति कर,वार्षिक भाड़ा, जल प्रदाय,बाजार आमदनी,भवन की उपलब्धता, सड़कों, नालियों सहित विद्युत आपूर्ति सहित अन्य बिंदुओं से सम्बंधित जानकारी विवरण सहित भेजा है।
उपचुनाव के दौरान सीएम ने की थी घोषणा:- शहडोल संसदीय क्षेत्र लोकसभा उपचुनाव के दौरान 15 अक्टूबर 2016 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपा प्रत्याशी ज्ञान सिंह के पक्ष में प्रचार करने उमरियापान आये थे।उमरियापान के अँधेली बाग खेल मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए तत्कालीन विधायक मोती कश्यप की मांग पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने उमरियापान के चहुमुखी विकास के लिए नगर परिषद बनाने की घोषणा की थी।सीएम की घोषणा के बाद कार्रवाई न होने पर भाजपा-कांग्रेस सरकार के कई नेता,विधायक और मंत्रियों ने समय समय पर सीएम को अनेकों बार पत्राचार किया।विधानसभा में भी बड़वारा विधायक विजयराघवेंद्र सिंह ने मुद्दा भी उठाया। प्रशासनिक अधिकारियों ने उमरियापान को नगर परिषद बनाने की कार्रवाई शुरू जरूर किया।लेकिन आवश्यक मापदंडों के पूरा नहीं होने पर उमरियापान को नगर परिषद का दर्जा नहीं मिल पाया है।
शहरों जैसी मिलेंगी सुविधाएं:- उमरियापान के नगर परिषद के अस्तित्व में आने से नगर परिषद क्षेत्र के लोंगो को पक्की सड़क, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा,फायर ब्रिगेड वाहन, पार्क,ड्रेनेज सिस्टम जैसी सुविधाएं मिल पाएंगी। प्रापर्टी के सर्किल रेट में वृद्धि होगी, जिससे ऋण लेने की क्रेडिट लिमिट बढ़ेगी। जनसंख्या के आधार पर केंद्र से मिलने वाली अनुदान राशि में वृद्धि होगी। शहरी आजीविका मिशन योजना लागू हो पाएगी। नगर परिषद बनने से लोग शुद्ध पेयजल, हाई मास्ट स्ट्रीट लाईट, सड़क व नालियों के समुचित व्यवस्था और बेहतर सफाई व्यवस्था, सुव्यवस्थित बस स्टैंड सहित शहर जैसे वातावरण में रहने की अन्य सुविधाएं मिलेगी। अभी ये सभी सुविधाओं से क्षेत्र के लोग वंचित है।

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