मध्य प्रदेश

आचार संहिता लागू होना के बाद निकाली राशि, होगी वसूली टोला, कछारगांव, देवरी मंगेला , पिपरिया सहलावन सरपंच और सचिव को जारी होगा नोटिस

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद भी कुछ पंचायतों द्वारा नियमों को धत्ता बताते हुये राशि आहरित की है। अब प्रशासन ऐसी पंचायतों को चिन्हत करने का काम शुरु कर दिया है जो आचार संहिता लागू होने के बाद राशि आहरित की गई है।
उल्लेखनीय है कि आरक्षण के बाद चुनावी समीकरण बिगड़े गये और पहले जो प्रत्याशी चुनाव लड़ने के लिये तैयार थे उनके आरमानों पर पानी फिर गया और जैसे ही आदर्श आचार संहिता की घोषणा की 25 जून को मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा की गई तो आनन-फानन पर में कई पंचायतों के सरपंच और सचिवों द्वारा बिना किसी काम हुये राशि का आहरण किया गया और कई सरपंच तो यह भी कह रहे है कि अब दोबारा मौका थोड़ी मिलेगा। लिहाजा इसी क्रम में टोला पंचायत सरपंच लक्ष्मी बाई सचिव सुरेश कुमार काछी के द्वारा दिनांक 28.05.2022 को राशि 1,27,000 एवं 23,300/- रुपये की राशि आहरित की की गई। इसी क्रम में कछारगांव सरपंच संजो बाई, सचिव जगदीश के द्वारा 10,850, इसी तरह देवरी मंगेली सरपंच संतोष कुमार, सचिव संदीप अग्रहरी के द्वारा आचार संहिता लगने के ठीक एक दिन पूर्व बिना किसी कार्य के 92,502, 18,000, 13,500, 4500 की राशि आहरित की गई। पिपरिया सहलावन सरपंच सचिव द्वारा भी योजनाबद्ध तरीके से आचार संहिता लगने के बाद दिनांक 26.05.2022 को राशि क्रमशः- 17,000, 49,400, 18,000 की राशि का आहरण किया गया। इस मामले में प्रशासन द्वारा ऐसी पंचायतों से वसूली की कार्यवाही भी की जा सकती है क्योंकि आदर्श आचार संहिता लगने के बाद संबंधित प्रतिनिधि के अधिकार समाप्त हो जाते है इसके बाद भी पंचायत चुनाव की तारीख के ऐलान के बाद भी कैसे इन पंचायतें ने राशि आहरित की। इस मामले में जहां नोटिस के साथ साथ वसूली का रम्मना थी थमाया जा सकता है।

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