ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग शनिवार, 16 दिसम्बर 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 16 दिसम्बर 2023

16 दिसम्बर 2023 दिन शनिवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज वैनायकी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत है। आज अपने पुत्र की कुशलता-संपन्नता-सुख एवं आरोग्य हेतु दिनभर उपवास के उपरांत सायंकाल में गणेश जी की पुजा के बाद उगते चन्द्रमा को अर्घ्य देकर उपवास खोलना चाहिए। आज भगवान श्रीसूर्यनारायण धनु राशि तथा मूल नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे। धनु राशि में सूर्य के जाने का अर्थ है, कि खरमास (मलमास) का आरंभ हो जाता है। खरमास आज रात्री 25:01 बजे से अर्थात तारीख 17 लगते ही अर्द्धरात्रि को ही खरमास लग जायेगा। आप सभी सनातनियों को “वैनायकी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत एवं धनु राशि के संक्रान्ति की” बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त-अनन्त बधाइयाँ।।
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : मार्गशीर्ष मास शुक्ल पक्ष दिन शनिवार चतुर्थी तिथि 08:00 PM तक उपरांत पंचमी
✏️ तिथि स्वामी : चतुर्थी तिथि के देवता हैं शिवपुत्र गणेश। इस तिथि में भगवान गणेश का पूजन से सभी विघ्नों का नाश हो जाता है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र श्रवण 04:37 AM तक उपरांत धनिष्ठा
🪐 नक्षत्र स्वामी : श्रवण नक्षत्र भगवान विष्णु द्वारा शासित है और इसका स्वामी ग्रह चंद्र हैं।भगवान विष्णु सृष्टि के पालनकर्ता हैं।
🔊 योग : व्याघात योग 03:47 AM तक, उसके बाद हर्षण योग
प्रथम करण : वणिज – 09:15 ए एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 08:00 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:47:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:13:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:55 ए एम से 05:47 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:21 ए एम से 06:39 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:49 ए एम से 12:34 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:03 पी एम से 02:47 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:42 पी एम से 06:08 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:45 पी एम से 07:02 पी एम
💧 अमृत काल : 07:00 पी एम से 08:28 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:46 पी एम से 12:38 ए एम, दिसम्बर 17
सर्वार्थ सिद्धि योग : 06:39 ए एम से 04:37 ए एम, दिसम्बर 17
❄️ रवि योग : 04:09 पी एम से 04:37 ए एम, दिसम्बर 17
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-गणेश मंदिर में काले तिल के लड्डू चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/खरमास (मलमास) प्रारंभ/विनायकी चतुर्थी/ धनु राशि के संक्रान्ति, प्रसिद्ध भारतीय महिला क़व्वाल शकीला बानो स्मृति दिवस, बहरीन स्वतंत्रता दिवस, बांग्लादेश विजय दिवस, कजाकिस्तान स्वतंत्रता दिवस, राजनीतिज्ञ एच. डी. कुमारस्वामी जन्म दिवस, अरुण खेतरपाल ,परमवीर चक्रसम्मानित भारतीय सैनिक, स्मृति दिवस, विजय दिवस (16 दिसम्बर)
✍🏼 विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।
🗽 Vastu tips 🗼
पानी के नल की उचित दिशा वास्तु में हर चीज के लिए दिशा बताई गई है। बात करें घर में पानी कि तो इसकी दिशा उत्तर पूर्व होनी चाहिए। घर में यदि आप पानी का टैंक या उससे संबंधित किसी भी चीज को लगवाते हैं तो उसे दिशानुसार ही घर में लगवाएं। उत्तर पूर्व की दिशा में पानी का नल लगवाने से घर के कलेश मिटते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। इससे आपकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार आता है। वैसे ज्योतिष शास्त्र के अनुसार घर में नल से पानी का टपकना चंद्रमा का कमजोर होना भी माना जाता है। उचित दिशा में पानी की टोटी लगवाने से आपका चंद्रमा भी मजबूत होता है।
जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
इस तरह करें पेनकिलर का इस्तेमाल एस्पिरिन का डायरेक्ट कनेक्शन क्लीनिंग प्रॉसेसेस से है। आप जब भी कपड़े धाने का प्लान करें उस वक्त वॉशिंग मशीन में एस्पिरिन की कुछ गोलियां डाल दें। बेहतर रिजल्ट के लिए आप गोलियों को क्रश कर लें और फिर पानी में घोलकर डालें। अब आप कोई भी डिटर्जेंट मशीन में डाल दें और मशीन को चालू कर दें। आपके कपड़ों पर लगे सारे दाग गायब हो जाएंगे। इससे कपड़ों पर नए जैसी चमक आ जाएगी।
अगर आप बिना मशीन के कपड़े धोते हैं यानि अगर हाथ से कपड़े धोते हैं तो उसके लिए जब कपड़ों को पानी में या सर्फ में भिगोएं उस वक्त एस्पिरिन की गोलियों वाला घोल भी डाल दें। कपड़ों को थोड़ी देर भीगने दें और फिर हाथ और ब्रेश की मदद से रगड़ते हुए कपड़ों को साफ कर लें। आप देखेंगे कि सारे दाग गायब हो गए हैं।
🍾 आरोग्य संजीवनी 🍶
अरंडी का तेल लगाएं- अरंडी की तेल भी तासीर में गर्म होता है। इसे छाती पर लगाने से बच्चे को ठंड से बचाया जा सकता है। अगर बच्चे की पसलियों में दर्द या फिर सीने से आवाज आ रही है तो अरंडी का तेल हल्का गर्म करते छाती पर और पीठ पर लगा दें। इसके बाद शरीर को गर्म कपड़ों से कवर कर दें। आप तलवों पर भी थोड़ा तेल रब कर सकते हैं। इससे बच्चे को काफी राहत मिलेगी। ऐसा कम से कम 2-3 दिन तक करें।
हल्दी वाला दूध- बच्चे को सर्दी से बचाने के लिए रोजाना हल्दी वाला दूध जरूर दें। इससे सर्दी जुकाम की समस्या कम होगी। अगर किसी तरह का इंफेक्शन हो भी रहा है तो वो नहीं होगा। खासतौर से रात में सोते वक्त बच्चे को हल्दी वाला दूध ही पिलाना चाहिए।
च्वनप्राश खिलाएं- सर्दी जुकाम से दूर रखना है तो बच्चे को 1 चम्मच च्वनप्राश जरूर खिलाएं। इससे शरीर में गर्मी आती है और बच्चे को सर्दी जुकाम की समस्या नहीं होती है। च्वनप्राश खाने से बच्चे की इम्यूनिटी भी मजबूत बनती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम उन लोगों में से गिने जाते हैं, अपने समय के एक कुशल सलाहकार के रूप में आचार्य श्री गोपी राम ने बहुत लोगों को सफल बनाया है।
हमने अपने सोच विचार को अपने जीवन जीने का सिद्धांत बनाया है। वही सिद्धांत आगे चल कर उनकी नीति बने जिसे आज हम कहते हैं। कुछ लोगों में हमारी नीतियां पढ़ने की आज भी जिज्ञासा होती है तो वहीं कुछ लोग कामयाब होने के लिए उनकी नीतियां पढ़ते हैं। आज हम आपको एक ऐसी नीति बताने जा रहे हैं। जिसमें हमने बताया है कि यदि आपका कोई अहित करना चाहता है तो उसको कैसे अपने पक्ष में किया जा सकता है।
यस्य चाप्रियमिच्छेत तस्य ब्रूधात् सदा प्रियम् ।व्याधो मृगवधं कर्तुं गीतं गायति सुस्वरम्।।
आचार्य श्री गोपी राम ने अपने इस श्लोक के माध्यम से यह कहते हैं कि अगर कोई व्यक्ति आपका बुरा करना चाहता है या वो आपसे शत्रुता का भाव रखता है। तो ऐसे लोगों से कभी भी दुश्मनी मोल नहीं लेनी चाहिए। बल्कि उनसे प्रेमपूर्वक बात करें और ऐसे लोगों से मीठे बोल बोलना चाहिए। ठीक उसी प्रकार जिस तरह वन में एक शिकारी हिरण को पाने के लिए मीठे स्वर निकालता है और जब हिरण उन स्वरों से मंत्रमुग्ध हो जाता है तो वह शिकारी के बस में आ जाता है।
नहीं बोलने चाहिए कड़वे वचन यदि कोई आपका अहित करना चाहता है तो उससे प्रिय वचन बोलें और उसके साथ आप अच्छा व्यवहार रखें। ऐसा करने से वो आपके एक न एक दिन अधीन हो जाएंगे। हम यहां पर यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि कभी भी किसी से शत्रुता नहीं रखनी चाहिए। यदि कोई आपको हानि पहुंचाना चाहता है या आपसे बैर रखता है तो आप उसके लिए बुरे न बनें और उस व्यक्ति से अच्छा व्यवहार रखें। आपके अच्छे व्यवहार के चलते शत्रु पक्ष भी आपके मित्र बन जाते हैं।
कर लें शत्रुओं की भी अपने अधीन हमने अपनी इस नीति में यही समझाया है कि जो लोग आपका बुरा सोचते हैं और आपके साथ कठोर व्यवहार करते हैं। उनसे कभी भी दुश्मनी मोल नहीं लेनी चाहिए। यदि उनको सबक सिखाना ही है तो अपने व्यवहार को अच्छा रखें और उनसे मीठे वचन बोलें। एक समय ऐसा आएगा जब वो चाह कर भी आपका बुरा नहीं कर पाएंगे और आपके अधीन हो जाएंगे।
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⚜️ चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों भी त्याज्य है। आज गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी की पूजा का विशेष महत्त्व है। आज गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।
शास्त्रानुसार जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्थी तिथि को होता है वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान एवं अच्छे संस्कारों वाला होता है। ऐसे लोग अपने मित्रों के प्रति प्रेम भाव रखते हैं तथा इनकी सन्तानें अच्छी होती है। इन्हें धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और ये सांसारिक सुखों का पूर्ण उपभोग करते हैं।

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