मध्य प्रदेश

बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा उदयपुरा का शासकीय महाविद्यालय

क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र पटेल के समक्ष कॉलेज के स्टाफ ने ही वरिष्ठ अधिकारियों पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप।
रिपोर्टर : आशीष रजक
उदयपुरा ।
मामले को संज्ञान में लाने के पहले हम आपको बता दें कि नगर के महाविद्यालय की चटकती हुई दीवारों पर महात्मा गांधी की फोटो के अगल बगल लटकी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की फोटोकॉपी वाली तस्वीर बहुत कुछ बयां करती है। शायद कॉलेज प्रबंधन की जनभागीदारी के पास इतना पैसा भी नहीं है कि हमारे भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की एक सम्मानजनक तस्वीर लगा सकें।
नगर उदयपुरा में एकमात्र शासकीय महाविद्यालय है जो कई वर्षों से संचालित हो रहा है लेकिन आज तक इस कॉलेज में छात्र-छात्राओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। महाविद्यालय के बीकॉम के छात्र-छात्राओं ने बताया कि हमारे कॉलेज में कंप्यूटर लैब के नाम पर एक भी कंप्यूटर चालू हालत में नहीं है। छात्र छात्राओं ने क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र सिंह पटेल के समक्ष बात रखी की असामाजिक तत्व कॉलेज के अंदर घुस कर उपद्रव करते हैं उन पर किसी तरह का कोई अंकुश नहीं लग रहा ना महाविद्यालय में कोई सुरक्षा गार्ड रहता है और ना महाविद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे चालू है। जिस तामझाम से महाविद्यालय का लोकार्पण किया गया था उससे ऐसा लग रहा था कि छात्र-छात्राओं को सर्व सुविधायुक्त भवन के साथ-साथ सारे संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे लेकिन नये भवन मिलने के बाद भी समस्यायें जस की तस है।कॉलेज में छात्रों के बैठने के लिए पर्याप्त मात्रा में न तो फर्नीचर है और न ही लैब की व्यवस्था है।न कॉलेज में किसी विषय के लैब के लिए पूरी व्यवस्था है और न ही बेहतर लाइब्रेरी मौजूद है। लाइब्रेरी का कमरा तो बना है, लेकिन वह भी हमेशा खाली रहता है।अनेक छात्र छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि हमसे आईडी कार्ड और मार्कशीट के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं। आश्चर्य तो तब हुआ जब कॉलेज के शिक्षकों ने ही स्थानीय विधायक के समक्ष कॉलेज प्रबंधन पर धांधली और भ्रष्टाचार के आरोप लगा दिए।
क्षमता से कम हैं डेस्क और बेंच। छात्रों ने स्थानीय विधायक देवेंद्र पटेल से कहा कि कॉलेज में बाथरूम तक की नहीं है व्यवस्था कई महीनों से बाथरूम के गेट पड़े हैं टूटे।
आलम यह है कि कॉलेज में संसाधनों की कमी के कारण महाविद्यालय में पढ़ाई को लेकर छात्रों की रुचि कम होती जा रही है। यही कारण है कि इस बार अन्य वर्षो की तुलना में काफी कम छात्र-छात्राओं ने एडमीशन लिया है। विधायक देवेंद्र पटेल के समक्ष मामला आया कि कॉलेज प्रबंधन के पास फोटोकॉपी तक की मशीन नहीं है और ना प्रोजेक्टर। जनभागीदारी समिति का पैसा कहां से आता है और कहां जाता है इस पैसे का कहां सदुपयोग हो रहा है कॉलेज प्रबंधन इसका जवाब स्थानीय विधायक देवेंद्र पटेल के समक्ष देने में अक्षम रहा। अब प्रश्न यह उठता है कि इतनी सब अनियमितताएं होने के बाद भी आखिर शासन-प्रशासन इतनी गहरी नींद में क्यों सोया हुआ है क्या मामा शिवराज के राज में भांजे और भांजियो के भविष्य से इसी प्रकार खिलवाड़ होता रहेगा क्या केवल साक्षरता मिशन केवल एक जुमला बनकर रह गया है। इतनी सारी अनियमितताओं पर स्थानीय विधायक ने कहा कि कॉलेज में काफी अधिक संख्या में अनियमितताएं हैं इनको बिंदुवार तरीके से मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा मंत्री के समकक्ष रखा जाएगा और जल्द से जल्द इन समस्याओं को सुलझाया जाएगा। अब आगे देखते हैं कि स्थिति जस की तस बनी रहती है या कोई सुधार होने की भी संभावना है।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय विधायक के साथ ब्रजकिशोर तेंगुरिया, साहब लाल तिवारी, सुनील राय, मनोज चक्रधर, श्रीराम रघुवंशी, योगेश जैन, जितेंद्र मेहरा, प्रज्वल राजपूत उपस्थित रहे।

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