धार्मिकमध्य प्रदेश

धर्म की रक्षा करेंगे, तो धर्म हमारी रक्षा करेगा : पंडित शैलेंद्र कृष्ण शास्त्री

पूर्व विधायक देवेन्द्र पटेल ने कथा श्रवण कर गुरु जी से आशीर्वाद प्राप्त किया
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
सिलवानी । सिलवानी तहसील के ग्राम पठा पौड़ी में प्रहलाद सिंह रघुवंशी के द्वारा श्रीमद् भागवत महापुराण का आयोजन किया जा रहा है ।कथा के पांचवें दिवस के अवसर पर कथा व्यास पंडित शैलेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने धर्म की विस्तृत व्याख्या करते हुए कहा कि धर्म की हम रक्षा करेंगे तो धर्म हमारी रक्षा करेगा ।उन्होंने कहा कि धर्म का पालन करना मनुष्य का परम कर्तव्य है ।प्रत्येक परिस्थिति में मनुष्य को चाहिए कि वह धर्म का पालन करता रहे। हम अपने धर्म की रक्षा में ,अपने प्राणों को भी लगाने के लिए तत्पर रहें । अपने धर्म में मर जाना श्रेष्ठ है, किसी दूसरे के धर्म में जाने की कल्पना करना मात्र महापाप है। संसार के जितने भी धर्म हैं, उनमें जो स्वधर्म है,उस धर्म से श्रेष्ठ किसी को नहीं मानना चाहिए। जब बात आती है सनातन की, आदि अनादि काल से सनातन इस धरती पर विद्यमान है ।जब से प्रकृति ने जीवन को संपन्न और संभव किया है ।तभी से सनातन परंपरा का प्रादुर्भाव है। यह सनातन संस्कृति जीवन जीने की एक पद्धति है। जिसके माध्यम से मनुष्य संपूर्णता को प्राप्त होता है। इस परंपरा में मानव के जितने भी कर्तव्य हैं, वह सहज ही पूर्ण हो जाते हैं। आगे पंडित शास्त्री जी ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का अवतार, इस प्रकृति की संकल्पना को सार्थक करने के लिए हुआ था । इसके माध्यम से उन्होंने सत्य का प्रतिपादन किया और विभिन्न लीलाओं से, अपनी भक्ति का मजबूती करण किया ।संसार में जब सत्य की बात आती है, तो सत्य ही धर्म का स्वरूप है। जिसका अनुपालन करने की प्रेरणा भगवान श्री कृष्ण ने अपने संदेश में प्रदान की जोकि गीता का ज्ञान है ।आगे भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन करते हुए, पंडित शास्त्री जी ने कहा कि व्यक्ति को अपने जीवन में कभी अहंकार नहीं करना चाहिए। अहंकार करने से हमारा आध्यात्मिक पतन हो जाता है और इस पतन से, जितने भी संचित पुण्य हैं ,वह नष्ट हो जाते हैं। इसी प्रकार किसी दूसरे की बुराई करने से भी, हमारे पुण्य कर्म नष्ट हो जाते हैं, और उस व्यक्ति के पाप हमारे ऊपर आ जाते हैं। इसलिए सद्गुणी को चाहिए कि वह किसी व्यक्ति की बुराई ना करे। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को सदाचार, संयम से अपना जीवन यापन करना चाहिए। सदाचार भी धर्म पालन का विस्तृत स्वरूप है, इसीलिए सदाचार को नहीं त्यागना चाहिए। सदाचारी मनुष्य परमात्मा की कृपा को प्राप्त करके, समाज में व्याप्त बुराइयों को, दूर करने में सक्षम होता है। और उस सदाचारी मनुष्य का सत्संग हमको करना चाहिए। जिससे कि हमारे दुर्गुणों का नाश हो सके और हमारे अंदर सद्गुणों का विकास हो सके। वही सिलवानी पूर्व विधायक एव वर्तमान कांग्रेस जिला अध्यक्ष देवेंद्र पटेल ने कथा श्रवन की एव कथावाचक राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीकृष्ण शास्त्री जी को साल श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष संदीप शर्मा, अजय पटेल, भारत पटेल, वीर रघुवंशी, गजेंद्र पटेल,बिट्टू राय आदि ने कथा श्रवन की।
कथा का समापन 26 फरवरी को होगा। कथा के आयोजक प्रहलाद सिंह रघुवंशी ने श्रद्धालु जनों से, अधिक से अधिक संख्या में, कथा श्रवण करने की अपील की है।

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