मध्य प्रदेश

आउटसोर्स जोडो अभियान के तहत कर्मचारियों की बैठक संपन्न

18 दिसंबर को भोपाल के हल्लाबोल आंदोलन में पहुंचने का लिया संकल्प
अन्यायकारी आउटसोर्स प्रथा समाप्त कर विभागों में संबिलियन करो : वासुदेव शर्मा

रिपोर्टर : तारकेश्वर शर्मा

सिवनी। ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स, अस्थाई, संविदा, ठेका कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की ओर से शुरू किए गए आउटसोर्स जोडो अभियान के तहत कांग्रेस कार्यालय के सभागार में मप्र आउटसोर्स, अस्थाई एवं संविदा कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा की उपस्थिति में बैठक संपन्न हुई, जिसमें बडी संख्या में आउटसोर्सकर्मी शामिल रहे। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अन्यायकारी प्रथा को समाप्त कराने तक मिलकर संघर्ष करेंगे और 18 दिसंबर को अधिक से अधिक संख्या में भोपाल पहुंचने का संकल्प लिया। बैठक में उपस्थित आउटसोर्स कर्मियों को जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार खुराना ने संबोधित करते कहा कि आपके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ संघर्ष में कांग्रेस आपके साथ है, आप लोग एकजुट होकर अपनी लडाई लडें। स्वास्थय विभाग के आउटसोर्सकर्मी दिलीप कुमार दयारमानी को ऑल डिपार्टमेंट का अध्यक्ष सर्वसम्मति से बनाया गया, कामगार कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नितिन शुक्ला, शिक्षा विभाग के आकाश, व्यावसायिक शिक्षक राम डेहरिया, विनोद नाग, ने भी अपनी बात रखी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र दिया गया जिसमें आउटसोर्स प्रथा समाप्त करने, न्यूनतम 21 हजार रूपए वेतन देने की मांग की गई। बैठक में शिक्षा विभाग के कंप्यूटर आपरेटरों एवं व्यावसायिक शिक्षकों को 7 महीने से वेतन नहीं मिलने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
आउटसोर्सकर्मियों के धरने में बोलते हुए ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स, अस्थाई, संविदा कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजक एवं मप्र कांग्रेस आउटसोर्स एवं संविदा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने कहा कि अस्थाई कर्मियों की एकता बनाना एवं उनका संघर्ष विकसित करना सबसे मुश्किल काम है और एक बार यदि यह काम कर लिया तब इनकी जीत आसान हो जाती है इसलिए आप लोगों को आउटसोर्स, अस्थाई कर्मियों के बीच निरंतर सक्रिय रहकर इन्हें एकजुट करने का काम करते रहना होगा। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स अब तक की सबसे बडी अन्यायकारी व्यवस्था है, इसे कोई एक संगठन समाप्त नहीं करा सकता, यदि किसी को यह गलत फहमी है कि वह अकेला अकेला चलकर आउटसोर्स प्रथा को समाप्त करा लेगा, उसे अपनी यह गलतफहमी समय रहते दूर कर लेनी चाहिए। शर्मा ने कहा कि अस्थाईकर्मियों के आंदोलन को जीत तक पहुंचाने के लिए सावधानी से आगे बढने, सतर्क और चौकन्ने रहने की जरूरत होती है, जब हम जीत के करीब पहुंचते हैं तब हमारे ही बीच के लोग मनोबल गिराने, एकता को तोडने की कोशिश करते हैं, जैसे जैसे आउटसोर्स कर्मियों का आंदोलन चर्चा में आएगा, गति पकडेगा, मंजिल के करीब पहुंचेगा तब कुछ स्वयंभू कर्मचारी नेता भी आएंगे, यह दिखाने की कोशिश करेंगे कि वे अकेले ही सबकुछ कर लेंगे, ऐसी सोच के लोग ही एकता में सबसे अधिक बाधक होते हैं। वासुदेव ने आउटसोर्स कर्मियों को भरोसा दिलाया कि इसी मप्र का कर्मचारी अन्यायकारी कर्मी कल्चर को समाप्त करा चुका है, अब आउटसोर्स कल्चर को खत्म कराने का समय है, 18 दिसंबर को भोपाल में इसकी बुनियाद रख दी जाएगी।

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