आज का पंचांग आज का पंचांग शुक्रवार, 19 जनवरी 2024
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 19 जनवरी 2024
19 जनवरी 2024 दिन शुक्रवार को पौष मास की शुक्ल पक्ष नवमी तिथि हैं। आज स्वार्थसिद्धि योग भी है। आज नवमी तिथि को नंदा नाम से भी जाना जाता है, इसलिए नंदा तिथि को रवि योग का निर्माण हो रहा है और यह रवियोग दोषसंघविनासक हैं। लिखा है, “दोषसंघविनासकौ” आज जन्म कुंडली के दोष के लिए उत्तम मुहुर्त है ।।
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशर ऋतु
⛈️ मास – पौष मास
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शुक्रवार पौष माह के शुक्ल पक्ष नवमी तिथि 07:52 PM तक उपरांत दशमी
✏️ तिथि स्वामी : नवमी तिथि की देवी हैं दुर्गा। इस तिधि में जगतजननी त्रिदेवजननी माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र भरणी 02:50 AM तक उपरांत कृत्तिका
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है।भरणी नक्षत्र की राशि मेष राशि है और इस नक्षत्र के देवता भगवान यम हैं जिन्हें मृत्यु के देवता कहा जाता है।
🔔 योग – साध्य योग 12:45 PM तक, उसके बाद शुभ योग
⚡ प्रथम करण : बालव – 08:14 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : कौलव – 07:51 पी एम तक तैतिल
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:42:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:18:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:27 ए एम से 06:21 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:54 ए एम से 07:15 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:11 पी एम से 12:53 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:18 पी एम से 03:00 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:46 पी एम से 06:13 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:49 पी एम से 07:10 पी एम
💧 अमृत काल : 10:04 पी एम से 11:39 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:05 ए एम, जनवरी 20 से 12:59 ए एम, जनवरी 20
❄️ रवि योग : पूरे दिन
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी ब्राह्मण को खीर खिलाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – देवदर्शन/ साध्य योग/ रवियोग/ श्रीमती इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री नियुक्त दिवस, धर्मगुरु – आचार्य रजनीश स्मृति दिवस, अमीनुल्ला हुसैन पुण्य तिथि, इंग्लैंड महारानी विक्टोरिया स्मृति दिवस, देवेन्द्र नाथ टैगोर स्मृति दिवस, राजपूत राजा राणा प्रताप सिंह स्मृति दिवस, अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह दिवस (10 दिवसीय)।
✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
पानी की टंकी की दिशा का रखें ध्यान वास्तु शास्त्र के अनुसार जलाशय को उत्तर, उत्तर-पूर्व दिशा में रखें। इन दिशाओं में पानी की टंकी रखने से धन लाभ होता है। पानी की टंकी इन दिशाओं में रखने से धन का आगमन होता है।
तिजोरी किस दिश में होने चाहिए वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में तिजोरी को दक्षिण या दक्षिण पश्चिम दिशा की ओर रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, तिजोरी का दरवाजा उत्तर दिशा में रखना चाहिए। ऐसा करने से धन लाभ के योग बनते हैं।
घर रखें साफ-सुथरा घर को हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिए। साफ-सुथरे स्थान पर ही मां लक्ष्मी का वास होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के उत्तर दिशा को व्यस्थित रखना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से घर में धन वृद्धि होती है।
घर के दरवाजे या खिड़कियां- वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के दरवाजे या खिड़कियों को साफ रखना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। बरकत घर आती है।
⏺️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
ज्यादा नमक खाने के नुकसान ज्यादा नमक के सेवन से किडनी की समस्या हो जाती है. क्योंकि किडनी को शरीर में सोडियम की मात्रा को बैलेंस करने और खराब पदार्थों को बाहर निकालने का काम करना होता है, इसलिए बहुत ज्यादा नमक खाने से इसकी वर्किंग प्रोसेस में दिक्कत आ जाती है और किडनी में पथरी जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.
जब किडनी ठीक से काम नहीं करती है तो शरीर में सोडियम जमा हो जाता है, तो वो इसे पानी से पतला करने की कोशिश करता है, जिसकी वजह से पानी जमा हो जाता है. यह ब्लड की मात्रा, प्यास और सूजन को और बढ़ा देता है.
ब्लडप्रेशर बढ़ने का सीधा संबंध दिल से जुड़े रोगों से है. ज्यादा नमक का सेवन दिल के लिए अच्छा नहीं होता है.
🍻 आरोग्य संजीवनी 🍯
सुबह की बासी लार के क्या फायदे हैं?सुबह उठने पर मुंह के लार को निकलना खराब नहीं बल्कि अच्छी बात होती हैं हमें 5 बड़ी बीमारियों से बचाती हैं जिनके बारे में आज हम बताने जा रहे हैं.
पेट की दिक्कतों में फायदेमंद जब हम सुबह उठकर रोजाना एक गिलास पानी पीते हैं हमारे लार पानी के साथ हमारे पेट में चली जाती है. इसके साथ ही टायलिन नाम का एंजाइम भी पेट में पहुंच जाता है और वहां जाकर आंतों की सफाई करता है. इससे पाचन संबंधी दिक्कतें दूर होती हैं
मुंह की बदबू दूर होती है मुंह की दुर्गंध से बचने के लिए लोगों के लिए बासी लार बहुत फायदा पहुंचाती है असल में जब हम भोजन करने के बाद सही से कुल्ला नहीं करते तो मुंह में दुर्गंध बननी शुरू हो जाती है जीभ से बनने वाली लार मुंह के इन्फेक्शन को खत्म कर दुर्गंध को दूर करती है. इसके चलते हमारे मुंह से बदबू आनी कम हो जाती है
आंखों की रोशनी बढ़ाती है जिन लोगों की आंखों की रोशनी कम हो गई हो तो सुबह की बासी लार काजल की तरह आंखों में लगाने से आंखों की रोशनी बढ़ने लगती है. साथ ही इससे आंखों के नीचे काले धब्बे बनने भी कम हो जाते हैं. इससे आंखों के दर्द में भी आराम मिलता है.
स्किन प्रॉब्लम में फायदा स्किन प्रॉब्लम जैसे मुहांसे या कट्टी त्वाचा हो लोगों के लिए सुबह की बासी लार बहुत फायदा पहुंचाती है कई लोग मानते हैं कि चेहरे पर बासी लार लगाने से त्वाचा के निशान खत्म हो जाते हैं यह शरीर में होने वाले घाव को भरने का भी काम करती है शरीर पर इस उपचार से फायदा मिलता है
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
क्या होता अगर रावण अंगद का पैर उठा लेता? कुछ नहीं होता क्योंकि अंगद अपना पैर उठवाने के लिए या रावण की शक्ति जानने के लिए लंका नहीं गया हुआ था .
वह लंका में श्री राम के दूत के रूप में गया हुआ था लेकिन रावण से तमाम तर्क वितर्क और मनो वैज्ञानिक यद्ध करते हुए रावण को बहुत क्रोधित कर देता है . जब अंगद ने गुस्से से मुक्का जमीन पर मारा तो जमीन हिल गयी , सभासद अपने स्थानों से गिर पड़े . स्वयं रावण भी गिरते-गिरते बचा , लेकिन उसके अत्यंत सुंदर मुकुट पृथ्वी पर गिर पड़े . कुछ तो रावण ने जल्दी से उठा कर अपने सिर पर व्यवस्थित कर लिए लेकिन कुछ को अंगद ने उठाकर श्री रामचंद्र के पास फेंक दिया. रावण मनोवैज्ञानिक रूप से पराजित हो गया .
इसके बाद अंगद ने अपना पैर जमीन पर रोपते हुए रावण से कहा यदि तू मेरा चरण हटा सके तो श्रारीम जी लौट जाएंगे मैं सीता जी को हार गया.
स्वाभाविक है, रावण अंदर ही अंदर डर गया कि कही ऐसा न हो कि वह पैर न उठा पाए. इसलिए उसने अपनी सेना को आदेश दिया कि हे वीरो पैर पकड़कर बंदर को पृथ्वी पर पटक दो.
यह रावण की एक और मानसिक हार थी जिसमें उसने समझ लिया था कि वह पैर उठा नहीं सकता. इसके बाद सभा में बैठे हुए मेघनाथ सहित जितने भी वीर थे , सभी ने कोशिश की लेकिन पैर टस से मस नहीं कर पाए.
तब रावण स्वयं उठकर अंगद का पैर उठाने चला क्योंकि उसके पास अब कोई विकल्प और कोई बहाना नहीं बचा था, लेकिन अंगद भी सोच रहा था कि कहीं ऐसा न हो कि रावन पैर उठा दे ? उसने रावण को एक और अवसर प्रदान कर दिया, जिसे रावण ने सहर्ष स्वीकार कर लिया
गहसि न राम चरन सठ जाई, सुनत फिरा मन अति सकुचाई,
भयऊ तेजहत श्री सब गई , मध्य दिवस जिमि ससि सोहई..
हे मूर्ख तू जाकर प्रभु श्रीराम के चरण क्यों नहीं पकड़ता यह सुनकर वह मन मन ही मन बहुत ही सकुचा कर लौट गया. चेहरे पर चमक गायब हो गई उसका चेहरा तेज हीन हो गया और वह जाकर सिंहासन पर बैठ गया.
इसलिए यह ऐसी स्थिति थी जिससे दोनों की इज्जत रह गयी लेकिन पलड़ा तो अंगद का भारी था . उसने रावण के प्रति सदासयता भी दिखाई और मनोवैज्ञानिक युद्ध जीत कर भी गया
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।

