आज का पंचांग गुरुवार, 22 दिसम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 22 दिसम्बर 2022
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
।।आप सभी पर ईश्वर की असीम अनुकम्पा की वर्षा होती रहे।।
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति) गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए । गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं । इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
गुरुवार को चने की दाल भिगोकर उसके एक हिस्से को आटे की लोई में हल्दी के साथ रखकर गाय को खिलाएं, दूसरे हिस्से में शहद डालकर उसका सेवन करें।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – पौष माह
🌑 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – चतुर्दशी 18:12 PM बजे तक उपरान्त अमावस्या तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी : चतुर्दशी: इसके स्वामी भगवान शिव हैं. अतः प्रत्येक मास की चतुर्दशी विशेषकर कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन शिव जी की पूजा, अर्चना एवं रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव मनोकामना पूर्ण करते हैं
💫 नक्षत्र : ज्येष्ठा – 04:03 ए एम, दिसम्बर 23 तक मूल
🪐 नक्षत्र स्वामी : ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी ग्रह बुध है और इस नक्षत्र के सभी 4 चरण वृश्चिक राशि में स्थित होते हैं जिसके कारण इस नक्षत्र पर बुध ग्रह सहित वृश्चिक राशि और इस राशि के स्वामी ग्रह मंगल का भी प्रभाव पड़ता है।
🔱 योग – शूल 17:44 AM तक उपरान्त गंड योग है।
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 08:48 ए एम तक शकुनि – 07:13 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : चतुष्पाद – 05:32 ए एम, दिसम्बर 23 तक नाग
🔥 गुलिक काल :- गुरुवार सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा।
⚜️ दिशाशूल – गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो दही खा कर यात्रा कर सकते है।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 13:30 बजे से 15:00 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:47:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:13:00 A.M
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:21 ए एम से 06:15 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:48 ए एम से 07:10 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:59 ए एम से 12:40 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:03 पी एम से 02:44 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:19 पी एम से 05:43 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:29 पी एम से 06:51 पी एम
💧 अमृत काल : 08:10 पी एम से 09:36 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:53 पी एम से 12:47 ए एम, दिसम्बर 23
💥 सुकर्मा योग – आज रात 12 बजकर 41 मिनट तक
☀️ स्थायीजय योग – आज सुबह 9 बजकर 55 मिनट से रात 12 बजकर 45 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को पीले फल भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – क्रान्तिकारी तारकनाथ दास शहिद दिवस, गुरु गोविंद सिंह (सिक्खों के दसवें व अंतिम गुरु) जयन्ती, श्रीनिवास रामानुजन् भारतीय वैज्ञानिक जन्म दिवस, स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मज़हरुल हक़ जन्म दिवस, राष्ट्रीय गणित दिवस (रामानुजम स्मृति दिवस), अमावस्या प्रारंभ रात्रि 07 : 14
✍🏽 विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।
🌷 Vastu tips 🌹
फेंगशुई ऊंट रखना होता है शुभ चीनी शास्त्र फेंगशुई के मुताबिक, घर में ऊंट का शोपीस रखना बेहद ही शुभ होता है। घर में ऊंट की शोपीस रखने से घर की सारी परेशानियां दूर हो जाती है। हालांकि, फेंगशुई के मुताबिक घर पर ऊंट की शोपीस रखने से पहले कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
करियर संवारने के लिए स्टडी रूम में रखें फेंगशुई ऊंट कई बार खूब मेहनत करने के बाद भी सफलता हाथ नहीं लगती है और कई बार सफलता तो मिलती है पर मेहनत के मुताबिक फल नहीं मिलता है। लेकिन इस समस्या का समाधान चीनी वास्तु फेंगशुई में किया गया है। फेंगशुई के मुताबिक करियर में सफलता पाने के लिए अपने स्टडी रूम में ऊंट की शोपीस रखना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इससे पढ़ाई की ओर आपका रुझान बढ़ेगा। साथ ही सफलता की राह भी आसान होगी। हालांकि ऊंट का पॉजिटिव इफेक्ट आपके ऊपर तभी पड़ेगा जब आप इसे सही दिशा में रखेंगे। फेंगशुई के मुताबिक, ऊंट के शोपीस को स्टडी रूम के उत्तर-पश्चिम दिशा में रखना शुभ होता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
बिना तकिए के सोना इस समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। जब आप ऐसे सोते हैं तो ये आपके गर्दन दर्द को कम करने में मदद करता है। साथ ही इससे रीढ़ की हड्डी की पोजीशन भी सही रहती है और कमर दर्द की समस्या भी नहीं होती है।
अपने बैठने के पोजीशन को ठीक करें आपके बैठने का पोजीशन, आपके शरीर और सेहत दोनों को प्रभावित करता है। यानी कि अगर आप कंप्यूटर पर बहुत देर बैठ कर काम करते हैं या मोबाइल चलाते हैं तो इससे गर्दन में एक अकड़न आ जाती है जिससे आपको कई सारी सेहत जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए अगर आपको गर्दन में अकड़न की समस्या से बचना है तो इन कामों को करें और मोटापा कंट्रोल करें।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
पुरुषों में हार्मोनल असंतुलन का कारण
एंड्रोपॉज पुरुषों में हार्मोनल असंतुलन के कई कारण हो सकता है। जिसमें से एक है एंड्रोपॉज। ये टेस्टोस्टेरोन की कमी के कारण होता है। इसे ‘मेल मेनोपॉज’ भी जाना जाता है।
थकान कोर्टिसोल का लो स्तर, आपका तनाव हार्मोन और थकान का कारण बन सकता है। अक्सर लंबे समय तक तनाव के संपर्क में रहने से ये थकान हो सकता है।
हाइपोथायरायडिज्म अंडरएक्टिव थायराइड ग्रंथि थायराइड हार्मोन के कम उत्पादन के कारण हाइपोथायरायडिज्म का कारण बन सकता है। इसके अलावा टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज, हाइपरग्लेसेमिया, मोटापा, स्टेरॉयड का उपयोग, कोर्टिसोल बढ़ने के कारण भी होता है, जिससे हार्मोनल असंतुलन हो सकता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने अपनी एक नीति में बताया है कि किन बातों का ध्यान रखने पर बुढ़ापे में समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता। ये बातें आज के समय में भी प्रासंगिक हैं। आगे जानिए कौन-सी हैं वो बातें…
धन का सदुपयोग आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, बहुत से लोग बुढ़ापे के लिए पैसा बचाते हैं, लेकिन सिर्फ पैसा बचाना ही ठीक नहीं है। धन का सदुपयोग जो लोग करते है, वे ही बुढ़ापे में सुखी रहते हैं। सदुपयोग से अर्थ है इन्वेस्टमेंट। पैसो बचाने से तो वह उतना ही रहेगा, उसमें कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी, लेकिन जो लोग जवानी में पैसा सही जगह इन्वेस्ट करते हैं उन्हें बुढ़ापे में पैसों के लिए भटकना नहीं पड़ता।
जीवन में अनुशासन जो लोग जीवन में अनुशासन बनाकर रहते हैं, उन्हें भी बुढ़ापे में परेशानियां नहीं होती है। अनुशासन से अर्थ है जो लोग अपने शरीर का ठीक तरीके से ध्यान रखते हैं जैसे किसी तरह का कोई व्यसन नहीं करते और नियमित रूप से शरीर की जांच करवाते रहते हैं। साथ ही चिकित्सक की बातों को मानते हैं। ऐसे लोगों की सेहत बुढ़ापे में भी ठीक रहती है और वे खुश रहते हैं।
परिजनों का साथ बुढ़ापे में अगर परिवार वाले साथ हो तो किसी बात का कोई दुख नहीं रहता। लेकिन इसके लिए हमें जवानी में ही तैयारी करनी चाहिए। बच्चों को ऐसे संस्कार दें कि वह अपने बुजुर्गों का सम्मान करें और परिवार में सामंजस्य बनाकर रखें। बुढ़ापे में परिवार को खुशहाली और एकजूट देखने से बड़ी खुशी और कोई नहीं हो सकती।
मन में संतुष्टि कुछ लोगों के पास कितना भी पैसा हो और वे कितने भी तंदुरुस्त क्यों न हों, लेकिन उनके मन में संतुष्टि का भाव नही रहता। ऐसे लोग बुढ़ापे में तो क्या जवानी में भी खुश नहीं रहते। बुढ़ापा शरीर का अंत समय होता है, इस स्थिति में सभी को मन में संतुष्टि का भाव रखना चाहिए। तभी वह खुश रह सकता है। यही भाव जीवन के अंत समय में आपको ईश्वर से जोड़ता है।
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⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।
जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्दशी तिथि को होता है वह व्यक्ति नेक हृदय का एवं धार्मिक विचारों वाला होता है। इस तिथि को जन्मा जातक श्रेष्ठ आचरण करने वाला होता है अर्थात धर्म के मार्ग पर चलने वाला होता है। इनकी संगति भी उच्च विचारधारा रखने वाले लोगों से होती है। ये बड़ों की बातों का पालन करते हैं तथा आर्थिक रूप से सम्पन्न होते हैं। देश तथा समाज में इन्हें उच्च श्रेणी की मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।

