आज का पंचांग मंगलवार, 13 दिसम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 13 दिसम्बर 2022
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
आप सभी पर ईश्वर की असीम अनुकम्पा की वर्षा होती रहे।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
मंगलवार के व्रत से सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – पौष माह
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि- पञ्चमी 09:21 पी एम तक उसके बाद षष्ठी
✏️ तिथि स्वामी : पंचमी (पंचमी) के देवता हैं नागराज। इस तिथि में नागदेवता की पूजा करने से विष का भय नहीं रहता, स्त्री और पुत्र प्राप्ति होती है। यह लक्ष्मीप्रदा तिथि हैं।
💫 नक्षत्र : अश्लेशा – 02:33 ए एम, दिसम्बर 14 तक मघा
🪐 नक्षत्र स्वामी : अश्लेषा नक्षत्र : इस नक्षत्र का स्वामी बुध है। अश्लेषा नक्षत्र में जन्म होने पर जन्म राशि कर्क तथा राशि स्वामी चन्द्रमा, वर्ण ब्राह्मण, वश्य जलचर, योनि मार्जार, महावैर यानी मूषक, गण राक्षस तथा नाड़ी अन्त्य है।
🔊 योग : वैधृति – 06:55 ए एम, दिसम्बर 14 तक विष्कम्भ
⚡ प्रथम करण : कौलव – 08:05 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 09:21 पी एम तक गर
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से गुड़ खाकर जायें।
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक-11:51:56 से 13:11:19 तक
🤖 राहू काल : मंगलवार को दोपहर 3.00 से 4.30 बजे तक राहुकाल होता है राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय-7:03 A.M
🌅 सूर्यास्त– 5:38 P.M
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:16 ए एम से 06:10 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:43 ए एम से 07:05 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:55 ए एम से 12:36 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:59 पी एम से 02:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:15 पी एम से 05:39 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:26 पी एम से 06:48 पी एम
💧 अमृत काल : 12:45 ए एम, दिसम्बर 14 से 02:33 ए एम, दिसम्बर 14
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:48 पी एम से 12:43 ए एम, दिसम्बर 14
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 07:05 ए एम से 02:33 ए एम, दिसम्बर 14
❄️ रवि योग : 02:33 ए एम, दिसम्बर 14 से 07:06 ए एम, दिसम्बर 14
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में पंचमुखा दीपक प्रज्ज्वलित करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – महाराज छत्रसाल परमधाम दिवस, भारतीय अभिनेत्री स्मिता पाटिल स्मृति दिवस, भारत के भूतपूर्व 22वें मुख्य न्यायाधीश कमल नारायण सिंह जन्म दिवस, माल्टा – गणतंत्र दिवस, नागरिक सुरक्षा दिवस, माल्टा – गणतंत्र दिवस, नागरिक सुरक्षा दिवस, मूल जारी
✍🏽 विशेष – पंचमी तिथि को बेल का सेवन नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि पंचमी को बेल का सेवन करने से अपयश मिलता है। पंचमी तिथि को कर्ज भी नहीं देना चाहिए, पंचमी को कर्ज देने से धन डूब जाता है तथा धन के आगमन में भी रुकावटें आने लगती है
🛟 Vastu tips 🗽
वास्तु शास्त्र में कल हमने बात की थी आग्नेय कोण में सीढ़ियां बनाने के उपाय के बारे में और आज हम बात करेंगे सीढ़ियों के नीचे खाली जगह के बारे में। कई लोग घर बनवाते समय जगह बचाने के चक्कर में सीढ़ियों के नीचे पूजा घर, रसोई या बाथरूम बनवा देते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार सीढ़ियों के नीचे कभी भी पूजा घर, रसोई या बाथरूम का निर्माण नहीं करवाना चाहिए। सीधे शब्दों मे कहें तो सीढ़ियों के नीचे किसी भी ऐसी चीज का निर्माण नहीं करवाना चाहिए जो रोजमर्रा के कामों के लिए उपयोग में आती हो।
अगर आप वहां कुछ बनाना ही चाहते हैं तो एक स्टोर रूम बनवा सकते हैं, जिसमें आप एक्स्ट्रा सामान रख सकते हैं, जो कभी-कभी काम में आये। इसके अलावा कुछ लोग सीढ़ियों में जूते, चप्पल रखने के लिए रैक या अलमारी भी बनवा देते हैं, जो कि बिल्कुल गलत है और आप ही के लिए नुकसानदायक है। लाख उपाय के बाद भी कुछ न कुछ कमी रह ही जाती है इसलिए कल हम आपको सीढ़ियों के लिए कुछ वास्तु उपाय बतायेंगे।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
मूँगफली है शक्तिवर्धक आहार
मूँगफली का सेवन शरीर को शक्ति प्रदान करता है | बच्चों को यदि प्रतिदिन 20-25 ग्राम मूँगफली खिला दी जाय तो उन्हें पोषक आहार की कमी का अनुभव नहीं होगा | बच्चों के विकास के लिए मूँगफली, चने, मूँग आदि प्रोटीनयुक्त आहार उचित मात्रा में खिलाने चाहिए | इन्हें रात में भिगोकर सुबह बच्चों कि पाचनशक्ति के अनुसार देना चाहिए | पाचनशक्ति कमजोर होने पर इन्हें उबालकर भी खाया जा सकता है | इनके सेवन से कमजोरी दूर होती है एवं शरीर में शक्ति-संचय होता है | ये अधिक श्रम एवं व्यायाम करनेवालों के लिए विशेष लाभदायी हैं |
🤔 ध्यान दें : मूँगफली का सेवन अधिक मात्रा में न करें तथा मूँगफली खाने के तुरंत बाद पानी न पियें | इसे चबा-चबाकर, सेंक के अथवा पानी में भिगो के खाने से यह सुपाच्य हो जाती है | मूँगफली पानी भिगोकर खाने से उसकी गर्म तासीर भी कम हो जाती है | मूँगफली के तेल के जो गुण इस लेख में दिए गये है वे कच्ची घानी के तेल के हैं, न कि रिफाइंड तेल के | रिफाइंड तेल यहाँ दिए गये गुणों से विपरीत गुणोवाला होता है |
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
☝🏼 कुछ औषधीय प्रयोग
बवासीर : हल्दी को देशी गाय के घी में घिसकर बवासीर पर लगाने से दर्द में आराम मिलता है |
आँख आना : एक भाग हल्दी को 20 भाग पानी में उबाल के काढ़ा बना लें एवं छान के ठंडा कर लें | इसकी 2 – 2 बूँदे आँख में दिन में दो बार डालें | इस ठंडे काढ़े में भीगे हुए सूती कपड़े से आँखों को ढकें | इससे आँख कि वेदना कम होती है तथा कीचड़ आना भी कम होता है |
सुजाक रोग में : इसमें पेशाब गाढ़ा, वेदनायुक्त, बार-बार और थोडा-थोडा होता है | 200 मि.ली. पानी में 2 ग्राम हल्दी और 6 ग्राम आँवला चूर्ण मिलाकर धीमी आँच पर उबालें | पानी आधा शेष रहने पर छानकर गुनगुना पियें | इससे पेशाब की जलन कम होती है, पेशाब व मल साफ़ आने लगते हैं |
चोट एवं मोच होने पर : गिरने अथवा किसी प्रकार से अंदरूनी चोट पहुँची हो तो 1 – 2 ग्राम हल्दी को गुड़ के साथ खाने से अथवा दूध में हल्दी डालकर उबाल के लेने से दर्द में राहत मिलती है | अंदरूनी चोट व मोच पर हल्दी का गर्म लेप करने से भी लाभ होता है | चोट लगकर रक्तस्त्राव हो रहा हो तो हल्दी का चूर्ण लगाने से बह तुरंत बंद हो जाता है, घाव जल्दी भर जाता है व विषाणुओं के संक्रमण से रक्षा भी होती है |
📖 गुरु भक्ति योग 📖
आचार्य श्री गोपी राम की शास्त्र नीति में एक श्लोक के जरिए ये बताया गया है, कि जवानी हमेशा कैसे बनाई रखी जा सकती है. शास्त्र नीति के 17वें श्लोक में उस राज पर से पर्दा हटाया गया है. जिसको सब जानना चाहते हैं
अध्वा जरा मनुष्याणां वाजिनां बंधनं जरा ।
अमैथुनं जरा स्त्रीणां वस्त्राणामातपं जरा ।।
नीति शास्त्र के इस श्लोक में स्त्री, पुरुष और घोड़े के बुढ़ापे की वजह बतायी गयी है. तो अगर आप भी जवान रहना चाहते हैं, तो हमेशा इन बातों का ध्यान रखें. इस श्लोक में आचार्य कहते हैं कि लगातार चलते रहना आपको थका सकता है. ऐसा करने वाले स्त्री पुरुष जल्द बूढे हो जाते हैं।
लेकिन अगर किसी घोड़े को चलने नहीं दिया जाए और बांध कर रख दिया जाए. तो वो जल्दी बूढ़ा हो जाएगा. घोड़े की काबलियत ही दौड़ना है, ये उसके जवान रहने के लिए जरूरी है, ऐसा नहीं होने पर घोड़ा कमजोर हो जाता है और जल्द ही बूढ़ापे का शिकार हो जाता है।
एक स्त्री के जल्द बूढ़े होने का भी कारण बताया है. श्लोक में लिखा गया है कि जो स्त्री अपने पति के साथ प्रणय नहीं करती है वो जल्दी बूढ़ी हो जाती है. श्लोक के अंत में आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि किसी भी कपड़े को ज्यादा देर तक अगर धूप में रखा जाए तो वो पुराना हो जाता है. उसका रंग उतर जाता है और वो पुराना हो जाता है।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है। पञ्चमी तिथि बहुत ही शुभ मानी जाती है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति गुणवान होता है। इस तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह माता पिता की सेवा को ही सर्वश्रेष्ठ धर्म समझता है। इनके व्यवहार में उत्तम श्रेणी का एक सामाजिक व्यक्ति दिखाई देता है। इनके स्वभाव में उदारता और दानशीलता स्पष्ट दिखाई देती है। ये हर प्रकार के सांसारिक भोग का आनन्द लेते हैं और धन धान्य से परिपूर्ण जीवन का आनंद उठाते हैं।

