आज का पंचांग शनिवार, 03 दिसम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 03 दिसम्बर 2022
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
।। श्री हरि आप सभी का कल्याण करें ।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है।
पुराणों में वर्णित है कि पिप्पलाद ऋषि ने अपने बचपन में माता पिता के वियोग का कारण शनि देव को जानकर उनपर ब्रह्म दंड से प्रहार कर दिया, जिससे शनि देव घायल हो गए। देवताओं की प्रार्थना पर पिप्पलाद ऋषि ने शनि देव को इस बात पर क्षमा किया कि शनि जन्म से लेकर 16 साल तक की आयु तक एवं उनके भक्तो को किसी को भी कष्ट नहीं देंगे। तभी से पिप्पलाद का स्मरण करने से ही शनि देव के प्रकोप से मुक्ति मिल जाती है।
शिवपुराण के अनुसार शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि की पीड़ा शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : एकादशी – 05:34 ए एम, दिसम्बर 04 तक द्वादशी
🖍️ तिथि स्वामी : एकादशी व्रत के मुख्य देवता भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण या उनके अवतार होते हैं।
💫 नक्षत्र : रेवती – 06:16 ए एम, दिसम्बर 04 तक अश्विनी
🪐 नक्षत्र स्वामी : रेवती नक्षत्र के देवता पूषा हैं। इस नक्षत्र के प्रथम चरण के स्वामी गुरु हैं। जो जातक रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में पैदा हुआ होता है वो ज्ञानी होता है। साथ ही इसका लग्न नक्षत्र स्वामी बुध नक्षत्र चरण स्वामी से शत्रुता रखता है।
🔊 योग : व्यतीपात – 04:35 ए एम, दिसम्बर 04 तक वरीयान्
⚡ प्रथम करण : वणिज – 05:33 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : विष्टि – 05:34 ए एम, दिसम्बर 04 तक बव
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो अदरख एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🔥 शुभ गुलिक काल : शुक्रवार का शुभ गुलिक काल सुबह 7:30 बजे से सुबह 9:00 बजे तक
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:44:32
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:16:46
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:09 ए एम से 06:04 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:36 ए एम से 06:58 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:50 ए एम से 12:32 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 01:55 पी एम से 02:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:13 पी एम से 05:37 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:45 पी एम
💧 अमृत काल : 03:49 ए एम, दिसम्बर 04 से 05:27 ए एम, दिसम्बर 04
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:44 पी एम से 12:38 ए एम, दिसम्बर 04
❄️ रवि योग : 07:04 ए एम से 06:16 ए एम, दिसम्बर 04
☄️ व्यतिपात योग – भोर 4 बजकर 35 मिनट तक
💥 यायीजययोग – सुबह 5 बजकर 34 मिनट तक
🕉️ रेवती नक्षत्र – सुबह 6 बजकर 16 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को इमरती भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – मोक्षदा एकादशी व्रत (स्मार्त)/भद्रा, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जयन्ती, अन्तरराष्ट्रीय दिवस, खुदीराम बोस – स्वतंत्रता सेनानी जयन्ती, लांस नायक अल्बर्ट एक्का, परमवीर चक्र सम्मानित स्मृति दिवस, भोपाल गैस त्रासदी दिवस, विश्व विकलांग दिवस, मौनी एकादशी (जैन), गीता जयंती, मूल प्रारम्भ, पंचक समाप्त 30 : 15
✍🏽 विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात ढंदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं। यह दशमी तिथि धर्म प्रदान करने वाली तिथि भी माना जाता है। अर्थात इस दिन धर्म से संबन्धित कोई बड़े अनुष्ठान वगैरह करने-करवाने से सिद्धि अवश्य मिलती है। इस दशमी तिथि में वाहन खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दशमी तिथि को सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
इस दिशा में करवाएं सीढ़ियों का निर्माण
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर की पूर्व दिशा में सीढ़ियों का निर्माण नहीं करवाना चाहिए। पूर्व दिशा में सूर्य भगवान दर्शन देते हैं। मंदिर बनवाने के लिए भी घर की पूर्व या उत्तर दिशा को ही चुना जाता है, क्योंकि ये दिशाएं शुभ होती हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की पूर्व दिशा में सीढ़ियों का निर्माण कभी भी नहीं करवाना चाहिए। पूर्व दिशा में सीढ़ियां बनवाने से घर की सुख-शांति पर उल्टा असर पड़ता है। साथ ही घर के सदस्यों पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। इतना ही नहीं परिवार के लोगों को मिलने वाले अच्छे अवसर भी धीरे-धीरे हाथ से फिसल जाते हैं। इसके अलावा पूर्व दिशा में सीढ़ियों का होना हृदय रोग का कारक बनती हैं। तो घर बनवाते या खरीदते समय सीढ़ियों की दिशा का जरूर ख्याल रखें।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
जू लिन की एक्यू प्रेशर के विशेषज्ञ इस प्रेशर प्वॉइंट को गॉल ब्लैडर 41 भी कहते हैं। ये प्रेशर प्वॉइंट पंजे की सबसे छोटी और चौथी अंगुली के ठीक बीच में ऊपर की तरफ होता है। कहते हैं कि इस प्रेशर प्वॉइंट को कुछ मिनटों तक लगातार दबाने से न सिर्फ सिरदर्द, बल्कि पीरियड का दर्द और मेंस्ट्रुअल के दौरान होने वाला सिरदर्द भी दूर होता है।
फेंग ची इस एक्यू प्रेशर प्वॉइंट को गॉल ब्लैडर 20 कहा जाता है। ये एक्यू प्रेशर प्वॉइंट हमारी गर्दन पर पीछे की तरफ होते हैं। ये प्रेशर प्वॉइंट वहां होता जहां गर्दन की बड़ी मांसपेशियां सिर के बेसलाइन से जुड़ती हैं। डॉक्टर्स कहते हैं कि इन प्रेशर प्वॉइंट्स को कुछ मिनटों तक प्रेस करने से सर्दी, थकावट और माइग्रेन के दर्द से राहत मिल सकती है।
हे गु बॉडी का ये प्रेशर प्वॉइंट हाथ पर अंगूठे और इंडेक्स फिंगर के बीच में होता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो इस प्रेशर प्वॉइंट को कुछ मिनटों तक लगातार प्रेस करने से स्ट्रेस, टेंशन, दांत दर्द, फेस पेन और सिरदर्द से राहत मिलती है। हालांकि इस प्रेशर प्वॉइंट को प्रेग्नेंसी के दौरान प्रेस करना सुरक्षित नहीं माना जाता है।
🥒 आरोग्य संजीवनी 🫒
👅 जीभ की सफाई के लिए घरेलु नुस्खे
नमक- जीभ की सफाई के नमक बहुत ही अच्छा प्राकृतिक स्क्रब है। आप रात में सोने से पहले गुनगुने पानी में थोड़ा नमक मिला दें और इससे कुल्ला करें। इससे न सिर्फ आपकी जीभ की अच्छे से सफाई होगी, बल्कि इससे गले की खराश वगैरह भी ठीक होती है। आप चाहे तो टूथब्रथ के पिछले हिस्से में थोड़ा नमक लेकर भी जीभ की सफाई कर सकते हैं।
दही- जीभ में जमा फंगस, सफेद परत और गंदगी को हटाने के लिए दही को कारगर माना जाता है। दही में प्रो-बायोटिक होता है, इसे अगर अपनी जीभ पर रखकर मुंह को चलाएं और फिर पानी से कुल्ला कर लें। इससे जीभ पर जमी गंदी परत साफ हो जाती है।
बेकिंग सोड़ा- बेकिंग सोड़ा में नींबू का रस मिलाकर पेस्ट बनाएं और इसे अपनी ऊंगलियों से जीभ के ऊपर लगाते हुए स्क्रब करें और फिर पानी से कुल्ला कर लें। इससे जीभ में जमी सफेद परत हट जाती है।
हल्दी- हल्दी का इस्तेमाल आप जीभ की सफाई के लिए कर सकते हैं। यह बहुत अच्छा ऑप्शन होता है। हल्दी पाउडर को आप जीभ में छिड़ककर ब्रश के पिछले हिस्से से हल्का रगड़े और फिर गुनगुने पानी से इसे साफ कर लें। इससे सांसों की बदबू व अन्य समस्या से छुटकारा मिलता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने जहां लोगों के जीवन से जुड़े हर पहलू पर अपनी बात रखी है वहीं उन्होंने लोगों को जीलन जीने का सलीका भी अपने नीति शास्त्र में बताया है. किसी व्यक्ति को अपना जीवन कैसे बेहतर बनाना है इसके बारे में कई बातें बताई है. ऐसे में आप जीवन में आ रही छोटी-बड़ी हर समस्या का समाधान इसके जरिए कर सकते हैं.
हमारा मानना हैं कि देश के युवा ही देश का भविष्य हैं और राष्ट्र के निर्माण और विनाश दोनों ही स्थिति उनके साथ ही बनती है. ऐसे में हम कहते हैं कि किसी भी राष्ट्र की दिशा और दशा तय करने में युवाओं का अहम रोल है. ऐसे में अगर युवाओं का भविष्य बर्बद हुआ तो राष्ट्र का भविष्य बर्बद हो जाएगा. अग युवा राह भटक गए तो समाज और राष्ट्र का निर्माण नहीं बल्कि उसका विनाश होना तय है. ऐसे में युवाओं का भटकाव युवावस्था में होता है ऐसे में कई बातों पर युवा ध्यान दें तो वह अपना भविष्य भी संवार सकते हैं और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं. अगर युवा जवानी में कुछ गलतियों को करने से बचें तो उनका बुढ़ापा बेहतरीन गुजरेगा.
संगत : कहते हैं कि गलत संगती में पड़कर आप अपने मन, क्रम, वचन सबके पथ से भटक जाते हैं. आपका यह भटकाव समाज और राष्ट्र के साथ आपके भविष्य के लिए भी विनाशकारी है. ऐसे में अच्छी संगती में रहकर युवा अपने भविष्य के साथ राष्ट्र के निर्माण में भी योगदान दे सकते हैं. बता दें कि बुरी संगती में पड़े युवा कामवासना, व्यर्थ के लड़ाई-भगड़े, नशे की लत आदि के शिकार हो जाते हैं और यह उनको उनके लक्ष्य प्राप्ति के मार्ग में बाधा डालता है. ऐसी लतों में पड़े युवा इपनी सोचने समझने और विचार करने की शक्ति खो देते हैं और सफलता इनसे कोसों दूर चली जाती है. ऐसे में अगर लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित हो तो युवाओं का भविष्य संवरने के साथ उनका बुढ़ापा भी अच्छे से बीतेगा।
आलस्य एक युवा अगर परिश्रमी हो तो वह अपने श्रम से अपने भविष्य का निर्माण कर लेगा, लेकिन अगर वह आलस्य का शिकार हो तो उसकी जिंदगी में तूफान खड़ा हो जाएगा. सफलता उससे कोसों दूर चली जाएगी और वह राष्ट्र के लिए बोझ जैसा हो जाएगा. आलस्य मनुष्य का ऐसा शत्रु है जो उसके मार्ग में तमाम बाधाएं डालता रहता है. ऐसे में किसी को भी आलस्य करने से बचना चाहिए ताकि वह अपने भविष्य को संवार सके और इसके जरिए राष्ट्र निर्माण में सहयोग कर सके. कहते हैं आलस्य से भरे मनुष्य को विद्या नहीं मिलती और विद्या के बिना धन की प्राप्ति मुश्किल है
क्रोध अगर युवा अपने क्रोध पर काबू पा ले तो वह कई बिगड़ते काम भी बना सकता है. ऐसे मे जवानी में क्रोध आना सामान्य सी बात है लेकिन उसे रोके रखना सबसे जरूरी है. ऐसे में अगर गुस्से पर विजय प्राप्त कर लिया जाए तो सफलता की राह आसान हो जाती है. क्योंकि क्रोध बुद्धि को भ्रष्ट करता है और आपको भटकाकर गलत रास्ते पर ले जाता है.
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⚜️ दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस दशमी तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस दशमी तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।
दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेनेवाले जातक धर्म-अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।

