ज्योतिष

आज का पंचाग शनिवार 29 अक्टूबर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦ .
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 29 अक्टूबर 2022

शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
।। श्री हरि आप सभी का कल्याण करें ।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है।
पुराणों में वर्णित है कि पिप्पलाद ऋषि ने अपने बचपन में माता पिता के वियोग का कारण शनि देव को जानकर उनपर ब्रह्म दंड से प्रहार कर दिया, जिससे शनि देव घायल हो गए। देवताओं की प्रार्थना पर पिप्पलाद ऋषि ने शनि देव को इस बात पर क्षमा किया कि शनि जन्म से लेकर 16 साल तक की आयु तक एवं उनके भक्तो को किसी को भी कष्ट नहीं देंगे। तभी से पिप्पलाद का स्मरण करने से ही शनि देव के प्रकोप से मुक्ति मिल जाती है।
शिवपुराण के अनुसार शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि की पीड़ा शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – कार्तिक मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – चतुर्थी 8.13 AM तक तत्पश्चात पंचमी
✏️ तिथि का स्वामी – चतुर्थी तिथि के स्वामी विघ्नहर्ता गणेश जी और पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता जी है।
💫 नक्षत्र – ज्येष्ठा 9.06 AM तक तत्पश्चात मूल
🪐 नक्षत्र के स्वामी :- ज्येष्ठा नक्षत्र के देवता इंद्र एवं ज्येष्ठा नक्षत्र के स्वामी बुध देव जी है ।
📣 योग – अतिगण्ड 10.23 PM तक सुकर्मा योग के स्वामी, स्वभाव :- अतिगण्ड योग के स्वामी चंद्र देव जी लेकिन स्वभाव हानिकारक है।
प्रथम करण :- विष्टि :- 08:13 ए एम तक बव – 07:01 पी एम तक
द्वितीय करण :- बालव – 05:49 ए एम, अक्टूबर 30 तक कौलव
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 05:58:45
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:12:20
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:48 ए एम से 05:39 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:14 ए एम से 06:31 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:42 ए एम से 12:27 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 01:56 पी एम से 02:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:27 पी एम से 05:51 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:38 पी एम से 06:56 पी एम
💧 अमृत काल : 01:28 ए एम, अक्टूबर 30 से 02:58 ए एम, अक्टूबर 30
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:39 पी एम से 12:31 ए एम, अक्टूबर 30
❄️ रवि योग – आज सुबह 9 बजकर 6 मिनट तक
☄️ ज्येष्ठा नक्षत्र – आज सुबह 9 बजकर 6 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-जरूरतमंदों में काला कंबल दान करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – लाभ पंचमी, सूर्य षष्ठी व्रतारंभ, पंचमी (क्षय), देवुसिंह चौहान (भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ) जयंती, केशुभाई पटेल गुजरात के भूतपूर्व दसवें मुख्यमंत्री शहिद जयंती, विजेंद्र सिंह का जन्म दिवस, मूल संज्ञक नक्षत्र जारी
✍🏽 विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।
🌷 Vastu tips 🌹
वास्तु शास्त्र में आज आचार्य श्री गोपी राम से जानिए घर या ऑफिस में घोड़े की तस्वीर लगाने के बारे में। जीवन में सफलता और तरक्की पाने के लिए यदि वास्तु शास्त्र में दिए कुछ उपाय अपना लिए जाए तो आपकी मेहनत को चार चांद लग जायेंगे और आप अपने जीवन में हमेशा आगे बढ़ते रहेंगे। ऐसे में आज जानिए घर या ऑफिस में दौड़ते घोड़ों की तस्वीर या मूर्ति लगाने के बारे में। अगर आप अपने करियर को लेकर परेशान रहते हैं, अगर आपको लगता है कि सब कुछ करते हुए भी आप एक ही जगह स्थिर हैं।
अगर आपको जीवन में आगे बढ़ने के लिए मोटिवेशन की जरूरत है, तो घर में दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर जरूर लगाएं। घोड़ा शक्ति व ऊर्जा का प्रतीक होता हैं। घोड़े की तस्वीर देखते ही आलस्य दूर हो जाता है और अंदर एक ऊर्जा समाहित हो जाती है, लेकिन ध्यान रखे कि तस्वीर में घोड़ा दौड़ते हुए होना चाहिए और वो भी सामने की तरफ।
वहीं मूर्ति रखते समय ध्यान दें कि घोड़ा बिना लगाम के होना चाहिए। घोड़े की गति कभी भी बाधित नहीं होनी चाहिए। आप घोड़ों की तस्वीर को दिवार पर लगाने के अलावा अपने ऑफिस डेस्कटॉप की स्क्रीन पर भी लगा सकते हैं।
➡️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
घास पर नंगे पांव चलने के फायदे
मिलेगी मानसिक शांति सुबह-सुबह हरी घास पर नंगे पांव से चलने से व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है। कई रिपोर्ट्स में इस बात का खुलासा हो चुका है।
नींद में नहीं आएगा खलल आज के समय में हर दूसरा व्यक्ति खराब नींद से जूझ रहा है। ऐसे में आप भी सुकून की नींद लेने चाहते हैं तो आज से ही हरी घास पर नंगे पांव चलना शुरू कर दें। हर दिन कम से कम आधा घंटा घास पर जरूर टहलें।
दिल रहेगा सेहतमंद हर दिन घास पर नंगे पांव चलने से दिल को काफी फायदा मिलता है। घास पर चलने से हार्ट बीट और ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है।
आंखों के लिए भी है अच्छा नंगे पांव घास पर चलने से आंखें भी सेहतमंद रहती है। बताया जाता है कि घास पर चलने से आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।
🩸 आरोग्य संजीवनी 🍶
संगृहिणी रोग (पाचन क्रिया के गड़बड़ी का रोग )
औषधि –जायफल, लौंग, इलाइची, तेजपत्ता, दालचीनी, मागकेसर, सफ़ेद चन्दन, सफ़ेद तिल, कपूर, वंशलोचन, तगर, आवंला, तालिसपत्र, पीपल, हरर्र, मंगरैला, चीता, सोंठ, वायविडंग, कालीमिर्च- यह 20 औषधि 25-25 ग्राम चूर्ण करके छानने के बाद तौल ले।
500 ग्राम अच्छी भांग की पत्ती को गरम पानी में डालकर एक घंटे छोड़कर छान-निचोड़कर सुखा ले; फिर चूर्ण करके छान ले। यह चूर्ण 500 ग्राम होना चाहिए। फिर इन सबको मिलाकर एक किलो मिश्री का चूर्ण भी मिला दें। इसे चौड़े मुह के शीशी या चीनी मिट्टी के मर्तबान में रख ले।
👉🏼 मात्रा – 5 ग्राम शाम में शौच के बाद। मट्ठे के साथ या पानी के साथ लें।
👉🏼 लाभ-
इस औषधि से संग्रहिणी रोग, कब्ज, अतिसार, खासी, श्वाँस रोग, अरुचि, क्षय,आराम होता है।
यह औषधि अत्यंत कामावेग भी उत्पन्न करता है। नहीं चाहते, तो इसे बेलपत्र के शरबत के साथ ले।
स्त्रियों की लिकोरिया, एनीमिया, गर्भाशय विकार भी दूर होता है। रक्त की वृद्धि होती है। स्त्रियों को इसे चावलों के धोवन पानी या दूध के साथ लेना चाहिए।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम की नीतियां एक सफल जीवन के लिए बेहद जरूरी है। हमारी नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़े कठोर लगे मगर उन्हें अपने जीवन में आत्मसात किया जाए तो जीवन में सफलता हासिल हो सकती है। आज की नीति में हम जानेंगे की कौन सी चार चीजों के बारे में जो हर किसी व्यक्ति के लिए जानना जरूरी है।
”जहां आदर नहीं वहां जाना मत, जो सुनता नहीं उसे समझाना मत, जो पचता नहीं उसे खाना मत और जो सत्य पर भी रूठे उसे मनाना मत।”
आचार्य श्री गोपी राम ने अपने इस कथन में मनुष्यों को चार चीजों का अपने जीवन में ध्यान देने के लिए कहा है। इन चार चीजों को ध्यान देना अति आवश्यक है। हमारे कहने के मुताबिक, पहली चीज है जहां आदर नहीं वहां नहीं जाना चाहिए। दूसरी चीज है जो सुनता नहीं उसे समझाना व्यर्थ है। तीसरी चीज है जो पचता नहीं उसे खाना नहीं चाहिए। चौथी चीज है यदि जो सच पर रूठ जाए तो उसे मनाना नहीं चाहिए।
सबसे पहले बात करते हैं इस कथन में हमने कहा है कि जहां आदर नहीं वहां जाना मत। आचार्य श्री गोपी राम के इस कथन का मतलब है कि जहां पर भी आपका सम्मान ना हो वहां पर आपको कभी भी जाना नहीं चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि सम्मान को खोकर किसी भी व्यक्ति का सिर उठाकर जीना मुश्किल है। अगर कोई भी व्यक्ति आपके सम्मान को चोट पहुंचाए तो उसे उसका जवाब वही दें। अगर आपने एक बार भी इस बात को नजरअंदाज कर दिया तो सामने वाला हो सकता है कि आपको फिर से चोट पहुंचाने की कोशिश करें।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ आज चतुर्थी तिथि है। चतुर्थी तिथि के स्वामी देवताओं में प्रथमपूज्य भगवान गणेश जी माने गए हैं।
चतुर्थी को गणपित जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके, लड्डुओं या गुड़ का भोग लगाकर “ॐ गण गणपतये नम:” मन्त्र की एक माला का जाप अवश्य करें ।
चतुर्थी को गणेश जी की आराधना से किसी भी कार्य में विघ्न नहीं आते है, कार्यो में श्रेष्ठ सफलता मिलती है ।
चतुर्थी को गणेश जी के परिवार के सदस्यों के नामो का स्मरण, उच्चारण करने से भाग्य चमकता है, शुभ समय आता है
यदि चतुर्थी तिथि शनिवार को होती है तो वह सिद्धा कहलाती है। ऐसे समय में किया गया कार्य सिद्ध होता है।

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