ज्योतिष

आज का पंचाग सोमवार  17 अक्टूबर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501

.... ✦•••  *_जय श्री हरि_*  •••✦ …
🧾 *_आज का पंचाग_* 🧾           
सोमवार  17 अक्टूबर 2022

*_महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।_*
👣 *_17 अक्टूबर 2022 दिन सोमवार को प्रदोष कालाष्टमी व्रत है। आज अहोई अष्टमी (भारत के पश्चिमी क्षेत्रों में बड़ा ही प्रसिद्द व्रत है) का भी व्रत है। चन्द्रोदय व्यापिनी (चन्द्रोदय – रात्रि – 09:09 PM बजे) उड़ीसा में आज के दिन को प्रथामाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। सभी सनातनियों को प्रदोष कालाष्टमी एवं अहोई अष्टमी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।।_*
☄️ *_दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।_*
*_सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।_*
*_सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।_*
*_जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है ।_*
🔮 *_शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022_*
🌐 *_संवत्सर नाम-राक्षस_*
✡️ *_शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)_*
☸️ *_काली सम्वत 5123_*
☣️ *_सायन – दक्षिणायन_*
🌦️ *_ऋतु – सौर शरद ऋतु_*
🌤️ *_मास – कार्तिक माह_*
🌗 *_पक्ष – कृष्ण पक्ष_*
📆 *_तिथि – सप्तमी 9.29 AM तक तत्पश्चात अष्टमी_*
✏️ *_तिथि का स्वामी – सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देव जी और अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथ जी है I_*
💫 *_नक्षत्र : पुनर्वसु – 05:13 ए एम, अक्टूबर 18 तक पुष्य_*
🪐 *_नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी-   पुनर्वसु नक्षत्र के देवता अदिति (पृथ्वी देवी), बृहस्पति, एवं नक्षत्र के स्वामी गुरु बृहस्पति जी है।_*
🔉 *_योग – शिव 16.02 PM तक तत्पश्चात सिद्ध_*
🤷🏻‍♀️ *_योग के स्वामी :- शिव योग के स्वामी मित्र देव एवं स्वभाव श्रेष्ठ माना जाता है । सिद्ध योग के स्वामी भगवान कार्तिकेय जी और स्वभाव श्रेष्ठ माना जाता है।_*
⚡ *_प्रथम करण : – बव 9.29 AM तक_*
🤷🏻‍♀️ *_करण के स्वामी, स्वभाव :-  बव करण के स्वामी इंद्र देव और स्वभाव सौम्य है।_*
✨ *_द्वितीय करण : – बालव 22.44 PM तक तत्पश्चात कौलव_*
🤷🏻‍♀️ *_करण के स्वामी, स्वभाव :- बालव करण के स्वामी ब्रह्म जी और स्वभाव सौम्य है।_*
🔥 *_गुलिक काल : – दोपहर 1:30 से 3 बजे तक ।_*
⚜️ *_दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दर्पण देखकर, दूध पीकर जाएँ ।_*
🤖 *_राहुकाल -सुबह -7:30 से 9:00 तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।_*
🌞 *_सूर्योदय – प्रातः 05:52:18_*
🌅 *_सूर्यास्त – सायं 17:22:05_*
👸🏻 *_ब्रह्म मुहूर्त : 04:43 ए एम से 05:33 ए एम_*
🌇 *_प्रातः सन्ध्या : 05:08 ए एम से 06:23 ए एम_*
🌟 *_अभिजित मुहूर्त : 11:43 ए एम से 12:29 पी एम_*
✡️ *_विजय मुहूर्त : 02:01 पी एम से 02:46 पी एम_*
🐃 *_गोधूलि मुहूर्त : 05:38 पी एम से 06:02 पी एम_*
🌃 *_सायाह्न सन्ध्या : 05:50 पी एम से 07:05 पी एम_*
💧 *_अमृत काल : 02:31 ए एम, अक्टूबर 18 से 04:19 ए एम, अक्टूबर 18_*
🗣️ *_निशिता मुहूर्त : 11:41 पी एम से 12:32 ए एम, अक्टूबर 18_*
⭐ *_सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:13 ए एम, अक्टूबर 18 से 06:23 ए एम, अक्टूबर 18_*
💥 *_पुनर्वसु नक्षत्र – आज का पूरा दिन पार कर के अगली सुबह 5 बजकर 13 मिनट तक_*
🔱 *_शिव योग – आज शाम 4 बजकर 2 मिनट तक_*
☄️ *_वरीयान योग – आज दोपहर 2 बजकर 25 मिनट तक_*
🏎️ *_यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।_*
👉🏼 *_आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।_*
🤷🏻‍♀️ *_आज का उपाय-मंदिर में बताशे भेंट करें।_*
🪵 *_वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।_*
⚛️ *_पर्व एवं त्यौहार – अहोई अष्टमी व्रत, सौर कार्तिक मास प्रारंभ, अन्तरराष्ट्रीय निर्धनता उन्मूलन दिवस, राष्ट्रीय विधिक सहायता दिवस, विश्व आघात दिवस_*
✍🏽 *_विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।_*
🔰 *_जीवनोपयोगी कुंजियां_* ⚜️
*_यदि पूजाघर में खंडित मूर्ति या तस्वीर रखी है तो उसे तुरंट हटा दें। यह शुभ नहीं मानी जाती है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास हो जाता है।_*
*_विषम संख्‍या में मूर्ति : यदि पूजाघर में गणेशजी का विषम संख्या में मूर्ति रखी है तो उसे भी तुरंत हटा दें। विषम संख्या में और ज्यादा मूर्ति रखने से बनते हुए काम बिगड़ जाते हैं।_*
*_रौद्र रूप की तस्वीर : किसी भी देवी या देवता की रौद्र रूप की तस्वीर घर में नहीं लगाना चाहिए या पूजाघर में नहीं रखना चाहिए। इसे अनिष्टकारी माना जाता है।_*
*_एक से ज्यादा शंख : कहते हैं कि एक से अधिक शंख भी नहीं रखना चाहिए। ज्यादा शंख अशुभ माने जाते हैं। खंहित शंख भी नहीं होना चाहिए। एक को हटाकर किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें।_*
*_कटी-फटी धार्मिक पुस्तकें : इसके अलावा कटी-फटी धार्मिक पुस्तकें भी नहीं रखनी चाहिए।_*
*_निर्माल्य : निर्माल्य में बासी फूल, हार या अनुपयोगी पूजा सामग्री आती है। इन्हें भी तुरंत हटा देना चाहिए क्योंकि इससे घर में नकारात्‍मक ऊर्जा का वास_*
*_टूटे हुए चावल : घर के पूजाघर में कभी भी खंडित या टूटे हुए चावल न रखें। इसके साथ ही पूराने चावल भी न रखें। चावल को हल्दी में भिगोगर ही रखें।_*
*_पूर्वजों की तस्वीर : यदि आपने पूजाघर में अपने पूर्वजों या पितरों की तस्वीर रखी हैं तो उसे तुरंत हटा दें। वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में मृत परिजनों की तस्वीर रखना अशुभ माना जाता है। इससे बुरे परिणाम प्राप्त होते हैं._*
*_साधु-संतों के चित्र या मूर्ति : हिन्दू धर्म में सिर्फ देवताओं की पूजा का विधान है। पूजाघर में किसी साधु या संत की मूर्ति या चित्र न रखें। आप चाहें तो किसी दीवार पर इनके चित्र लगा सकते हैं_*
*_मूर्ति रखने का विधान : घर में 2 शिवलिंग, 3 गणेश, 2 शंख, 2 सूर्य, 3 दुर्गा मूर्ति, 2 गोमती चक्र और 2 शालिग्राम की पूजा करने से गृहस्थ मनुष्य को अशांति होती है। इसी के साथ ही माता काली, शनिदेव और भैरवजी की मूर्ति भी नहीं रखते हैं। माता लक्ष्मी की खड़ी हुई मूर्ति भी नहीं रखना चाहिए।_*
💉 *_आरोग्य संजीवनी_* 🩸
*_बढ़ती उम्र के साथ-साथ हड्डियों और मांसपेशियों पर भी इसका असर पड़ता है और यह धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। कमर दर्द और पीठ दर्द के लिए जिम्मेदार हैं। इसके अलावा ये परेशानी खराब लाइफस्टाइल, व्यायाम न करना, डायबिटीज का अनियंत्रित होना, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल इत्यादि स्पॉन्डिलाइटिस ये मुख्य वजहें हो सकती हैं।_*
*_रीढ़ की हड्डी के दर्द के लक्षण  जब रीढ़ की हड्डी में समस्या होती है तो इसमें सुन्नपन या झुनझुनी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। जकड़न, गर्दन दर्द, पीठ दर्द, कमर में दर्द, लिखते-पढ़ते समय परेशानी, भोजन करने में दिक्कत और चलने में कठिनाई जैसे गंभीर मामलों में टॉयलेट तक जाना भी मुश्किल काम लगने लगता है।_*
📖 *_गुरु भक्ति योग_* 🕯️
      *_इंसान के अंदर खूबियां क्या होनी चाहिए, उसे कैसा होना चाहिए, उसके आसपास कैसे लोग होने चाहिए या उसे किन से दूर रहना चाहिए, यह सब कुछ नीतियों में बताया गया है। ये नीतियां इंसान को जीवन में आगे बढ़ने, दुश्मनों और विपरीत परिस्थितियों से मुकाबला करने में बहुत मददगार होती हैं। आचार्य श्री गोपी राम ने हर इंसान को पांच चीजों से दूर रहने की सलाह दी है। ये पांच चीजें ऐसी हैं जो यदि किसी इंसान में हो तो किसी का जीवन कभी सुखमय नहीं हो सकता। ये चीजें इंसान के जीवन को मौत समान कष्ट देती हैं। तो आइए जानें क्या हैं ये 4 चीजें_*
          *_दूसरों का बुरा सोचना  जो इंसान दूसरों के बारे में सिर्फ बुरा सोचता है उसके साथ कभी अच्छा नहीं होता है। जिस इंसान के अंदर रिश्तों का महत्व न हो वह नर्क का भागी बन जाता है।अपने दोस्तों, सगे-संबंधियों से बैर रखना और उनसे दूरी बनाना एक दिन इंसान को भारी पड़ता है। बुरे वक्त में उसके साथ अपने भी नहीं खड़े होते। रिश्ते जीवन को सुंदर बनाते हैं और इंसान को रिश्तों के बीच जीना खुशमिजाज बनाता है। अपनों का नुकसान करना या उनका बुरा सोचना इंसान को अकेलेपन की ओर ले जाता है।_*
        *_कड़वा बोलना जिस इंसान की जबान मीठी न हो वह किसी का प्रिय नहीं हो सकता। कड़वी जुबान में अच्छी बात भी लोगों को बुरी लगती है और ऐसे लोगों को लोग हमेशा अपने से अलग रखते हैं।। कड़वी जुबान इंसान के संस्कार को बताती है, इसलिए किसी से बात करते हुए अपनी वाणी को मधुर रखना चाहिए।_*
        *_हर बात पर क्रोधित होना  जिस व्यक्ति के अंदर बहुत गुस्सा हो वह जीवन में कभी सुखी नहीं रह सकता। ऐसे इंसान किसी को खुश भी नहीं रख पाते। ऐसा लोग हमेशा चिड़चिड़े , दुखी और परेशान रहते हैं। उसका गुस्सा न केवल उसे अपनो से दूर कर देता है बल्कि उसके गुस्से से वो अपना सब कुहक खो भी सकते हैं। व्यक्ति क्रोध से बनी बनाई बात को बिगाड़ देता है_*
       *_अहंकारी सोच इंसान को हमेशा विनम्र होकर रहना चाहिए। जितना विनम्र होंगे उतना ही बड़ा बनेगें। अहंकार नर्क समान ही होती हैं, जिस घर में इसका वास होता है वहां कभी सुख और समृद्धि का वास नहीं होने पाता। ऐसे घरों में रिश्ते भी जरूरत पर टिके होते हैं। इसलिए कोई अपना नहीं होता। अहंकारी सोच इंसान को अपराध की ओर ले जाता है। इसलिए अहंकार से दूर रहना चाहिए।_*
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⚜️  *_सप्तमी के स्वामी भगवान सूर्य देव हैं। इस दिन आदित्यह्रदय स्रोत्र का पाठ अवश्य करें।_*

*_सप्तमी को काले, नीले वस्त्रो को धारण नहीं करना चाहिए। सप्तमी का विशेष नाम ‘मित्रपदा’ है।_*
*_सप्तमी तिथि को शुभ प्रदायक माना गया है, इस तिथि में जातक को सूर्य का शुभ प्रभाव प्राप्त होता है ।_*
*_सप्तमी के दिन भगवान सूर्य देव के मन्त्र “ॐ सूर्याय नम:”।। की एक माला का जाप अवश्य ही करें ।_*
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सप्तमी तिथि को मां कालरात्रि की पूजा का भी दिन माना जाता है, जो समस्त संकटो का नाश करने वाली हैं। अत: इस दिन माँ काली की आराधना, स्मरण अवश्य करें ।
सप्तमी के दिन माँ काली जी के मन्त्र “ॐ क्रीं काल्यै नमः” का जाप करने से समस्त भय और संकट दूर होते है।

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