आयुर्वेदिक डाॅक्टर को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में कर दिया पदस्थ
मूल पदस्थापना आयुर्वेद चिकित्सालय में, सेवाएं दे रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । राजनीतिक रसूख, ऊपर तक पहुंच हो तो उस पर कोई भी नियम लागू नहीं होता है और तमाम नियमों को दरकिनार कर वह अपने हिसाब से अपनी नौकरी करता रहता और यदि ट्रांसफर हो भी जाये तो पुनः वहीं वापसी हो जाती है। दरअसल ये किसी फिल्म का किस्सा नहीं है बल्कि एक डाॅक्टर के यर्थात जीवन से जुड़ा किस्सा है जो अपने हिसाब से नियम विरुद्ध तरीके से अपनी डयूटी कर रहा है।
यह पूरा मामला ढीमरखेड़ा तहसील अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ढीमरखेड़ा से जुड़ा है जहां पर डाॅक्टर जितेन्द्र बंसल अपनी सेवाएं दे रहे है यहां पर मजेदार बात यह है कि उक्त डाॅक्टर की मूल पदस्थापना आयुर्वेद चिकित्सालय ढीमरखेड़ा में है लेकिन इनके द्वारा नियमों को धत्ता बताते हुये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ढीमरखेड़ा में अपनी सेवाएं दी जा रही है।
महिला स्टाॅफ की शिकायत पर हुआ था ट्रांसफर
सूत्रों ने बताया कि डाॅक्टर जितेन्द्र बंसल शुरु से ही विवादित रहा है और उसके विरुद्ध प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ढीमरखेडा में पदस्थ महिला स्टाॅफ के द्वारा शिकायत भी की गई थी। उपरोक्त पूरे घटनाक्रम के बाद डाॅक्टर जितेन्द्र बंसल पर अधिकारियों के द्वारा मेहरबानी करते हुये उसे कुछ दिनों के लिये सुनियोजित तरीके से विजयराघवगवढ स्थानांतरित कर दिया गया । लिहाजा डाॅक्टर साहब का यहां पर मन नहीं लगा और इनके द्वारा अपने राजनीतिक रसूख का प्रयोग करते हुये अपनी ट्रांसफर विजयराघवगवढ से चंद दिनों पश्चात ही ढीमरखेड़ा करा लिया गया। यहां पर एक सवाल यह भी उठता है कि आखिर ढीमरखेड़ा स्वास्थ्य केन्द्र में ऐसे कौन सी बात है जो डाॅक्टर जितेन्द्र बंसल को पसंद आ रही है।
पदस्थापना दूसरे जगह, सेवाएं दे रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में
उक्त पूरे मामले में एक आश्चर्यजनक बात यह भी सामने आ रही है कि डाॅक्टर जितेन्द्र बंसल की मूल पदस्थापना आयुर्वेद चिकित्सालय ढीमरखेड़ा में है लेकिन इनके द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ढीमरखेड़ा में अपनी डयूटी की जा रही है। जबकि शासन द्वारा ऐसे कोई प्रावधान निहित नहीं किये गये है कि कोई आयुर्वेदिक डाॅक्टर, स्वास्थ्य केन्द्र में भी अपनी सेवा दे सकता है इसके बाद भी आखिर किसके आदेश से डाॅक्टर जितेन्द्र बंसल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ढीमखेड़ा में नौकरी कर रहा है यह समझ से परे है। यहां पर यह भी उल्लेखनीय है कि डाॅक्टर जितेन्द्र बंसल हमेशा विवादित रहा है जिसकी समय-समय पर संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की जाती रही है लेकिन अधिकारियों द्वारा जानबूझ कर उस पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। बहरहाल उक्त पूरे मामले को क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर, संभाग जबलपुर को अवगत कराया गया है। उनके द्वारा जिला में पदस्थ अधिकारियों से इस संबंध में जवाब तलब किया गया है और जल्द ही इस मामले में कार्यवाही का आश्वासन दिया गया है।
इस संबंध में संजय मिश्रा, क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर, संभाग जबलपुर का कहना है कि आपके माध्यम से इस बात की जानकारी प्राप्त हुई है। इस मामले में मैं संबंधित अधिकारियों से बात करता हूं कि आखिर एक आयुर्वेदिक डाॅक्टर किस आधार पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ढीमरखेड़ा में पदस्थ किया गया है।



