आयुष डॉक्टर ने किय एलोपैथिक इलाज, महिला की जिंदगी हुई खराब
तीन महीने की गर्भवती महिला का बिना सोनोग्राफी की रिपोर्ट पढ़े अंग्रेजी दवाइयों से इलाज कर दिया
रायसेन। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी के गृह जिला और उनकी विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग पर ही नियंत्रण नही है। स्वास्थ्य विभाग के नित नये कारनामे उजागर हो रहे है। ऐसा ही एक मामला फिर मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है।
रायसेन में एक बार फिर हमेशा विवादों में रहने बाली आयुष डॉक्टर सीमा चौधरी ने 3 महीने की गर्भवती महिला का बिना सोनोग्राफी की रिपोर्ट पढ़े अंग्रेजी दवाइयों से इलाज कर दिया जिससे महिला की हालत बिगड़ती गई विदिशा के मेडिकल कॉलेज में महिला का हुआ ऑपरेशन तो वहीं मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने आयुष डॉक्टर के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराने भेजा आवेदन, डॉ सीमा चौधरी ने आयुष की डॉक्टर होने के बाबजूद भी अंग्रेजी दबाइयों से कर दिया महिला का इलाज बड़ी मुश्किल से बची महिला यशोदा प्रजापति की जान, वह अब कभी नही बन पाएगी माँ।
जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो फिर क्या किया जाए जिन डॉक्टरों के ऊपर जान बचाने की जिम्मेदारी होती है अगर वही डॉक्टर जान लेने की कोशिश करने लगे तो फिर क्या हो,हम बात कर रहे हैं हमेशा विवादों में रहने बाली आयुष डॉक्टर सीमा चौधरी की जिन्होंने आयुष ( आयुर्वेद ) से इलाज ना करते हुए एक गर्भवती महिला के गर्भ को गिराने के लिए बिना सोनोग्राफी की रिपोर्ट पढ़े इलाज कर दिया जिससे गर्भवती महिला यसोदा की हालत बिगड़ती गई उसके बाद परिजन यशोदा को तत्काल जिला अस्पताल ले गए जहां के डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया इसके बाद परिजन उसे विदिशा के मेडिकल कॉलेज ले गए जहां डॉक्टरों की टीम ने बारीकी से जांच करने के बाद पाया कि आयुष डॉक्टर सीमा चौधरी के द्वारा गलत इलाज करने के कारण गर्भवती महिला यशोदा की हालत बिगड़ी है। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने आयुष डॉक्टर सीमा चौधरी के खिलाफ कार्यबाही करने के लिये विदिशा थाने में आवेदन दिया फिर गर्भवती महिला यासोदा का ऑपरेशन किया, यशोदा के पेट में से कई आंतों को काटकर बाहर निकाला गया, वही परिजन अब इस आयुष डॉक्टर पर कार्रवाई के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं तो बड़ी आयुष डॉक्टर इन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रही है परिजनों ने इस आयुष डॉक्टर की शिकायत रायसेन कलेक्टर अरविंद कुमार दुबे से भी की तो वही स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभु राम चौधरी जिनका यह गृह जिला और विधानसभा क्षेत्र भी है उनसे भी इस महिला आयुष डॉक्टर पर कार्यबाही की गुहार लगाई है तो वहीं इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभु राम चौधरी जांच करा कर कार्यवाही की बात कर रहे हैं।
पीड़ित यशोदा का कहना है कि आयुष डॉक्टर सीमा चौधरी ने अंग्रेजी दवाइयों से मेरा इलाज किया जिसके बाद मेरी तबीयत बिगड़ने लगी और रात में हरी हरी उल्टियां हुई इसके बाद उक्त महिला डॉक्टर ने मुझे गर्भ गिराने के लिए दवाइयां भी दी और बाटल में मिलाकर इंजेक्शन भी लगाया।परिजन अब इस महिला आयुष डॉक्टर सीमा चौधरी पर कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। यशोदा के ससुर रामकरण प्रजापति का कहना है कि जब इस महिला डॉक्टर को अंग्रेजी दवाइयों से इलाज करने की मनाही है तो क्यों इनके द्वारा मेरी बहू का अंग्रेजी दवाइयों से इलाज किया गया वही यशोदा के पति कल्लू प्रजापति का कहना है कि अब मेरी पत्नी कभी मां नहीं बन पाएगी ऐसी स्थिति में इस महिला आयुष डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई होना चाहिए जिससे यह आगे चलकर किसी अन्य महिला की जिंदगी बर्बाद ना कर सके।





