खून से रंगतीं सड़कें, चालानी कार्रवाई बनी दिखावा: बजरंग दल

तेवरी और लमतरा हादसों पर प्रांत सह-संयोजक राहुल दुबे ने जताया कड़ा विरोध, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । जिले में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उनमें हो रही मासूमों व आम नागरिकों की मौत को लेकर अब जनाक्रोश भड़कने लगा है। हाल ही में हुए दो भीषण सड़क हादसों के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इन घटनाओं को लेकर बजरंग दल के प्रांत सह-संयोजक राहुल दुबे ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए प्रशासन को आड़े हाथों लिया है।
*दो दिनों में उजड़ गए कई परिवार*
गौरतलब है कि बीते दो दिनों के भीतर जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर दर्दनाक सड़क हादसे सामने आए हैं।
पहला हादसा: विगत दिनों लमतरा ओवरब्रिज के पास एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें 4 लोगों की असमय मौत हो गई और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
दूसरा हादसा: सोमवार को फोरलेन तेवरी बायपास पर एक और दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो मासूम युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इन हादसों ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है।
*वसूली का धंधा बनी चालानी कार्रवाई राहुल दुबे*
इन हृदयविदारक घटनाओं पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए बजरंग दल के प्रांत सह-संयोजक राहुल दुबे ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और घायलों व परिजनों के प्रति संवेदना जताई। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस और यातायात विभाग पर तीखा हमला बोला।
“आज चालानी कार्रवाई के नाम पर पुलिस मात्र जुर्माना वसूलने में व्यस्त है। क्या लोगों की जान इतनी सस्ती हो गई है कि जिले की कानून व्यवस्था को इससे कोई फर्क ही नहीं पड़ता? सड़कों पर दौड़ रहे भारी वाहनों के चालकों में पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है। यही वजह है कि आए दिन निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।”
*प्रशासन को दी चेतावनी सुधारें व्यवस्था, वरना सड़कों पर उतरेगा बजरंग दल*
राहुल दुबे ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को खुली चुनौती देते हुए यातायात व्यवस्था में तत्काल सुधार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर स्पष्ट रूप से दिखने वाले रेडियम वाले साइन बोर्ड लगाए जाएं, ताकि रात के समय हादसों को रोका जा सके।
चालानी कार्रवाई को ‘कमाई का जरिया’ बनाने के बजाय सड़क सुरक्षा और नियमों का पालन कराने के लिए कड़ाई से लागू किया जाए।
*बड़ी चेतावनी*
बजरंग दल के नेता ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि प्रशासन ने इन बेलगाम दौड़ते वाहनों और खराब यातायात व्यवस्था पर अंकुश नहीं लगाया, तो बजरंग दल का एक-एक कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।



