बारिश में धसका बेलकुण्ड नदी का किनारा, सीसी सड़क समाई, मकानों में आई दरारें
ढीमरखेड़ा तहसील के घुघरी गांव का मामला, नदी किनारे बसे एक दर्जन परिवारों को बढ़ा खतरा, बारिश में हुआ मिट्टी का कटाव तो नदी में समा सकते है दर्जनों मकान, पहले भी हो चुका हैं इस तरह का हादसा
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । मानसून की पहली बारिश में ही उमरियापान के समीप घुघरी गांव में बेलकुण्ड नदी का किनारा धसक गया है। इतना ही नही घुघरी के वार्ड नं.2 में बनाई गई सीसी सड़क भी नदी में समा गई है। अब बेलकुण्ड नदी के किनारे रहने वाले दर्जनों परिवारों को खतरा बढ़ गया है। यहाँ बारिश के दिनों नदी की मिट्टी का कटाव होने से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
गांव के विनोद बर्मन, राजेन्द्र रजक, गोवर्धन बर्मन, गिरधारी लाल चक्रवर्ती, अशोक चक्रवर्ती, मथुरा चक्रवर्ती, कोमल कोरी, मुकेश कोरी, विनोद कोरी, सरिता बाई चक्रवर्ती सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र के घुघरी गांव से बेलकुण्ड नदी निकली है। गांव में नदी के किनारे 60 परिवार निवासरत हैं। रविवार से शुरू हुई बारिश के चलते नदी के किनारे की मिट्टी और सीसी रोड़ धसकने से इन परिवारों को खतरा बढ़ गया है। नदी के किनारे बने कई मकानों की दीवारों में दरारें आ गई है।सड़क भी जर्जर हो गई है।अब लोंगों के आवागमन के लिए रास्ता बन्द हो गया है। आज की स्थिति में वार्ड नं 2 के करीब एक दर्जन से अधिक लोंगों के घरों में खतरा है।अगर इन्हें खाली नही कराया गया तो ये घर कभी भी नदी में समा सकते हैं। लोंगों को रहने के लिए दूसरा मकान न होने से यहाँ के लोग अब दूसरी जगह रहने के लिए जुगाड़ लगा रहे हैं।
पहले भी धसक चुका है नदी का किनारा- साल 2016-17 में भी नदी का किनारा धसक गया था। सीसी सड़क भी नदी में समा चुकी थी। हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने 6 मकानों को खाली कराया था। 17 परिवार के लोगों को दूसरे जगह रहने के लिए व्यवस्था की थी। तत्कालीन विधायक मोती कश्यप ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर नदी के बहाव की दिशा परिवर्तित करने की योजना बनाई। साल 2020-21 में करीब 65 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुए। ठेकेदार ने नदी डायवर्सन का काम शुरू किया, लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया है।जिसके चलते अब भी ग्रामीणों की समस्या बनी हुई है।
इन परिवारों को हैं समस्या:- घुघरी के वार्ड नं 2 में निवासरत गंगो बाई बर्मन, अशोक कुमार चक्रवर्ती, रवि चक्रवर्ती, माथुर चक्रवर्ती, लखनलाल चक्रवर्ती, चंदन चक्रवर्ती, मिश्रीलाल चक्रवर्ती, रतनलाल चक्रवर्ती, गिरधारी लाल चक्रवर्ती, मिथुन चक्रवर्ती सहित अन्य लोगों के घरों की समस्या बारिश में है। अगर बारिश में दुबारा मिट्टी का कटाव हुआ तो इन परिवारों को ज्यादा समस्या होगी। इन लोगों के घरों में दरारें भी आ चुकी है।
इस संबंध में विनोद पाण्डेय सीईओ जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा का कहना है कि उपयंत्री को मौके पर घुघरी भेजकर स्थिति को दिखवाते हैं। लोंगों की सुविधा के लिए जो भी किया जा सकता है। उसकी योजना बनाकर काम कराया जाएगा।
विन्की सिंहमारे, एसडीएम ढीमरखेड़ा का कहना है कि घुघरी में बारिश से मिट्टी कटाव के चलते जिन मकानों में दरारें आ चुकी हैं, सर्वे कार्य कराया जाएगा। जिनको खतरा है,उन्हें बारिश में अन्य दूसरी जगह शिफ्ट कराया जाएगा। ताकि किसी को कुछ नुकसान नहीं हो।



