कनक वेयर हाउस में खरीदी हजारों क्विंटल अमानक मूंग
जिम्मेदार कार्यवाही करने के नाम पर सिर्फ दे रहे नोटिस
अमानक मूंग के कारण भुगतान अटका, किसान परेशान
रिपोर्टर : शिवकुमार साहू सिलवानी। इन दिनों प्रदेश सरकार ग्रीष्म कालीन मूंग की खरीदी की जा रही है। सिलवानी तहसील में 7 खरीदी केन्द्रों पर किसानों से मूंग खरीदने हेतु विभिन्न वेयर हाउसों को खरीदी केन्द्र बनाया गया था। ग्राम कीरतपुर के कनक वेयर हाउस में सर्वेयर, वेयर हाउस संचालक, समिति की मिलीभगत से हजारों क्विंटल अमानक मूंग को खरीद कर शासन को लाखों रुपए का चूना लगाया गया। जब इसकी शिकायत की गई तो कलेक्टर ने संयुक्त जांच दल भेजकर जांच कराई और मौके पर पंचनामा बनाया गया। जांच दल ने अपने पंचनामें में उल्लेख किया है कि कनक वेयर हाउस में नाॅन एफएक्यू अमानक मूंग को बड़ी मात्रा में पाये जाने पर तत्काल सर्वेयर नीरज मसकोले को निलंबित किया गया था एवं समिति प्रबंधक, वेयर हाउस मालिक को कड़ी फटकार लगाते हुए नोटिस जारी कर जबाव मांगा गया था। एवं नाॅन एफएक्यू अमानक मूंग को एफएक्यू मानक मूंग कर स्टिक लगाने के निर्देश दिये थे। और नहीं करने की दशा में कनक वेयर हाउस को ब्लेक लिस्ट करने और समिति प्रबंधक एवं सर्वेयर पर कार्यवाही करने की बात कही गई थी।
कलेक्टर अरविन्द दुबे के निर्देश पर संयुक्त जांच दल में सहकारिता विभाग के आयुक्त छविकांत वाघमारे, जिला विपणन संघ अधिकारी नीरज भार्गव, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित रायसेन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नीरज भार्गव, उप संचालक कृषि विभाग एनपी सुमन एवं नेफेड अधिकारी को शामिल थे। जांच दल ने 21 जुलाई 23 को कनक बेयर हाउस का निरीक्षण कर पंचनामा बनाया गया था। इस निरीक्षण के दौरान प्रथम दृष्टि में सर्वेयर दोषी पाए गए जिनके द्वारा नानएफक्यू मूंग पास की जा रही थी जिस पर संयुक्त दल टीम के द्वारा तत्काल सर्वेयर की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया। समिति प्रबंधक और वेयर हाउस संचालक की लापरवाही उजागर हुई थी जिसमें नान एफएक्यू मूंग खरीदी के लिए साफ करने के लिए चलना होना अनिवार्य था परंतु ऐसा नहीं पाया गया था वही 26 जुलाई को नोटिस जारी कर दो दिन में जबाब मांगा गया था। लेकिन वेयर हाउस संचालक ने अपने राजनीतिक रसूख की दम पर वेयर हाउस में खरीदी अमानक मूंग को मानक स्तर करने के नाम पर वेयर हाउस में सिर्फ रस्म अदायगी की जा रही है। आमनक मूंग को एक स्टिक से दूसरे स्टिक में स्थानांतरण कर प्रशासन की आंखों में धूल झोकी जा रही है।
स्टिक में अमानक मूंग पाये जाने के कारण टीसी एवं डब्ल्यूएचआर पास नहीं हो पा रही है जिससे किसानों को अपनी उपज का राशि नहीं मिल रही है। वेयर हाउस मालिक एवं सर्वेयर की मिलीभगत के कारण किसानों की अच्छी उपज की राशि भी प्राप्त करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
प्रशासन द्वारा कनक वेयर हाउस को मूंग खरीदी केन्द्र बनाने के पूर्व स्थल निरीक्षण नहीं किया गया। बरसात में मूंग तुलाई के लिए किसानों के वाहन फंसते रहे और मुख्य सड़क पर वाहन खड़े होकर वेयर हाउस तक हम्मालों के माध्यम से ले गये। वही वेयर हाउस में किसानों की सुविधा के नाम पेयजल तक उपलब्ध नहीं कराया गया। और सुविधाओं की बात छोड़िये।
मानक मूंग का मापदण्ड
मानक यानि एफएक्यू में 2 प्रतिशत मिट्टी, 3 प्रतिशत दाल, 12 प्रतिशत नमी के साथ अन्य मिश्रित के साथ 19 प्रतिश त को मानक मूंग मान्य किया गया है। सर्वेयर द्वारा किसान के मूंग के ढेर में से सेम्पल लेकर 100 ग्राम मूंग में उक्त पैमाना नापा जाता है। 19 प्रतिशत से अधिक होने पर मूंग को अमानक मूंग की श्रेणी में आने पर खरीदी नहीं की जा सकती है। किसान को मूंग में छन्ना एवं स्पायलर में साफ सफाई करने का बोला जाता है।
जिम्मेदारों ने क्या कहा…
इस संबंध में सिलवानी मार्फेड प्रभारी अतुल भार्गव का कहना है कि कनक वेयर हाउस में रेण्डम सैम्पल के आधार पर लगभग 3000 बोरी नान एफएक्यू मूंग पाई गई। अमानक मूंग खरीदी में वेयर हाउस मालिक एवं सर्वेयर की पूर्ण जिम्मेदारी है। सर्वेयर को निलंबित कर दिया है। आगे की कार्यवाही के लिए वरिष्ट कार्यालय प्रतिवेदन भेजा जा रहा है।
अवधेश गौर शाखा प्रबंधक एमपीडब्ल्यूएलसी सिलवानी का कहना है कि कनक वेयर हाउस कीरतपुर में जांच में नान एफएक्यू मूंग पाई गई थी रेण्डम सैम्पल में औसत चार बोरी में से एक बोरी नाॅन एफएक्यू की थी। मूंग को पास करना सर्वेयर का काम है। मूंग एफएक्यू होने के बाद वेयर हाउस में जमा कर ली जावेगी।
वहीं कनक वेयर हाउस मालिक जलज जैन का कहना है कि संयुक्त जांच दल ने निरीक्षण किया था जिसमें कुछ बोरिया नाॅन एफएक्यू पाई गई थी जिसका सफाई का कार्य चल रहा है। मूंग खरीदी में नाॅन एफएक्यू मूंग में मेरी कोई जबाबदारी नहीं है एफएक्यू मूंग की जांच के लिए शासन द्वारा सर्वेयर नियुक्त किया है। मेरे द्वारा अभी तक डब्ल्यूएचआर जारी नहीं की गई है।



