करोड़ो का चूना लगाने वाले सेमरी पेयजल योजना के ठेकेदार पर हो एफआईआर, सख़्त कार्रवाई के लिए नागरिको ने सौंपा ज्ञापन
घटिया निर्माण और सुस्त मेंटेनेंस का न किया जाए भुगतान
मांगे पूरी नही होने पर नागरिक करेंगे आंदोलन
रिपोर्टर : संजय द्विवेदी
गैरतगंज। नगर में पेयजल सप्लाई सुदृण बनाने के उद्देश्य से चालू की गई सेमरी पेयजल योजना में नपा के ठेकेदार ने करोड़ो का चूना लगाया है। घटिया सामग्री का उपयोग कर पूरी योजना को नगरवासियो के लिए सुविधा की जगह परेशानियों का सबब बना दिया है। जिसके चलते नगरवासी अब आंदोलन की राह पर है। बुधवार को बड़ी संख्या में नागरिकों ने इकट्ठे होकर सीएमओ को एक ज्ञापन सौंपा है।
नगर के विभिन्न वार्डो से बड़ी संख्या में एकत्रित हुए नगरवासियो ने नगर परिषद की सीएमओ रितु मेहरा को एक ज्ञापन सौंपा है। नगरवासियो ने ज्ञापन के माध्यम से बताया है कि सेमरी पेयजल योजना में ठेकेदार ने अपनी मनमर्जी से कार्य किया है।
अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं तकनीकी अमले के होने के बावजूद ठेकेदार योजना करोड़ो में करोड़ो की चपत लगाने में कामयाब रहा है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार द्वारा उपयोग की गई पाइपलाइन घटिया स्तर की है। पाइपलाइन के नीचे बेस नही डाला गया।
वही बिजली की व्यवस्था भी नियमानुसार नही की जिसके चलते नगरवासियो को पेयजलापूर्ति कई कई दिनों तक नही हो पाती।
योजना को चालू किये 2 वर्ष हो गए पर सुविधा की जगह नगरवासी परेशान हुए है। नगरवासियो ने ज्ञापन सौंपकर ठेकेदार द्वारा किये गए घटिया निर्माण एवं शासन की राशि के दुरुपयोग मामले में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की अपील की है।
उन्होंने ज्ञापन की कॉपी कलेक्टर, एसडीएम एवं नपाध्यक्ष गैरतगंज को भी भेजी है।
मेंटेनेंस का रोका जाए भुगतान
नगरवासियो ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि ठेकेदार ने योजना में तो करोड़ो का चूना लगाया है पर मेंटेनेंस भी वह सड़को को खोदने से नपा को लाखों का चूना लगा रहा है। लगातार शिकायतों के बाद अधिकारियों ने भी कोई कार्रवाई नही की। ऐसे में अब ठेकेदार का मेंटेनेंस का भुगतान रोका जावे। नगरवासियो ने चेतावनी दी कि ठेकेदार का यदि भुगतान होता है तो नगरवासी आंदोलन पर विवश होंगे तथा इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
नागरिकों के समर्थन में नई परिषद
सेमरी पेयजल योजना में हुई गड़बड़ी के प्रति नगर परिषद की नवीन परिषद में भी ठेकेदार के खिलाफ विरोधाभास व्याप्त है।
नगर परिषद में नवनिर्वाचित होकर आए अधिकतर जन प्रतिनिधियों ने नागरिकों का समर्थन करते हुए ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। तथा उन्होंने नगरवासियो को यह भी आश्वासन दिया है कि परिषद की बैठक में ऐसा कोई निर्णय नही लिया जाएगा जिसमे ठेकेदार का पैमेंट हो या उसे कोई रियायत दी जावे।



